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Mount Everest: नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारतीय पर्वतारोही काम्या को किया सम्मानित, जानें पूरा मामला
Wed, 29 May 2024 07:10 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 29 May 2024 07:10 PM IST
सार
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी 8848.86 मीटर पर पहली बार चढ़ाई को चिह्नित करने के लिए हर साल 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है।
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पर्वतारोही
- फोटो : PTI
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विस्तार
नेपाल के मार्ग से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाली भारत की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही काम्या कार्तिकेयन को बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस पर एक विशेष समारोह में सम्मानित किया।
क्यों मनाया जाता है एवरेस्ट दिवस?
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी 8848.86 मीटर पर पहली बार चढ़ाई को चिह्नित करने के लिए हर साल 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है। 1953 में नेपाल के तेनजिंग नोर्गे और न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी के एवरेस्ट पर चढ़ने के 71 साल बाद, 8,000 से अधिक लोग इसकी चढ़ाई कर चुके हैं।
काम्या ने नाम किया रोशन
महज 16 साल और नौ महीने की उम्र में काम्या अपने 45 वर्षीय भारतीय नौसेना कमांडर पिता एस कार्तिकेयन के साथ नेपाल की ओर साउथ कोल से 20 मई को सफलतापूर्वक दुनिया की शीर्ष चोटी पर पहुंचीं। काम्या ने कहा कि वह एवरेस्ट पर चढ़ने के प्रति तब आकर्षित हुईं जब उन्होंने सात साल पहले एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग की थी। उन्होंने कहा, 'यहां मेरी यात्रा के दौरान नेपाल के लोगों ने जो प्यार और स्नेह दिखाया है, उससे मैं अभिभूत हूं।'
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इन्हें भी किया गया सम्मानित
काम्या के अलावा, प्रधानमंत्री प्रचंड ने कामी रीता शेरपा को भी सम्मानित किया। रीता ने इस साल रिकॉर्ड 30 बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। इसके अलावा फुंजो लामा को भी सम्मानित किया गया, जो केवल 14 घंटे और 31 मिनट में एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे कम समय में ऐसा करने वाली पहली महिला बन गईं।
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क्यों मनाया जाता है एवरेस्ट दिवस?
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी 8848.86 मीटर पर पहली बार चढ़ाई को चिह्नित करने के लिए हर साल 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है। 1953 में नेपाल के तेनजिंग नोर्गे और न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी के एवरेस्ट पर चढ़ने के 71 साल बाद, 8,000 से अधिक लोग इसकी चढ़ाई कर चुके हैं।
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काम्या ने नाम किया रोशन
महज 16 साल और नौ महीने की उम्र में काम्या अपने 45 वर्षीय भारतीय नौसेना कमांडर पिता एस कार्तिकेयन के साथ नेपाल की ओर साउथ कोल से 20 मई को सफलतापूर्वक दुनिया की शीर्ष चोटी पर पहुंचीं। काम्या ने कहा कि वह एवरेस्ट पर चढ़ने के प्रति तब आकर्षित हुईं जब उन्होंने सात साल पहले एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग की थी। उन्होंने कहा, 'यहां मेरी यात्रा के दौरान नेपाल के लोगों ने जो प्यार और स्नेह दिखाया है, उससे मैं अभिभूत हूं।'
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इन्हें भी किया गया सम्मानित
काम्या के अलावा, प्रधानमंत्री प्रचंड ने कामी रीता शेरपा को भी सम्मानित किया। रीता ने इस साल रिकॉर्ड 30 बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। इसके अलावा फुंजो लामा को भी सम्मानित किया गया, जो केवल 14 घंटे और 31 मिनट में एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे कम समय में ऐसा करने वाली पहली महिला बन गईं।