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टोक्यो में यादगार प्रदर्शन: नीरज के अलावा कोई और धुरंधर न छू सका 87 मीटर

Sun, 08 Aug 2021 07:34 AM IST
देव कश्यप स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: देव कश्यप Updated Sun, 08 Aug 2021 07:34 AM IST
सार

  • नीरज ने क्वालिफाइंग राउंड में 86.65 मीटर भाला फेंका था। उन्होंने वहां भी एक ही बार भाला फेंककर क्वालिफाई कर लिया था
  • मई 2019 में उनकी कोहनी में चोट लगी थी जिसके चलते वह करीब डेढ़ साल तक मैदान से दूर रहे, पर उन्होंने हार नहीं मानी

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Memorable performance in Tokyo Olympics except Neeraj no one else could touch 87 meters in Javelin throw
नीरज चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने फाइनल की शुरुआत 87.03 मीटर के थ्रो से की। इसी से उन्होंने अपने स्वर्ण जीतने के संकेत दे दिए थे। अन्य खिलाड़ी अपने छह प्रयासों में 87 मीटर को छू भी नहीं पाए। 

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नीरज ने क्वालिफाइंग राउंड में 86.65 मीटर भाला फेंका था। उन्होंने वहां भी एक ही बार भाला फेंककर क्वालिफाई कर लिया था। इसके बाद उन्होंने अपने थ्रो को बेहतर किया और 87.58 मीटर का भाला फेंका। और यह उनके स्वर्ण पदक पर मुहर लगाने के लिए पर्याप्त था। कोई अन्य एथलीट इसे छू नहीं पाया।
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तीसरे प्रयास में वह 76.79 मीटर भाला ही फेंक पाए जबकि चौथे और पांचवें प्रयास में फाउल कर गए। उन्होंने छठे प्रयास में 84.24 मीटर भाला फेंका लेकिन इससे पहले उनका स्वर्ण पदक पक्का हो गया था। चेक गणराज्य के जाकुब वादलेच ने 86.67 मीटर भाला फेंककर रजत जबकि उन्हीं के देश के वितेजस्लाव वेस्ली ने 85.44 मीटर की दूरी तक भाला फेंका और कांस्य पदक हासिल किया।
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जर्मनी ने वेटर जो इस बार स्वर्ण पदक के सबसे माने जा रहे थे वह आखिरी 8 में भी जगह नहीं बना पाए। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 82.52 मीटर का रहा। चेक रिपब्लिक याकून वेदलेच और वितेजस्लाव वेसेले ने क्त्रस्मशऱ् सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

नीरज को पंसद है चूरमा   
नीरज की मां सरोज देवी ने कहा कि बेटे ने इतने वर्षों से जो मेहनत की थी वो रंग ले आई है। उन्होंने कहा कि घर में जश्न का माहौल है। अब तो लाडले के घर आने का बेसब्री से इंतजार है। उन्हें चूरमा काफी पसंद है। आने पर उनका इसी से स्वागत होगा। उन्हें जी भरकर चूरमा खिलाऊंगी।

विश्व रिकॉर्ड के बावजूद नहीं जा पाए थे रियो
नीरज ने 2016 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। इसके बावजूद वे रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके थे। उन्होंने यह रिकॉर्ड 23 जुलाई को बनाया था, जबकि रियो के लिए क्वालिफाई की आखिरी तारीख 23 जुलाई थी। इसके बाद सेना ने नीरज को जूनियर कमीशंड ऑफिसर की पोस्ट देते हुए नायब सूबेदार के पद पर नियुक्त किया। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपनी थ्रोइंग स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए जर्मनी के बायो मैकेनिक्कस एक्सपर्ट क्लाउस बार्तोनित्ज से ट्रेनिंग ली है। इसके बाद उनके प्रदर्शन में निरंतरता आई है।

कोहनी की चोट से उबरकर की वापसी  
नीरज ने कोहनी की चोट के बाद उबरकर वापसी की थी। मई 2019 में उनकी कोहनी में चोट लगी थी जिसके चलते वह करीब डेढ़ साल तक मैदान से दूर रहे। पर उन्होंने हार नहीं मानी और वापसी के बाद अपने पहले ही प्रयास ने उन्होंने टोक्यो का टिकट कटा लिया। उन्होंने जनवरी में दक्षिण अफ्रीका में हुई सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट मीट में 87.86 की दूरी नापकर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया। कोरोना के चलते वह टोक्यो जाने से पहले सिर्फ तीन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में ही खेल पाए। 

पिता का सपना साकार करने के लिए आभार -जीव मिल्खा सिंह
‘पिताजी वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे। एथलेटिक्स में पहले स्वर्ण पदक से उनका सपना आखिर सच हुआ। यह ट्वीट करते हुए मैं रो रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि ऊपर पिताजी की आंखों में भी आंसू होंगे। यह सपना साकार करने के लिए नीरज आपका आभार। आपने न सिर्फ ओलंपिक खेलों में देश के लिए एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक जीता, आपने इसे मेरे पिता को समर्पित किया। मिल्खा परिवार इस सम्मान के लिए तहेदिल से आभार व्यक्त करता है।’

हरियाणा सरकार देगी छह करोड़
हरियाणा सरकार ने नीरज को छह करोड़ रुपये देने के साथ ही क्लास-1 की नौकरी भी देगी। वहीं 50 फीसदी की छूट के साथ उन्हें एक प्लॉट भी दिया जाएगा। पंचकूला में एथलीटों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भवन का निर्माण किया जाएगा अगर नीरज चाहेंगे तो वह इस सेंटर के हेड रहेंगे।

जीत पर बधाइयों का तांता
नीरज की अभूतपूर्व जीत! आपके भाले ने बाधाओं को तोड़कर इतिहास बनाया। आपने अपने पहले ओलंपिक में भारत को पहली बार ट्रैक और फील्ड में पदक दिलाया। आपकी उपलब्धि हमारे युवाओं को प्रेरित करेगी। भारत उत्साहित है! हार्दिक बधाई! -रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति

‘टोक्यो में इतिहास रचा गया। नीरज ने जो हासिल किया है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। युवा नीरज ने असाधारण प्रदर्शन किया। वह काफी जुनून से खेला और उसने अद्वितीय संयम दिखाया। स्वर्ण पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई।’- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

‘अद्भुत प्रदर्शन। टोक्यो ओलंपिक की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज को हार्दिक बधाई। आपने ट्रैक एंड फील्ड खेलों में पहला स्वर्ण पदक जीत कर, देश को गौरवान्वित किया है। पूरा देश आपकी सफलता पर गर्व कर रहा है। भावी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।’ -एम वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति 

‘नीरज। भारत का गोल्डन बॉय। भारत का ओलंपिक इतिहास रचा गया। आपका शानदार थ्रो ‘एक बिलियन चीयर्स’ का हकदार है। आपका नाम स्वर्णिम अक्षरों में इतिहास में लिखा जाएगा।’- अनुराग ठाकुर

‘नीरज के लिए स्वर्ण पदक। इस युवा खिलाड़ी के सामने नतमस्तक हूं। आपने देश के सपने को पूरा किया। शुक्रिया। साथ ही क्लब (स्वर्ण पदक के) में आपका स्वागत है, इसकी बहुत जरूरत थी। आप पर बहुत गर्व है। मैं आपके लिए बहुत खुश हूं।’ -अभिनव बिंद्रा

हम आपकी सेना हैं बहुबली। नीरज चोपड़ा। -आनंद महिंद्रा 

नीरज ने जेवलिन को पहुंचाया सूरज तक। आपकी वजह से भारत चमक रहा है। आपके भाले ने तिरंगे को हर तरफ लहराया। हर भारतीय को आप पर गर्व है। -सचिन तेंदुलकर


इस खबर ने तो मुझे जवान बना दिया। बता नहीं सकता कितना खुश हूं, मुझे नशा सा छा गया है। -धर्मेंद्र

ओलंपिक में सूबेदार नीरज की स्वर्णिम जीत भारतीय सेना के लिए गौरव की बात है। उन्होंने सच्चे सैनिक की तरह प्रदर्शन किया। यह वास्तव में भारतीय सेना सहित पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई। इतिहास रचने के लिए उन पर गर्व है। -राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री 

एथलेटिक्स में गोल्ड जीतना बड़ी बात है। 2028 में शीर्ष दस में पहुंचने का लक्ष्य है, उसका यह एक नमूना है। -किरेन रिजिजू, पूर्व खेल मंत्री 

ऐतिहासिक, लट्ठ गाड़ दिया छोरे ने, पूरे देश को आप पर गर्व है। 12 खिलाड़ियों ने जोर लगा लिया, लेकिन नीरज का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके। नीरज के पहले प्रयास में ही पता चल गया था कि वह गोल्ड जीतेगा। -मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री हरियाणा 

देश के लिए ये गर्व की बात है, मेरे बच्चे ने आज देश का नाम रोशन किया है। -सतीश कुमार, पिता 

इतिहास रचने के लिए नीरज आपको तहे दिल से बधाई। आपने एक अरब लोगों की आंखों में खुशियां भर दीं। -अक्षय कुमार

पैसों की बरसात 

  • 06 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी हरियाणा सरकार 
  • 01 करोड़ बीसीसीआई 
  • 75 लाख रुपये आईओए देगा
  • 50 लाख रुपये खेल मंत्रालय से मिलेंगे
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