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चोट से वापसी करते हुए मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता
Thu, 07 Feb 2019 10:30 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 07 Feb 2019 10:30 PM IST
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विश्व चैंपियन भारतीय भारोत्तोलक सेखोम मीराबाई चानू ने कमर की चोट के बाद मजबूत वापसी करते हुए गुरुवार को थाईलैंड में ईजीएटी कप में स्वर्ण पदक जीता।
इस चोट के कारण चानू 2018 में छह महीने से अधिक समय तक प्रतियोगिताओं से दूर रही थी।
यहां मिली जानकारी के अनुसार चानू ने 48 किग्रा वर्ग में 192 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर लेवल ओलंपिक क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। तोक्यो 2020 ओलंपिक की अंतिम रैंकिंग के कट के लिए इस प्रतियोगिता के अंक महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
मणिपुर की इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने स्नैच में 82 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 110 किग्रा वजन उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्हें चोट से उबरने के लिए विस्तृत फिजियोथेरेपी करानी पड़ी थी।
चानू इस चोट के कारण पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाई थी जो गोल्ड स्तर का ओलंपिक क्वालीफायर है। वह जकार्ता में एशियाई खेलों में भी नहीं खेली थी।
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चानू ने इससे पहले गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था जहां उन्होंने 196 किग्रा के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
उन्होंने स्नैच में 86 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 110 किग्रा वजन उठाया था जो खेलों का रिकार्ड और निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
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इस चोट के कारण चानू 2018 में छह महीने से अधिक समय तक प्रतियोगिताओं से दूर रही थी।
यहां मिली जानकारी के अनुसार चानू ने 48 किग्रा वर्ग में 192 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर लेवल ओलंपिक क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। तोक्यो 2020 ओलंपिक की अंतिम रैंकिंग के कट के लिए इस प्रतियोगिता के अंक महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
मणिपुर की इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने स्नैच में 82 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 110 किग्रा वजन उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्हें चोट से उबरने के लिए विस्तृत फिजियोथेरेपी करानी पड़ी थी।
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चानू इस चोट के कारण पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाई थी जो गोल्ड स्तर का ओलंपिक क्वालीफायर है। वह जकार्ता में एशियाई खेलों में भी नहीं खेली थी।
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चानू ने इससे पहले गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था जहां उन्होंने 196 किग्रा के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
उन्होंने स्नैच में 86 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 110 किग्रा वजन उठाया था जो खेलों का रिकार्ड और निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।