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12 साल सुलभ शौचालय में रहने वाली खिलाड़ी को सरकार ने किया सम्मानित, खेल से जीता देशवासियों का दिल
स्पोर्ट्स न्यूज, अमर उजाला
Updated Wed, 03 Oct 2018 08:49 PM IST
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juhi jha
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सुलभ शौचालय का नाम सुनते ही लोग अपनी नाक पर रुमाल रख लेते हैं, लेकिन इंदौर के एक ऐसे ही सुलभ शौचालय में 12 साल गुजारने वाली खो-खो खिलाड़ी जूही झा ने वो कर दिखाया है जिसे कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। जूही झा ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला प्रतिष्ठित विक्रम पुरस्कार हासिल किया। खास बात यह है कि इस साल यह सम्मान पाने वाली जूही इस शहर की इकलौती महिला खिलाड़ी हैं।
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बता दें कि इंदौर के दो खिलाड़ियों को विक्रम, पांच को एकलव्य और एक को विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि हासली करने के बाद जूही ने बताया कि वह जब चौथी कक्षा में थी तब से हैप्पी वॉण्डरर्स में खो-खो खेलती हैं। उनके पिता सुबोध कुमार झा नगर निगम के समीप गंजी कंपाउंड में सुलभ शौचालय में नौकरी करते थे। इसी शौचालय के भीतर एक कमरा भी था, जिसमें उनका पांच लोगों का परिवार रहता था।
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12 साल से इस सुलभ शौचालय से यहां रहने वाली जूही ने बताया कि उनके पिता को 6-7 हजार की कमाई होती थी जिससे घर चलता था। बुरे दौर से गुजरने के बाद भी मैंने खेल नहीं छोड़ा। तीन साल पहले पिता की यह नौकरी भी चली गई और घर भी छिन गया।'
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जूही आगे बताती हैं, 'इस घर से बहुत यादें जुड़ी हैं। अब परिवार बाणगंगा में किराये के घर में रहता है। मां रानी सिलाई करती हैं और मेरी एक स्कूल में नौकरी लगने से कुछ मदद हो जाती है। खुशी है कि अब मेरी सरकारी नौकरी लगने से परिवार को मदद मिलेगी। मैं बीकॉम अंतिम वर्ष में हूं और आगे भी पढ़ना चाहती हूं।' इस दौरान हैप्पी वॉण्डरर्स से मिली मदद के लिए वह सभी को धन्यवाद देना नहीं भूली।