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Weightlifting: रूस गई भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का खाना बंद करने की धमकी, SAI ने विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र

Fri, 19 May 2023 02:38 PM IST
स्वप्निल शशांक हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 19 May 2023 02:38 PM IST
सार

टीम के वहां पहुंचने के डेढ़ दिन बाद साई ने 29 लाख 88 हजार रुपये की राशि मुख्य प्रशिक्षक के खाते में ट्रांसफर की, लेकिन यह राशि मास्टर कार्ड या वीजा कार्ड से ही निकाली जा सकती थी। रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध के चलते वहां के किसी भी बैंक ने इन कार्ड को लेने से इंकार कर दिया।

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Indian weightlifting team went to Russia, threatened to stop eating, SAI letter to Ministry of External Affair
वेटलिफ्टिंग (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश की पहली जूनियर विश्व चैंपियन वेटलिफ्टर हर्षदा गरुड़ समेत 27 सदस्यीय वेटलिफ्टिंग टीम बिना राशि के रूस भेजे जाने पर मुश्किल में फंस गई है। मॉस्को स्थित चेखोव स्पोट्र्स बेस में तैयारियों के लिए गई टीम के प्रशिक्षकों से रूसी वेटलिफ्टिंग संघ और मेजबानों ने साफ कर दिया है कि अगर उन्हें बृहस्पतिवार तक 40 हजार पांच सौ अमेरिकी डॉलर (लगभग 33 लाख रुपये) नहीं दिए गए तो उन्हें मजबूरन टीम का खाना बंद करना पड़ेगा। टीम ने साई से गुहार लगाई है कि उन्हें जल्द से जल्द अमेरिकी डॉलर भिजवाए जाएं, जिससे उन्हें मुसीबत से छुटकारा मिले। साई महानिदेशक संदीप प्रधान ने बृहस्पतिवार को ही विदेश मंत्रालय के यूरेशिया विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र लिखकर मॉस्को स्थित भारतीय दूतवास के जरिए टीम को अमेरिकी डॉलर उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।
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टीम में जूनियर विश्व चैंपियन हर्षदा भी शामिल
बीते वर्ष विश्व जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली टॉप्स में शामिल हर्षदा गरुड़ और रजत जीतने वाली आकांक्षा व्यवहारे के अलावा नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस पटियाला में शामिल 19 वेटलिफ्टरों और छह सपोर्ट स्टाफ को एनआईएस पटियाला से तैयारियों के लिए रूस भेजा गया। टीम को 5 जून तक वहां तैयारियां करनी हैं। वेटलिफ्टर 15 मई को ही मॉस्को पहुंच गए, लेकिन टीम के किसी भी सदस्य को साथ में कोई राशि नहीं दी गई। जिसके चलते टीम सदस्य भारतीय एयरपोर्ट पर रुपये को अमेरिकी डॉलर में परिवर्तित नहीं करा सके।
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वेटलिफ्टिंग (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
टीम के मॉस्को पहुंचने के बाद खाते में डाले 29 लाख
टीम के वहां पहुंचने के डेढ़ दिन बाद साई ने 29 लाख 88 हजार रुपये की राशि मुख्य प्रशिक्षक के खाते में ट्रांसफर की, लेकिन यह राशि मास्टर कार्ड या वीजा कार्ड से ही निकाली जा सकती थी। रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध के चलते वहां के किसी भी बैंक ने इन कार्ड को लेने से इंकार कर दिया। मेजबानों ने भी कह दिया कि वह न तो रुपये में राशि लेंगे और न ही कार्ड के जरिए कोई भुगतान कर पाएंगे। उन्हें अमेरिकी डॉलर में ही राशि चाहिए है।

मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से डॉलर भिजवाने को कहा
इसके बाद ही हड़कंप मचा। कोच ने तुरंत साई को सारी स्थिति से अवगत कराया। साई के संज्ञान में जैसे ही यह मामला आया तो हड़कंप इस बात का मचा कि बिना राशि के टीम भेज कैसे दी गई। इसके बाद ही साई महानिदेशक संदीप प्रधान और टॉप्स सीईओ पुष्पेंद्र गर्ग ने विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव चरणजीत सिंह को पत्र लिखा है कि मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधकर भारतीय टीम को 40,500 अमेरिकी डॉलर और अतिरिक्त खर्च के लिए पांच हजार रूबल उपलब्ध कराए जाएं। भारतीय दूतावास को इस राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
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