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डोपिंग में फंसे भारतीय पैरा एथलीट अनमोल वशिष्ठ: तीन साल का लगा प्रतिबंध; ग्रां प्री के नतीजे भी रद्द
Sat, 17 Oct 2026 04:24 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 17 Oct 2026 04:24 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने भारतीय पैरा एथलीट अनमोल वशिष्ठ पर प्रतिबंधित स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद तीन साल का प्रतिबंध लगाया है। उनका प्रतिबंध 24 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2029 तक लागू रहेगा। नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में उनके सभी नतीजे रद्द कर दिए गए हैं और पदक, अंक व पुरस्कार भी वापस लिए जाएंगे।
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अनमोल
- फोटो : Twitter
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) ने भारतीय पैरा एथलीट अनमोल वशिष्ठ पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। अनमोल इस साल मार्च में नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री के दौरान प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था।
जैवलिन थ्रो स्पर्धा के दौरान लिया गया था नमूना
आईपीसी के बयान के अनुसार, अनमोल के मूत्र के नमूने में डिहाइड्रोक्लोरोमिथाइल-टेस्टोस्टेरोन (डीएचसीएमटी) के मेटाबोलाइट की मौजूदगी पाई गई। यह नमूना 11 मार्च को पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ55 स्पर्धा के दौरान प्रतियोगिता के बीच लिया गया था। डीएचसीएमटी एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड है, जिसे विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की 2026 की प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया है।
अप्रैल 2029 तक नहीं खेल सकेंगे प्रतियोगिताएं
अनमोल को मामले की जांच पूरी होने तक 24 अप्रैल 2026 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। बाद में उन्होंने डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और आईपीसी की ओर से प्रस्तावित सजा पर सहमति जताई। उन पर तीन साल का प्रतिबंध 24 अप्रैल 2026 से लागू होगा और यह 23 अप्रैल 2029 तक जारी रहेगा। इस अवधि में वह किसी भी प्रतियोगिता या अन्य खेल गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, अधिकृत डोपिंग रोधी शिक्षा और पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति होगी।
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ग्रां प्री के सभी नतीजे रद्द
आईपीसी ने अनमोल के नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ55 स्पर्धा के नतीजे रद्द कर दिए हैं। इस प्रतियोगिता में उनके अन्य सभी नतीजे भी अमान्य घोषित किए गए हैं। इसके चलते वह इस आयोजन में हासिल किए गए पदक, अंक और पुरस्कार भी गंवा देंगे।
आईपीसी ने दोहराया कि खिलाड़ियों के नमूनों में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर वे इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। यह नियम तब भी लागू होता है, जब पदार्थ का इस्तेमाल जानबूझकर किया गया हो या अनजाने में, और मामले में लापरवाही या गलती शामिल रही हो या नहीं। विश्व डोपिंग रोधी संहिता के हस्ताक्षरकर्ता के रूप में आईपीसी ने खेलों को डोपिंग से मुक्त रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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जैवलिन थ्रो स्पर्धा के दौरान लिया गया था नमूना
आईपीसी के बयान के अनुसार, अनमोल के मूत्र के नमूने में डिहाइड्रोक्लोरोमिथाइल-टेस्टोस्टेरोन (डीएचसीएमटी) के मेटाबोलाइट की मौजूदगी पाई गई। यह नमूना 11 मार्च को पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ55 स्पर्धा के दौरान प्रतियोगिता के बीच लिया गया था। डीएचसीएमटी एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड है, जिसे विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की 2026 की प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया है।
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अप्रैल 2029 तक नहीं खेल सकेंगे प्रतियोगिताएं
अनमोल को मामले की जांच पूरी होने तक 24 अप्रैल 2026 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। बाद में उन्होंने डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और आईपीसी की ओर से प्रस्तावित सजा पर सहमति जताई। उन पर तीन साल का प्रतिबंध 24 अप्रैल 2026 से लागू होगा और यह 23 अप्रैल 2029 तक जारी रहेगा। इस अवधि में वह किसी भी प्रतियोगिता या अन्य खेल गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, अधिकृत डोपिंग रोधी शिक्षा और पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति होगी।
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ग्रां प्री के सभी नतीजे रद्द
आईपीसी ने अनमोल के नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ55 स्पर्धा के नतीजे रद्द कर दिए हैं। इस प्रतियोगिता में उनके अन्य सभी नतीजे भी अमान्य घोषित किए गए हैं। इसके चलते वह इस आयोजन में हासिल किए गए पदक, अंक और पुरस्कार भी गंवा देंगे।
आईपीसी ने दोहराया कि खिलाड़ियों के नमूनों में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर वे इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। यह नियम तब भी लागू होता है, जब पदार्थ का इस्तेमाल जानबूझकर किया गया हो या अनजाने में, और मामले में लापरवाही या गलती शामिल रही हो या नहीं। विश्व डोपिंग रोधी संहिता के हस्ताक्षरकर्ता के रूप में आईपीसी ने खेलों को डोपिंग से मुक्त रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।