{"_id":"6ad216eeff462eee70068794","slug":"u23-world-wrestling-championships-komal-wins-bronze-amrita-pujari-enters-final-2026-10-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: कोमल ने जीता कांस्य, अमृता पुजारी फाइनल में पहुंचीं","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: कोमल ने जीता कांस्य, अमृता पुजारी फाइनल में पहुंचीं
Fri, 16 Oct 2026 05:52 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लास वेगास
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लास वेगास
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 16 Oct 2026 05:52 PM IST
सार
अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की कोमल ने महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। वहीं, अमृता पुजारी ने 72 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका सामना यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का से होगा। स्वीटी और वैष्णवी पाटिल भी रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं।
विज्ञापन
कोमल
- फोटो : IANS
विस्तार
भारतीय पहलवान कोमल ने शुक्रवार को अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में महिलाओं की 59 किलोग्राम वर्ग कुश्ती स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। कोमल ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराया। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत कनाडाई पहलवान एला मैरी फाइंडिंग को शिकस्त देकर की थी, जिसके बाद मोल्दोवा की मैडलिना प्रिसाकारी को 8-3 से हराया।
हालांकि, उन्हें यूक्रेन की अलीना फिलिपोविच के खिलाफ 1-13 से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन, ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कोमल ने शानदार वापसी करते हुए देश के लिए मेडल जीता। दूसरी तरफ, अमृता पुजारी ने सेमीफाइनल में वेनजिन किउ को मात देकर महिलाओं के 72 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। अब वह शनिवार को गोल्ड मेडल मुकाबले में उनका सामना यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का से होगा।
वहीं, स्वीटी (53 किलोग्राम) और वैष्णवी पाटिल (65 किलोग्राम) अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले हारने के बावजूद 'रिपेचेज' के जरिए ब्रॉन्ज मेडल की दौड़ में बनी हुई हैं। 53 किलोग्राम वर्ग में, स्वीटी को अपने क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टेल रोड्रिगेज डोबलर के हाथों 2-11 से हार मिली। चूंकि, उनकी प्रतिद्वंद्वी फाइनल में पहुंच गईं, इसलिए स्वीटी को 'रिपेचेज' के जरिए अपना अभियान जारी रखने का मौका मिल गया।
विज्ञापन
वहीं, वैष्णवी पाटिल का सामना जापान की हारुका कोबारू से होगा। इससे पहले, उन्हें अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रूस की एकातेरिना कोशकिना से 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हार का सामना करना पड़ा था। भारत महिलाओं के 50 किलोग्राम, 55 किलोग्राम, 57 किलोग्राम और 62 किलोग्राम वर्ग में, तथा ग्रीको-रोमन शैली के 60 किलोग्राम, 77 किलोग्राम, 82 किलोग्राम, 97 किलोग्राम और 130 किलोग्राम भार वर्ग में अपने पहलवान नहीं उतार सका, क्योंकि उन्हें वीजा नहीं मिला। इसका कारण यह था कि उनकी उम्र 20 साल से कम थी और उनके पास कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं थी।
गुरुवार को, विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत के लिए पहला रजत पदक जीता। अंडर-23 विश्व स्तर पर दो बार कांस्य पदक जीत चुके इस पहलवान को पुरुषों के 55 किलोग्राम ग्रीको-रोमन फाइनल के अंतिम क्षणों में जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे के हाथों 12-13 से हार का सामना करना पड़ा। सर्बिया के नोवी साद में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप के पिछले संस्करण में, भारतीय पहलवानों ने कुल नौ पदक (एक गोल्ड, एक रजत और सात कांस्य) जीते थे।
विज्ञापन
हालांकि, उन्हें यूक्रेन की अलीना फिलिपोविच के खिलाफ 1-13 से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन, ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कोमल ने शानदार वापसी करते हुए देश के लिए मेडल जीता। दूसरी तरफ, अमृता पुजारी ने सेमीफाइनल में वेनजिन किउ को मात देकर महिलाओं के 72 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। अब वह शनिवार को गोल्ड मेडल मुकाबले में उनका सामना यूक्रेन की इरीना जब्लॉत्स्का से होगा।
विज्ञापन
वहीं, स्वीटी (53 किलोग्राम) और वैष्णवी पाटिल (65 किलोग्राम) अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले हारने के बावजूद 'रिपेचेज' के जरिए ब्रॉन्ज मेडल की दौड़ में बनी हुई हैं। 53 किलोग्राम वर्ग में, स्वीटी को अपने क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टेल रोड्रिगेज डोबलर के हाथों 2-11 से हार मिली। चूंकि, उनकी प्रतिद्वंद्वी फाइनल में पहुंच गईं, इसलिए स्वीटी को 'रिपेचेज' के जरिए अपना अभियान जारी रखने का मौका मिल गया।
विज्ञापन
वहीं, वैष्णवी पाटिल का सामना जापान की हारुका कोबारू से होगा। इससे पहले, उन्हें अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रूस की एकातेरिना कोशकिना से 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हार का सामना करना पड़ा था। भारत महिलाओं के 50 किलोग्राम, 55 किलोग्राम, 57 किलोग्राम और 62 किलोग्राम वर्ग में, तथा ग्रीको-रोमन शैली के 60 किलोग्राम, 77 किलोग्राम, 82 किलोग्राम, 97 किलोग्राम और 130 किलोग्राम भार वर्ग में अपने पहलवान नहीं उतार सका, क्योंकि उन्हें वीजा नहीं मिला। इसका कारण यह था कि उनकी उम्र 20 साल से कम थी और उनके पास कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं थी।
गुरुवार को, विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत के लिए पहला रजत पदक जीता। अंडर-23 विश्व स्तर पर दो बार कांस्य पदक जीत चुके इस पहलवान को पुरुषों के 55 किलोग्राम ग्रीको-रोमन फाइनल के अंतिम क्षणों में जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे के हाथों 12-13 से हार का सामना करना पड़ा। सर्बिया के नोवी साद में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप के पिछले संस्करण में, भारतीय पहलवानों ने कुल नौ पदक (एक गोल्ड, एक रजत और सात कांस्य) जीते थे।