एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप: भारत के 15 पदक पक्के, पंघाल-विकास और वरिंदर सेमीफाइनल में पहुंचे
- अमित पंघाल (52 किग्रा) सेमीफाइनल में पहुंचे
- क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया के मुक्केबाज खारखू एनखमांडाखी को हराया
- इस टूर्नामेंट में भारत के 15 पदक पक्के हो गए
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत के 15 पदक पक्के हो गए हैं। बुधवार को गत चैंपियन अमित पंघाल (52 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा) और डेब्यू कर रहे मुक्केबाज वरिंदर सिंह (60 किग्रा) ने इस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। पंघाल ने क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया के मुक्केबाज खारखू एनखमांडाखी को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर इस टूर्नामेंट में दूसरी बार अपना पदक पक्का किया। वहीं, विकास कृष्ण ने ईरान के मोसलेम मघसौदी को 4-1 से हराकर कम से कम कांस्य पदक पक्का किया। उधर, वरिंदर सिंह ने फिलीपींस के जेरे सैमुअल डेले क्रुज को 5-0 से करारी शिकस्त दी। बता दें कि पदकों की संख्या की तुलना में भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले साल 2019 में भारतीय खिलाड़ियों ने 13 पदक जीते थे।
इससे पहले गुरुवार को भारत की तीन महिलाओं सहित चार मुक्केबाजों ने प्रभावशाली जीत के साथ एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। संजीत (91 किग्रा), साक्षी (54 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा) और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) ने मंगलवार को देर रात अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में जीत दर्ज करके अंतिम चार में पहुंचकर पदक पक्के किए। भारत के सात पदक ड्रॉ के दिन ही सुनिश्चित हो गए थे। इनमें छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) भी शामिल है। शिव थापा (64 किग्रा) ने भी बुधवार को सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।