{"_id":"601782b58ebc3e08ae0135c1","slug":"high-court-says-that-the-decision-of-the-central-government-to-increase-the-recognition-of-national-sports-federations-is-not-fair","type":"story","status":"publish","title_hn":"HC की केंद्र सरकार को खरी-खरी, राष्ट्रीय खेल संघों की मान्यता को विस्तार देने का फैसला उचित नहीं","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
HC की केंद्र सरकार को खरी-खरी, राष्ट्रीय खेल संघों की मान्यता को विस्तार देने का फैसला उचित नहीं
Mon, 01 Feb 2021 09:55 AM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Mon, 01 Feb 2021 09:55 AM IST
विज्ञापन
बॉम्बे हाइकोर्ट
- फोटो : iStock
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रीय खेल संघों की मान्यता बढ़ाने और उन्हें खेल संहिता का पालन करने के लिए छह महीने से एक साल तक का समय देने का केन्द्र सरकार का फैसला 'उचित नहीं' है। अदालत ने कहा कि वह इस मामले पर करीबी नजर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह विस्तार व्यर्थ नहीं जाएगा।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय खेल संहिता के दायरे में नहीं आने वाले और इसका पालन नहीं करने वाले खेल संघ न तो केन्द्र सरकार की ओर से किसी भी तरह का अनुदान हासिल करने हकदार हैं और न ही उन्हें अनुदान दिया जाएगा।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति विपिन सांघी तथा न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की विशेष पीठ ने पिछले सप्ताह पारित अपने आदेश में कहा, 'राष्ट्रीय खेल संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश इस अदालत ने पहले जुलाई 2014 और फिर फरवरी 2020 में जारी किए थे। इस पृष्ठभूमि में, प्रतिवादी (युवा एवं खेल मामलों के मंत्रालय) का खेल संघों को और समय देना उचित नहीं है।'
विज्ञापन