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सम्मान समारोह में CM साहब से हुई चूक, भूल गए सिंधू का पूरा नाम और राज्य
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 25 Aug 2016 03:48 PM IST
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पीवी सिंधू
- फोटो : getty
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रियो में शानदार प्रदर्शन के दम पर देश का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ियों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री साहब पीवी सिंधू के बारे में 2 चूक कर गए।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रियो में देश के लिए पहला पदक जीतने वाली साक्षी मलिक के स्वदेश लौटने पर आयोजित सम्मान समारोह में भाषण के दौरान ओलंपिक में देश की पहली रजत पदक विजेता पीवी सिंधू का पूरा नाम और उनके गृह राज्य का नाम ही भूल गए।
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बुधवार को साक्षी का स्वदेश लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री खट्टर ने साक्षी को 2.5 करोड़ रुपए का चेक देने के बाद सरकार की मुहिम बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर चुनने का ऐलान किया।
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मुख्यमंत्री ने न सिर्फ साक्षी को 2.5 करोड़ का चेक प्रदान किया बल्कि रजत पदक विजेता और बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू को भी इसी कार्यक्रम में 50 लाख रुपए देने का ऐलान किया गया। लेकिन वह जिस खिलाड़ी को 50 लाख रुपए देने का ऐलान कर रहे थे उसका ही पूरा नाम और प्रदेश का नाम भूल गए।
भाषण के दौरान पास के लोगों से पूछा सिंधू का पूरा नाम
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
सम्मान समारोह के दौरान अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह बेहद गौरव का क्षण है जब हमारी दो बेटियों ने रक्षा बंधन के त्योहार पर पदक जीत लिया। हरियाणा की साक्षी मलिक और सिंधू (उन्होंने पास के लोगों से उनका पूरा नाम पूछा) फिर कर्नाटक की पीवी सिंधू ने।" सिंधू कर्नाटक से नहीं बल्कि हैदराबाद से आती हैं।
सच्चाई यही है कि मुख्यमंत्री को उस सिंधू के बारे में जानकारी बिल्कुल भी नहीं थी जिसने क्रिकेट के अलावा अन्य खेल में लाजवाब खेल दिखाते हुए ओलंपिक जैसे विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन में देश के लिए पदक जीता।
सिंधू और साक्षी जैसे खिलाड़ी 4 साल में कभी-कभार ही अपनी चमक बिखेर पाते हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के पदक जीतने के दम पर भारत इस बार ओलंपिक पदक तालिका में 68वें पायदान पर रहा। सिंधू को 13 करोड़ से ज्यादा और जबकि साक्षी को 6 करोड़ से ज्यादा का नकद पुरस्कार देने की घोषणा हो चुकी है।
इन दोनों खिलाड़ियों के ईनाम (19 करोड़ से ज्यादा) में जितने पैसे मिले हैं उससे कम यानी 17.1 करोड़ रुपए खर्च करके रियो ओलंपिक के लिए 120 खिलाड़ियों को तैयार किया गया था। हालांकि 3 खिलाड़ी (नरसिंह यादव, धर्मबीर सिंह और इंदरजीत सिंह) डोप में फंसने के कारण गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे।
सच्चाई यही है कि मुख्यमंत्री को उस सिंधू के बारे में जानकारी बिल्कुल भी नहीं थी जिसने क्रिकेट के अलावा अन्य खेल में लाजवाब खेल दिखाते हुए ओलंपिक जैसे विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन में देश के लिए पदक जीता।
सिंधू और साक्षी जैसे खिलाड़ी 4 साल में कभी-कभार ही अपनी चमक बिखेर पाते हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के पदक जीतने के दम पर भारत इस बार ओलंपिक पदक तालिका में 68वें पायदान पर रहा। सिंधू को 13 करोड़ से ज्यादा और जबकि साक्षी को 6 करोड़ से ज्यादा का नकद पुरस्कार देने की घोषणा हो चुकी है।
इन दोनों खिलाड़ियों के ईनाम (19 करोड़ से ज्यादा) में जितने पैसे मिले हैं उससे कम यानी 17.1 करोड़ रुपए खर्च करके रियो ओलंपिक के लिए 120 खिलाड़ियों को तैयार किया गया था। हालांकि 3 खिलाड़ी (नरसिंह यादव, धर्मबीर सिंह और इंदरजीत सिंह) डोप में फंसने के कारण गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भी कर चुके हैं सिंधू से 'छोटी बात'
इससे पहले तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मोहम्मद मेहमूद अली ने ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधू को एक सम्मान समारोह के दौरान ‘बेहतर’ कोच की पेशकश कर डाली थी। मगर पीवी सिंधू ने उनकी इस पेशकश को तुरंत ठुकरा दिया।
सिंधू ने कहा है कि गोपीचंद उनके लिए बेस्ट कोच हैं। उन्होंने मंत्री जी के बयान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
असल में तेंलगाना के मंत्री मेहमूद अली ने सोमवार को उत्साह में कहा था कि वो अगली बार सिंधू को विदेशी कोच से ट्रेनिंग दिलाएंगे, ताकि वो गोल्ड मेडल जीत सकें।
मंत्री जी के बयान के बाद सिंधू ने कोच के रूप में गोपीचंद को ही चुना है। रियो ओलंपिक में सिंधू ने रजत पदक जीता था। वर्ल्ड नंबर वन कैरोलीना मैरीन से हारने वाली सिंधू रजत जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
सिंधू ने कहा है कि गोपीचंद उनके लिए बेस्ट कोच हैं। उन्होंने मंत्री जी के बयान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
असल में तेंलगाना के मंत्री मेहमूद अली ने सोमवार को उत्साह में कहा था कि वो अगली बार सिंधू को विदेशी कोच से ट्रेनिंग दिलाएंगे, ताकि वो गोल्ड मेडल जीत सकें।
मंत्री जी के बयान के बाद सिंधू ने कोच के रूप में गोपीचंद को ही चुना है। रियो ओलंपिक में सिंधू ने रजत पदक जीता था। वर्ल्ड नंबर वन कैरोलीना मैरीन से हारने वाली सिंधू रजत जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।