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हर्षिता को नहीं पता था सेलिंग क्या होती है, अब उसी खेल में किया देश का नाम रोशन

Sat, 01 Sep 2018 11:11 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 01 Sep 2018 11:11 AM IST
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harshita tomar won bronze medal in asian games 2018 mp govt announces cash prize
हर्षिता तोमर

16 साल की हर्षिता तोमर ने इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में चल रहे एशियाई खेल 2018 में 4.7 ओपन लेजर सेलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह सेलिंग में मेडल जीतने वाली देश की सबसे छोटी महिला सेलर बनीं। 

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हर्षिता अगर ओपन कैटेगिरी की बजाय महिला वर्ग में खेलतीं तो गोल्ड मेडल भी जीत सकती थीं, क्योंकि जिस इवेंट में उन्होंने ब्रॉन्ज जीता है, उसमें 10 लड़कियां, 13 लड़के भी थे। भारतीय सेलर ने अन्य सभी लड़कियों को पीछे छोड़ दिया था। सेलिंग में गोल्ड मेडल मलयेशिया के कामन शाह ने जीता जबकि चीन के वांग जियान का सिल्वर मेडल हुआ।
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हर्षिता ने बचपन में ही काफी मेडल जीत लिए थे, जिसे देखते हुए उनके घर वालों ने बेटी को वाटर स्पोर्ट्स में करियर बनाने में सपोर्ट किया।  हर्षिता ने मात्र तीन साल की उम्र में होशंगाबाद के सेठानी घाट पर नर्मदा में पहली छलांग लगाई थी। इसके बाद कोच उमाशंकर व्यास से स्वीमिंग की शुरुआती ट्रेनिंग ली और जूनियर लेवल पर तीन-चार साल के भीतर ही दर्जनों मेडल जीते। 
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वर्ष 2012-13 में खेल विभाग की वाटर स्पोर्ट्स एकेडमी का टैलेंट सर्च हुआ। इसमें हर्षिता का चयन हुआ और उनके सेलिंग का सफर शुरू हुआ। एकेडमी में प्रवेश पाने से पहले सेलिंग शब्द तक नहीं सुना था। एकेडमी में रहते हुए उन्होंने भोपाल की बड़ी झील में कोच जीएल यादव से इस खेल को सीखा और चार साल की छोटी अवधि में न केवल एशियाड तक का सफर तय किया, बल्कि मेडल भी जीता।

क्या होती है सेलिंग

सेलिंग वैसे तो हवा पर निर्भर खेल है। इसमें हवा की गति के मुताबिक कोर्स का आकार घटाया-बढ़ाया जाता है। हवा की रफ्तार तेज होने पर कोर्स बढ़ा दिया जाता है जबकि कम होने पर घटा दिया जाता है। इसमें 50 मिनट में रेस पूरी करनी होती है। 

स्कोरिंग का तरीका भी अलग

इसमें पहले रेस फिनिश करने वाले को 1 अंक मिलता है। दूसरे स्थान वाले को दो, तीसरे को तीन और इसी क्रम में आगे बढ़ते जाते हैं और सभी 12 रेस पूरी करने के बाद औसत निकाला जाता है। जिस सेलर के सबसे कम अंक होते हैं, वह विजेता बनता है। 

उदाहरण के लिए कोई पहली रेस में दूसरे स्थान पर आया और दूसरी में 20वें स्थान पर तो उसके दो रेस के बाद 22 अंक हो गए। 22 को रेस की संख्या दो से डिवाइड कर दिया जाएगा। मतलब उसके कुल 11 अंक हुए। ऐसा सभी 12 रेस पूरी करने के बाद औसत निकाला जाता है। 


मेडल जीत मालामाल हुईं हर्षिता

हर्षिता मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता एक निजी विभाग में कार्यरत हैं जबकि मां रानी तोमर सीबीआई भोपाल में कांस्टेबल हैं। हर्षिता की छोटी बहन मुस्कान स्केटिंग में अपना करियर बना रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने मेडल जीतने पर हर्षिता को 50 लाख रुपए इनामी राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट़्वीट कर यह जानकारी दी। 

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