फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Gulveer Singh broke his previous record, created a new national record in 3000 meters, Ice Hockey womens team

Sports Update: गुलवीर ने तोड़ा अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड; भारत की 'आइस क्वीन्स' ने परिभाषित की असली हिम्मत

Wed, 13 Aug 2025 10:30 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 13 Aug 2025 10:30 AM IST
सार

गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर (12:59.77) और 10,000 मीटर (27:00.22) में भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। वह 5000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ में मौजूदा एशियाई चैंपियन भी हैं।

विज्ञापन
Gulveer Singh broke his previous record, created a new national record in 3000 meters, Ice Hockey womens team
गुलवीर सिंह - फोटो : ANI

विस्तार

गुलवीर ने मंगलवार को सात मिनट 34.49 सेकंड का समय लेकर इस वर्ष फरवरी में बोस्टन विश्वविद्यालय डेविड हेमरी वैलेंटाइन आमंत्रण प्रतियोगिता में बनाए गए अपने ही पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड 7.38.26 सेकंड में सुधार किया। यह 27 वर्षीय खिलाड़ी यूरोप में अपनी पहली ट्रैक रेस में भाग ले रहा था। यह विश्व एथलेटिक्स की कॉन्टिनेंटल टूर स्वर्ण स्तर की प्रतियोगिता है।
विज्ञापन


कीनिया के किपसांग मैथ्यू किपचुम्बा ने 7:33.23 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। मैक्सिको के एडुआर्डो हेरेरा (7:33.58), युगांडा के ऑस्कर चेलिमो (7:33.93) और उरुग्वे के वैलेन्टिन सोका (7:34.28) क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर (12:59.77) और 10,000 मीटर (27:00.22) में भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। वह 5000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ में मौजूदा एशियाई चैंपियन भी हैं। उन्होंने मई में महाद्वीपीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।वह 13 से 21 सितंबर तक टोक्यो में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ के लिए पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं।
विज्ञापन

भारत की आईस क्वीन्स की कहानी

Gulveer Singh broke his previous record, created a new national record in 3000 meters, Ice Hockey womens team
आईस हॉकी - फोटो : ANI
महिला आइस हॉकी, एक ऐसा खेल जिसमें किसी ने नहीं सोचा था कि भारतीय महिलाएं हिस्सा लेंगी और उसमें भी जीत हासिल करेंगी, लेकिन उसी खेल में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। आईआईएचएफ एशिया कप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने न केवल समाज की सोच को चुनौती दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गईं।

डिस्किट सी अंगमो के लिए आइस हॉकी की शुरुआत अपने भाई को खेलते हुए देखने से हुई थी। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता था कि लड़कियां भी हॉकी खेल सकती हैं।' यही जिज्ञासा एक क्रांति की शुरुआत बनी, एक ऐसी क्रांति, जिसमें लद्दाख की लड़कियों ने गहराई से जड़े लैंगिक पूर्वाग्रहों को चुनौती दी। अब उनकी कहानी को पॉकेट एफएम ने ऑडियो फिल्म 'साउंड ऑफ करेज' के रूप में दुनिया के सामने लाया है। 

टीम की कप्तान त्सेवन चुस्कित याद करती हैं कि कैसे उन्हें इस खेल के लिए ताने सुनने पड़ते थे, लेकिन ये बातें उन्हें रोक नहीं पाईं, बल्कि उन्होंने ठान लिया कि दुनिया को गलत साबित करना ही अब उनकी प्राथमिकता है।  सिर्फ दर्शकों से ही नहीं, उन्हें अपने ही समाज से भी टकराना पड़ा। सहायक कोच अली अमीर कहते हैं, 'लोग कहते थे- लड़की है, क्या खेलेगी? शादी करके चली जाएगी, लेकिन वही लड़कियां आज देश का नाम रोशन कर रही हैं। जब राष्ट्रगान बजा और तिरंगा ऊपर गया, वैसा गर्व मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया। जो मैं खिलाड़ी बनकर नहीं कर पाया, बेटियों ने मुझे कोच बनने के बाद वो गर्व करने का मौका दिया।

रिनचेन डोलमा की कहानी आज एक मिसाल बन गई है। सिर्फ पांच महीने पहले मां बनीं रिनचेन को कहा गया, 'अब तो तू मां बन गई, घर जा।' लेकिन उन्होंने बर्फ पर कदम रखा, गोल किया और मिसाल पेश की। ये कहानियां अब सिर्फ लद्दाख की नहीं, पूरे भारत की प्रेरणा बन गई हैं। खुले बर्फीले मैदानों से लेकर एशिया कप के मंच तक, भारत की आइस क्वीन्स ने साबित कर दिया कि साहस करना ही सबकुछ होता है और सपने अगर दिल से देखे जाएं, तो उनकी गूंज बहुत दूर तक जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed