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पिता ने कहा- ज्योति ट्रायल के लिए तैयार लेकिन पढ़ाई पहली प्राथमिकता
Sun, 24 May 2020 08:56 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Sun, 24 May 2020 08:56 PM IST
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15 साल की ज्योति अपने पिता के साथ
- फोटो : social media
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साइकिल पर अपने पिता को बैठाकर गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा तक की 1200 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली 15 साल की ज्योति कुमारी पासवान चर्चा में हैं। ज्योति ने भारतीय साइकिल महासंघ से मिले ट्रायल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता 10वीं की पढ़ाई को पूरा करना है।
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ज्योति के पिता मोहन पासवान ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद हम निश्चित तौर पर उसे ट्रायल के लिए भेजेंगे। उसका शनिवार को ही नौवीं कक्षा में नामांकन हुआ है। फिलहाल हम चाहते हैं कि वह 10वीं की पढ़ाई पूरी करें।
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ज्योति के पिता गुरुग्राम में रिक्शा चलाते थे और उनके दुर्घटना का शिकार होने के बाद वह अपनी मां और जीजा के साथ गुरुग्राम आई थी और फिर पिता की देखभाल के लिए रुक गई। इसी बीच कोविड-19 के कारण लॉकडाउन की घोषणा हो गई और ज्योति के पिता का काम ठप पड़ गया। ऐसे में ज्योति ने पिता के साथ साइकिल पर वापस गांव का सफर तय करने का फैसला किया।
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ज्योति की कहानी वायरल होने के बाद सीएफआई का ध्यान भी उनकी प्रतिभा की ओर गया। पासवान ने कहा कि हां, हमारे पास नई दिल्ली (सीएफआई) से फोन आया था। मैंने उन्हें कहा कि ज्योति को अभी आराम की जरूरत है। शायद दो-तीन महीने बाद हम इस पर विचार करेंगे।
ज्योति इससे पहले गांव से पांच किलोमीटर दूर स्कूल जाती थी। पासवान ने कहा कि गांव आने के लिए ज्योति लगातार कई घंटे तक साइकिल चलाती रहती थी। वह रात में भी साइकिल चलाती रहती थी। बीच-बीच में हमें ट्रक और टैक्टर वाले थोड़ा सहारा दे देते थे। गांव पहुचने के बाद दरभांगा के जिलाधिकारी ने भी ज्योति से मुलाकात कर उन्हें नई साइकिल भेंट की और कक्षा नौ में उसका नामांकन कराया।