सब पर भारी सौरभ-मनु की जोड़ी, दोनाें ने 10 मीटर एयर पिस्टल की मिश्रित स्पर्धा में जीता स्वर्ण
- दिव्यांश और इलावेनिल की जोड़ी 10 मीटर एयर राइफल की मिश्रित स्पर्धा में बनी चैंपियन
- 05 पदक (3 स्वर्ण, 1 रजत और कांस्य) जीते भारतीय निशानेबाजों ने चौथे दिन
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सौरभ चौधरी और मनु भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत मुकाबलों का स्वर्ण हाथ से निकलने की निराशा को मिश्रित स्पर्धा में दूर करना चाहते थे। सौरभ दो दिन पूर्व अंतिम निशाने पर की गई चूक की हर हाल में भरपाई करना चाहते थे। मनु-सौरभ की जोड़ी ने सोमवार को विश्व कप में कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में ईरानी जोड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह इन दोनों का इस टूर्नामेंट में दूसरा पीला तमगा है। यशस्वनी सिंह देशवाल और अभिषेक वर्मा ने तुर्की की जोड़ी को हराकर कांस्य जीता। वहीं दस मीटर एयर राइफल में दिव्यांश सिंह पंवार और इलावेनिल वालरिवान की जोड़ी हंगरी को हराकर चैंपियन बनी। पुरुषों ने स्कीट टीम का स्वर्ण और महिलाओं ने रजत पदक जीता।
सौरभ-मनु ने पिछड़ने के बाद की वापसी:
सौरभ-मनु की जोड़ी क्वालिफिकेशन चरण 1 में 584 (सौरभ 293, मनु 291) का स्कोर कर शीर्ष पर रही। यशस्वनी और अभिषेक (577) तीसरे स्थान पर थे। क्वालिफाइंग चरण दो में पहुंची आठ टीमों में ईरान के जावाद फोरूगी और गोलनुश सेबगातोल्लाही (385) शीर्ष पर रहे। सौरभ (196), मनु (188) 384 दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। अभिषेक व यशस्वनी (382) की जोड़ी तीसरे स्थान पर रहते हुए चौथे नंबर पर रही तुर्की के साथ कांस्य की लड़ाई में पहुंची। फाइनल में एक समय सौरभ-मनु 6-10 से पीछे चल रहे थे, लेकिन यहां सौरभ की गजब की फॉर्म ने सारा अंतर पैदा कर दिया और 16-12 से ईरानी जोड़ी को परास्त कर स्वर्ण जीत लिया। 14 सीरीज के फाइनल में भारत नौ तक पीछे रहा। 11वीं में उसने बढ़त हासिल की। सौरभ के शुरुआती दो निशाने 10 से कम पर लगे। इसके बाद उन्होंने आठवीं सीरीज में ही 9.9 का स्कोर किया। बाकी उनके सभी निशाने 10 से ऊपर रहे। अभिषेक-यशस्वनी ने तुर्की के तरहान और इस्माइल केलेस को 17-13 से हराया।
मेराज,अंगद व गुरजोत की तिकड़ी भी जीती:
दस मीटर एयर राइफल क्वालिफिकेशन चरण1 में दिव्यांश और इलावेनिल (628) तीसरे स्थान पर रहे। चरण दो में दोनों 421.3 के स्कोर से शीर्ष पर रहे। फाइनल में दोनों हंगरी के इस्तवान पेनी और डेनिस एस्टर को 16-10 से हराकर पीला तमगा जीता। अर्जुन बबूटा और अंजुम मौद्गिल चरण दो में पांचवें स्थान पर रहे।मेराज अहमद खान, अंगदवीर सिंह बाजवा और गुरजोत खंगूड़ा की तिकड़ी स्कीट टीम स्पर्धा के फाइनल में कतर को 6-2 से हराकर चैंपियन बनी। महिलाओं के टीम स्कीट फाइनल में गनीमत सेखों, पारिनाज धालीवाल और कार्तिकी सिंह को कजाखस्तान से 4-6 से हारकर रजत से संतोष करना पड़ा।
जल्द निशाना लगाने पर निराश थे सौरभ:
व्यक्तिगत मुकाबलों के क्वालिफिकेशन राउंड में 587 का स्कोर करने के बाद सौरभ फाइनल के अंतिम निशाने पर वह चूक की जो वह आमतौर पर नहीं करते हैं। कोच अमित श्योराण के मुताबिक वह निशाने के लिए 12 से 14 सेकंड का समय लेते हैं, लेकिन अंतिम निशाना उन्होंने 10 सेकंड में ही लगा दिया जो 9.8 पर लगा। सौरभ को थोड़ा समय लेना चाहिए था जिससे ईरानी शूटर जवाद पर दबाव बनता। वह इस चूक से उदास थे और उन्होंने ठान रखा था कि आगे इसकी भरपाई करनी है। मिश्रित स्पर्धा में उन्होंने अपने प्रदर्शन से इसकी भरपाई कर डाली।