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एथलीट कंग को डोपिंग से क्लीन चिट की उम्मीद, पिछले साल किया था प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन
Mon, 15 Jun 2020 12:55 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 15 Jun 2020 12:55 AM IST
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देविंदर सिंह कंग
एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक में कांस्य पदक विजेता देविंदर सिंह कंग ने कहा कि गले में खराश के लिए ली गई दवाईयों के कारण वह डोपिंग में नाकाम रहे लेकिन उन्होंने इन दवाईयों के बारे में पूर्व में सूचित कर दिया था और इसलिए उन्हें अनुशासनात्मक सुनवाई में क्लीन चिट मिलने की पूरी उम्मीद है। कंग का नमूना पिछले साल अगस्त में लिया गया था जिसमें बेटा डेक्सामेथोसान पाया गया था जो विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में आता है। इसका उपयोग गले और फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के लिए किया जाता है ।
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कंग ने कहा, ‘पिछले साल इंडियन ग्रां प्री 5 से पहले मेरे गले में संक्रमण था। मैंने टीम प्रबंधन से अनुमति ली और फिर पटियाला में एक निजी चिकित्सक से परामर्श किया जिन्होंने मुझे दो दवाईयां मोक्सिटास 500 और बेटा डेक्सामेथोसान दी। डोप परीक्षण के परिणाम की वजह ये दवाईयां हैं। ’ उन्होंने कहा, ‘नाडा के लोग जब नमूना लेने के लिए आए तो मैंने उन्हें इन दोनों दवाईयों के बारे में बता दिया था। मैं नाडा के सामने अपनी बात रखूंगा और उम्मीद है कि मुझे डोपिंग आरोपों से मुक्त कर दिया जाएगा।’
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आठ साल का लग सकता है प्रतिबंध :
अगर कंग नाडा अनुशासनात्मक पैनल को आश्वस्त करने में नाकाम रहते हैं तो उन पर आठ साल का प्रतिबंध लग सकता है क्योंकि यह उनका डोपिंग से जुड़ा दूसरा मामला होगा। इससे पहले 2018 में उनके नमूने में मारिजुआना पाया गया था जिसके बाद उन्हें फटकार लगाकर छोड़ दिया गया था।
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