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D Gukesh: 'गुकेश विश्व चैंपियन, लेकिन कार्लसन हर लिहाज से उनसे बेहतर', महान शतरंज खिलाड़ी कास्पारोव का बयान
Tue, 13 May 2025 04:18 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 13 May 2025 04:18 PM IST
सार
केश और कार्लसन के बीच यह तुलना पहली बार नहीं हुई है। कार्लसन पहली बार 22 साल 357 दिन की उम्र में चैंपियन बने थे। वहीं, गुकेश 17 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बने। उन्होंने कास्पारोव का ही रिकॉर्ड तोड़ा।
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कार्लसन और गुकेश
- फोटो : Twitter
विस्तार
रूस के महान शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्पारोव का मानना है कि डी गुकेश भले ही विश्व चैंपियन हैं, लेकिन नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन हर लिहाज से उनसे बेहतर हैं। कास्पारोव का मानना है कि गुकेश उनकी तुलना में अलग स्थिति में है क्योंकि नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन इस दौर में मौजूद हैं और बेस्ट हैं। गुकेश ने 17 वर्ष की उम्र में चीन के डिंग लिरेन को 14 गेमों के मुकाबले में हराकर विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था। गुकेश ने उम्र के लिहाज से कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ा था।
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कास्पोरोव 22 साल के थे जब उन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर विश्व खिताब अपने नाम किया था। कास्पारोव ने बुकारेस्ट में सुपरबेट शतरंज क्लासिक के दौरान सेंट लुईस शतरंज क्लब के यूट्यूब चैनल से कहा, 'गुकेश आधिकारिक रूप से विश्व चैंपियन हैं और इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हर लिहाज से उससे बेहतर एक और खिलाड़ी भी है।'
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कास्पारोव
- फोटो : Twitter
गुकेश और कार्लसन के बीच यह तुलना पहली बार नहीं हुई है। कास्पारोव ने गुकेश समेत भारत के युवा शतरंज खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए उन्हें 'विशी के बच्चे' करार दिया। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद उनके समकालीन रहे हैं। कास्पारोव ने कहा, 'गुकेश के प्रदर्शन में सुधार की काफी गुंजाइश है। वह अवश्य इसे समझकर इस पर काम कर रहा होगा। कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतने के बाद गुकेश का प्रदर्शन बेहतर हो रहा था। विश्व चैंपियनशिप मैच में कुछ भी हो सकता है क्योंकि यह लंबा मैच होता है, लेकिन गुकेश हमेशा आगे थे। गुकेश उस मैच में लिरेन से बेहतर खिलाड़ी थे।'
गुकेश और कास्पारोव के अलावा मैग्नस कार्लसन ने 2013 में चेन्नई में तब के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को 5-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। कार्लसन 2022 तक दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बने रहे। हालांकि, उन्होंने प्रेरणा की कमी का हवाला देते हुए अपना खिताब छोड़ दिया था। कार्लसन पहली बार 22 साल 357 दिन की उम्र में चैंपियन बने थे।