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ओलंपिक खेल: अब जापान सरकार और उसके स्वास्थ्य सलाहकारों में टकराव

Sat, 19 Jun 2021 06:40 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 19 Jun 2021 06:40 PM IST
सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दर्शकों की उपस्थिति पर रोक लगा दी जाए, तो उससे एक तो लोगों का आपस में मेलजोल नहीं होगा, दूसरे लोग एक से दूसरी जगहों के लिए यात्रा भी नहीं करेंगे...

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conflict between the Japanese government and its health advisors on Tokyo Olympic Games
तोक्यो ओलंपिक - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

यहां अगले महीने ओलंपिक खेलों का सुरक्षित आयोजन किस तरह हो, इसको लेकर जापान सरकार और खुद उसके सलाहकारों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। तोक्यो ओलंपिक्स से जुड़ी सरकारी कोरोना वायरस उप-समिति के प्रमुख शिगेरू ओमी और 25 दूसरे स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि इन खेलों के आयोजन का सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि दर्शकों के आने पर पूरी रोक लगा दी जाए। जबकि जापान सरकार ने देशी दर्शकों को खेलों के दौरान मौजूद रहने की इजाजत दे रखी है। ओलंपिक खेलों का आयोजन 23 जुलाई से आठ अगस्त तक होगा। यानी इन्हें शुरू होने में अब पांच हफ्तों का वक्त ही बचा है।

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ओमी ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन कर कहा- ‘जापान में अभी भी वायरस फैल रहा है। तो अब सवाल यह है कि क्या आयोजक जोखिम को संभाल सकते हैं और क्या वे स्थानीय अधिकारियों के साथ मिल कर काम करते हुए सभी भागीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।’ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जापान सरकार को एक नया दस्तावेज सौंपा है, जिसमें खेलों को सुरक्षित ढंग से कराने के लिए उनके सुझाव शामिल हैं। इस दस्तावेज में कहा गया है- बिना दर्शकों के खेलों का आयोजन करना सबसे आदर्श स्थिति होगी। तब सबसे कम जोखिम रहेगा।
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लेकिन जानकारों के मुताबिक ऐसा नहीं लगता कि जापान सरकार इन सुझावों को मानेगी। इसी हफ्ते प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने स्टेडियमों में दर्शकों की उपस्थिति संख्या बढ़ाने का एलान किया। पहले कहा गया था कि पांच हजार दर्शकों को इजाजत दी जाएगी। लेकिन अब ये सीमा दस हजार तक बढ़ी दी गई है। साथ ही सरकार ने कहा है कि ओलंपिक खेलों के दौरान टोक्यो में आपातकाल हटा लिया जाएगा। उस दौरान अर्ध-आपातकाल जैसे उपाय लागू किए जाएंगे। टोक्यो आयोजन समिति के अध्यक्ष सीको हाशिमोतो ने शुक्रवार को कहा कि सरकार जो उपाय लागू करेगी, उनका पालन करते हुए खेलों का आयोजन होगा।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दर्शकों की उपस्थिति पर रोक लगा दी जाए, तो उससे एक तो लोगों का आपस में मेलजोल नहीं होगा, दूसरे लोग एक से दूसरी जगहों के लिए यात्रा भी नहीं करेंगे। गौरतलब है कि ओलंपिक खेलों से संबंधित आयोजन कई जगहों पर होने वाले हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले जुलाई या अगस्त में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट्स के कारण महामारी की अगली लहर आ सकती है। ऐसा टीकाकरण की गति स्थिर रहने के बावजूद हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार एक तरफ लोगों से घर रहने की अपील कर रही है और दूसरी तरफ दर्शकों को स्टेडियम में आने देगी। इससे लोगों को गलत और परस्पर विरोधी संदेश जाएगा।


विदेशी दर्शकों के आने पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। लेकिन देश के अंदर खेलों के लिए 36 लाख टिकट बिक चुके हैं। पहले विदेश टीमों के साथ कुल एक लाख 80 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के आने का अनुमान था। लेकिन अब संख्या घटा कर 53 हजार कर दी गई है। इस बीच एक अच्छी खबर यही है कि पिछले कुछ हफ्तों में देश में संक्रमण की दर घटी है। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने अगली लहर को लेकर देश को सतर्क रहने को कहा है।

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