फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Challenges and expectations from Fit India movement

कैसे होगा पूरा देश सेहतमंद, फिट इंडिया अभियान के सामने खड़ी हैं ये चुनौतियां

Sat, 28 Sep 2019 10:54 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली Published by: अंशुल तलमले Updated Sat, 28 Sep 2019 10:54 AM IST
विज्ञापन
Challenges and expectations from Fit India movement
फिट इंडिया - फोटो : अमर उजाला

'हॉकी के जादूगर' मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के मौके पर 'फिट इंडिया मूवमेंट' के साथ देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। योग और स्वच्छता मिशन के बाद यह मिशन कितना हिट होगा और क्या देशवासी फिट होंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उसके पहले यह जान लेते हैं कि फिट इंडिया जैसे मूवमेंट की जरूरत क्यों है?

विज्ञापन

बेहद बड़ा है फिटनेस का बाजार

Challenges and expectations from Fit India movement

6248 अरब रुपए के वैश्विक फिटनेस बाजार में भारत की हिस्सेदारी 214 अरब रुपए की है। आने वाले कुछ वर्षों में इसके 18 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं देश में फिटनेस एंड वेलनेस स्टार्टप ने इस साल 88 अलग-अलग सौदों के जरिए 3639 करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा किया है। मोदी सरकार ने फिट इंडिया मूवमेंट भी 2023 तक घोषित किया है। ऐसे में फिटनेस को लेकर जागरुकता होना स्वाभाविक है।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से वर्ष 2018 का नेशनल हेल्थ प्रोफाइल जारी किया गया, जिसके मुताबिक देश में बीमारियों के आंकड़े दुनिया के लिहाज से ज्यादा हैं। वर्ष 1990 से 2016 के बीच देश में गैर संक्रामक बीमारियां बढ़ने की दर 30 से 55 फीसदी रही। विभिन्न राज्यों में आंकड़े अलग अलग हैं, लेकिन महामारियों की बात की जाए तो गैर संक्रामक बीमारियां 48 से 75 फीसदी तक संक्रमणजनित और संबंधित बीमारियों के फैलने की दर 14 से 43 फीसदी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

214 अरब रुपए के बाजार वाले देश का फिटनेस रिपोर्ट कार्ड

Challenges and expectations from Fit India movement

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में कुपोषण को लेकर आंकड़े अब भी गंभीर हैं, जबकि वर्षों से इस दिशा में काफी कार्यक्रम चलाए जा चुके हैं। भारत में कुपोषण के दो रूप मुख्य हैं एनीमिया और शुरुआती विकास न होना यानी स्टंटिंग। पांच साल से कम उम्र के वर्ग में 37.9 फीसदी बच्चे देश में स्टंटिंग के शिकार हैं जबकि 20.81 फीसदी बच्चों को 'वेस्टेड' श्रेणी में रखा गया है यानी अति गंभीर अविकास। दूसरी ओर, देश में 17.8 फीसदी वयस्क पुरुष और 21.6 फीसदी वयस्क महिलाएं ओवरवेट हैं। देश में बच्चे को जन्म देने वाली 51.4 फीसदी महिलाएं ए नीमिया की शिकार हैं।

विज्ञापन

युवाओं का पसंदीदा शहर ज्यादा फिट

Challenges and expectations from Fit India movement
बैंगलोर एयरपोर्ट

एक सर्वे में युवाओं का सबसे पसंदीदा शहर रह चुका बेंगलुरु हेल्थ के मामले में भी अव्वल है। देश में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अग्रणी कंपनियों में से एक जीओक्यूआई ने एक सर्वे के आधार पर बताया कि बेंगलुरु देश का सबसे फिट शहर है। 'इंडिया फिट रिपोर्ट 2019' में इस सर्वे के अनुसार बताया गया कि दिल्ली इस सूची में दूसरे पायदान पर है। हालांकि सबसे सक्रिय शहरों की सूची में मुंबई ही नंबर वन है। 

ऐसा ही एक सर्वे वर्ष 2017 में एक मीडिया संस्थान ने कराया, जिसमें कहा गया था कि 70 फीसदी नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते और 62.5 फीसदी कहते हैं कि वो अपने खानपान पर नजर नहीं रखते। 80 फीसदी युवाओं ने कहा था कि वो योग को गंभीरता से नहीं लेते।

60 से 70 फीसदी युवाओं ने माना था कि वो खाते वक्त उसकी क्वालिटी और सेहत पर असर को नजरअंदाज करते हैं। अगर ये दोनों सर्वे मान लिए जाएं तो महज दो सालों के दौरान ही भारतीय तेजी से फिटनेस फ्रीक हुए हैं।

ये सर्वे कुछ और कहता है

Challenges and expectations from Fit India movement

10,000 कदम सामान्य तौर पर लोगों को चलना चाहिए दिनभर में, यूजीसी के अनुसार। दो महीने पहले ही एक मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी मिंटेल ने 3000 भारतीय वयस्कों को लेकर फिटनेस सर्वे किया, जिसके मुताबिक 64 फीसदी ने कहा कि वो कसरत नहीं करते, जिन लोगों ने कहा कि वो कसरत करते हैं, उनमें से 67 फीसदी ने माना कि उनका मतलब वॉक करने से रहा। ज्यादातर लोगों ने इस सर्वे में कहा कि कसरत करना चाहते हैं लेकिन 31 फीसदी ने बताया कि कसरत के लिए कामकाजी जीवन में समय नहीं मिल पाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed