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रियो गए आईओए के दो अयोग्य डॉक्टर, सीबीआई दर्ज करेगी एफआईआर

Sat, 20 May 2017 06:19 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट Updated Sat, 20 May 2017 06:19 AM IST
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cbi will file FIR against two IOA doctors
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की ओर से रियो ओलंपिक में भारतीय दल के साथ भेजे गए दो अयोग्य डॉक्टरों के मामले की पर्तें अब सीबीआई उधेड़ेगा। सीबीआई ने बीते वर्ष पांच से 21 अगस्त को हुए रियो ओलंपिक के दौरान उछले इस विवाद पर संज्ञान लेते हुए प्रिलिमनरी इन्क्वायरी (पीई, प्रारंभिक जांच) दर्ज कर ली है।
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पीई में सुबूत और तथ्य हाथ लगने के बाद ही सीबीआई इस मामले में एफआईआर दर्ज करेगी। मामले की छानबीन में इस बात का पता लगाया जाएगा कि आईओए ने किस तरह दो रेडियोलॉजिस्टों को भारतीय दल के साथ ओलंपिक भेज दिया? साथ ही रियो में भारतीय दल के चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) डॉ. पवनदीप सिंह कोहली और डॉ. आरएस नेगी की योग्यता और डिग्रियों की सच्चाई पता की जाएगी।
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आरोप यह है कि जिन दो डॉक्टरों को रियो भेजा गया, वे स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ होने की बजाय रेडियोलॉजिस्ट हैं। आईओए पर हितों के टकराव का भी मामला बनता है। ओलंपिक के दौरान मीडिया रिपोर्टों में खुलासा किया गया कि डॉ. पवनदीप आईओए के उपाध्यक्ष तरलोचन सिंह के पुत्र हैं, जबकि उत्तराखंड से संबंधित डॉ. नेगी आईओए सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता के नजदीकी हैं।
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उन पर यह भी आरोप लगा कि जब खिलाड़ियों ने रियो में पेट या अन्य तरह के दर्द की शिकायत की तो उन्हें महज कांबीफ्लेम नाम की दवा देकर चलता कर दिया गया। हालांकि आईओए की ओर से दोनों का बचाव किया गया।

डॉ. पवनदीप आईओए मेडिकल कमीशन के चेयरमैन भी हैं। उनके बारे में बताया कि रेडियोलॉजिस्ट होने के साथ उनके पास स्पोर्ट्स मेडिसिन की जर्मनी से डिग्री है। साथ ही यह भी कहा गया कि वह सैफ खेलों में भी भारतीय दल के डॉक्टर रह चुके हैं।

रियो में खिलाड़ियों की चोटों ने खोली पोल

cbi will file FIR against two IOA doctors
दरअसल रियो ओलंपिक के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के साथ कई ऐसी घटनाएं घटीं जिसने दोनों डॉक्टरों की योग्यता पर सवालिया निशान लगा किए। एथलीट ओपी जैशा जब पानी नहीं दिए जाने के चलते बेहोश हो गई थीं।

उस दौरान उनके कोच निकोलाई स्नेसरेव वहां के ऑफिशियल्स के साथ मेडिकल ट्रीटमेंट केलिए झगड़ा कर रहे थे। उस दौरान भारतीय डॉक्टर वहां नहीं थे। साइना नेहवाल के घुटने में चोट लगी तो उन्होंने आईओसी डॉक्टर का सहारा लिया।

एसवी सुनील की कलाई में हॉकी मैच के दौरान चोट लगी तो उन्होंने फिजियो से इलाज कराया। पहलवान विनेश को लगी गंभीर चोट के दौरान भी भारतीय डॉक्टरों की कारगुजारी पर अंगुलियां उठीं थीं। ओलंपिक के बाद यह मामला संसद में भी उठा था। 
 
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