तीरंदाजी में 'मल्होत्रा युग' का अंत, बीवीपी राव बने एएआई के अध्यक्ष
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भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) में विजय कुमार मल्होत्रा का दशकों पुराना आधिपत्य शनिवार को समाप्त हो गया। भारतीय निर्वाचन आयोग के आयुक्त रह चुके एसवाई कुरैशी की निगरानी में हुए एएआई के चुनाव में मल्होत्रा के खिलाफ मोर्चा खोलते रहे तेलंगाना के बीवीपी राव ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। राव ने रूपक देबरॉय को 13 वोट से पराजित किया।
सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर भी राव गुट के महा सिंह और डीके विद्यार्थी जीतने में सफल रहे। हालांकि चुनाव को अंतिम मंजूरी सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रदान की जाएगी। वहीं खेल मंत्रालय और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने चुनाव से दूरी बनाते हुए अपने आब्जर्वरों को नहीं भेजा, जिससे यह तय माना जा रहा है कि दोनों ही इस चुनाव को मंजूरी प्रदान नहीं करेंगे।
मंत्रालय और आईओए ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासक एसवाई कुरैशी की ओर से तैयार एएआई के संविधान को असंवैधानिक करार दिया था। कई राज्य संघों ने भी इसकी खिलाफत की थी। यही कारण है कि चुनाव होने के बावजूद इस संविधान के खिलाफ अदालती लड़ाई और तेज होगी। कई राज्य संघ इसके खिलाफ अदालत जा रहे हैं। कभी देश के आम चुनाव अपनी निगरानी कराने वाले कुरैशी का कहना है कि उन्होंने अदालत के आदेश पर चुनाव करा दिए। वह रिपोर्ट जल्द अदालत में रखेंगे और अंतिम फैसला भी उसी का होगा। अब उनका काम खत्म हो गया है।
आईएएस अधिकारी और तेलंगाना सरकार के सलाहकार पद से इस्तीफा देकर आए राव ने साफ किया कि उनका मुख्य मकसद चुनाव नहीं होने के चलते छह साल से परेशान तीरंदाजों की तैयारियों को पटरी पर लाना है। उन्होंने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट जैसा आदेश देगी वह उस पर काम करेंगे। अगर आईओए से लेकर किसी को दिक्कत है तो वह अदालत की शरण ले सकता है, लेकिन तीरंदाजों की तैयारियों को वह खुद अपने आप देखेंगे।
पहली बार मिला खिलाडियों को वोट का अधिकार
यह पहली बार था जब किसी खेल संघ में खिलाडियों को वोट डालने के अधिकार दिए गए थे। 23 में से 22 तीरंदाज वोट डालने पहुंचे। इनमें लिंबा राम, डोला बनर्जी, लालरेम सांगा, श्याम लाल, चक्रवेलु स्वूरो जैसे तीरंदाज शामिल हैं। यही नहीं चुनाव में तीरंदाजों ने जीत भी हासिल की। महिला उपाध्यक्ष पूर्णिमा महतो, संयुक्त सचिव धूलचंद डोमर के अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में भाग्यवती चानू और बंसारालिन धर को चुना गया।