कॉमनवेल्थ से पहले डोप टेस्ट में फेल हुआ भारतीय एथलीट, लग सकता है चार साल का बैन
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लंदन वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर सुर्खियों में रहने वाले जेवेलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कांग फिर एक डोप में फंस गए हैं। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक के दावेदार इस एथलीट को नाडा ने नहीं बल्कि इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन (आईएएएफ) की एथलेटिक्स इंटिग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने पकड़ा है।
इस यूनिट की ओर से व्हेयर अबाउट के तहत 26 नवंबर को एनआईएस पटियाला में कांग का यूरिन सैंपल लिया गया था, जिसमें एनाबॉलिक स्टेरायड पाया गया है। कांग को अस्थाई रूप से प्रतिबंधित कर नेशनल कैंप से निकाल दिया गया है। कांग को चार मार्च तक बी सैंपल का टेस्ट कराना है। इस जेवेलिन थ्रोअर को पटियाला में मंगलवार को आयोजित इंडियन ग्रांड प्रीमियर में शिरकत करनी थी।
अचानक उनका नाम स्टार्ट लिस्ट से हटा दिया गया। उसके बाद ही खुलासा हुआ कि वह डोप में फंस गए हैं। इससे पहले 15 मई को नाडा ने कांग को मारीजुआना (टेट्राहायड्रो कैनाबिनॉल) के लिए पकड़ा था, लेकिन स्पेसीफाइड सूची में होने के कारण उन पर अस्थाई प्रतिबंध नहीं लगा था।
इस मामले में अभी भी नाडा में सुनवाई चल रही है। इस बार मामला स्टेरॉयड का है। दोनों आरोप साबित होने पर कांग पर चार साल से लेकर आजीवन प्रतिबंधित लग सकता है। हालांकि एक सच्चाई यह भी है कि एआईयू की ओर से सैंपल लिए जाने से दो दिन पहले ही कांग का ब्लड सैंपल भी लिया गया था, लेकिन उसमें वह नेगेटिव पाए गए।