एस्पायर यंग अचीवर्स: पैरा-एथलेटिक, गोल्फ, शैक्षिक विलक्षणता के क्षेत्र में तीन युवा भारतीय सम्मानित
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टाई (TIE) एस्पायर यंग अचीवर्स अवॉर्ड्स के 10वें वर्ष में, एस्पायर ने तीन युवाओं की अथक भावनाओं को पुरस्कृत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। युवा विजेताओं को ये पुरस्कार बृहस्पतिवार, 29 नवम्बर, 2018 को होटेल ताज, नई दिल्ली में दो दिवसीय टाई ग्लोबल समिट के दौरान प्रदान किए गए हैं। शैक्षणिक सेवाएं प्रदान करने वाली फर्म एस्पायर ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट एस्पायर ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट एस्पायर ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट ने टाई (TIE) एस्पायर के साथ मिलकर रक्षिता राजू (अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट); शुभम जुगलान (टूर्नामेंट्स में जीतने वाला विलक्षण गोल्फ खिलाड़ी) व सत्यम कुमार (विलक्षण विद्यार्थी ) को सम्मानित किया है।
विजेताओं के नाम की घोषणा करते हुए, श्री अमित भाटिया, अध्यक्ष व संस्थापक, एस्पायर ने कहा, 'ये युवा सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। मुझे इन्हें प्रा प्रोत्साहित करके व सम्मानित करके गर्व का अनुभव हो रहा है। मुझे इस बात पर भी गर्व है कि हम पिछले 10वर्षों से इस तरह की अद्भुत व विलक्षण प्रतिभाओं का सम्मान कर रहे हैं।'
रक्षिता राजू (जन्म: 15 जनवरी, 2001): रक्षिता बेलूर, कर्नाटक की एक दृष्टिहीन पैरा एथलीट हैं। एशियन गेम्स 2018 में 1500 मी. की टैंक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। जन्म से पूरी तरह दृष्टिहीन व 10 वर्ष की उम्र में अपने माता-पिता को खो चुकी रक्षिता अपनी दादी के साथ रहती हैं जो सुनने व बोलने में अक्षम हैं।
उन्हें आशा किरण ब्लाइंड स्कूल ने प्रशिक्षित और प्रायोजित किया है। उनकी प्रतिभा को देखते हुए, उनके प्रशिक्षक उन्हें बैंगलुरू ले आए और उन्हें राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए प्रशिक्षण देना शुरू किया। रक्षिता ने 1500 मी. टैंक इवेंट में पेरिस में वर्ल्ड पैरा ग्रैंड प्रिक्स हैंडीस्पोर्ट्स में रजत पदक जीता। वह 2015 से टैंक स्पर्धाओं में लगातार राष्ट्रीय पदक विजेता रही हैं।
इस वर्ष एशियन गेम्स 2018 के लिए पेरिस में हुए क्वालिफाइंग राउंड में रक्षिता ने योग्यात हासिल की और उनके बाद भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। फिलहाल वे दुबई में 2019 में होने वाली वर्ल्ड चैम्पियनशिप और 2020 के पैरा ओलम्पिक्स के लिए तैयारी कर रही हैं। रक्षिता इस समय चिकमगलूर, कनार्टक में रह रही हैं।
शुभम जुगलान शुभम जुगलान (जन्म: 16 अगस्त, 2004): 14 वर्षीय शुभम पानीपत, हरियाणा के गोल्फ खिलाड़ी हैं। वे 2015 जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में विजय प्राप्त करके पहले भारतीय जूनियर वर्ल्ड चैम्पियन बने थे और अब तक 109 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में विजेता बन च ुके हें। उन्होंने 5 वर्ष की उम्र में अपने गांव में एनआरआई श्री कपूर द्वारा शुरू की गई गोल्फ अकादमी में गोल्फ सीखना शुरू किया था।
इस गोल्फ अकादमी के बंद होने के बावजूद, शुभम में यूट्यूब वीडियो की मदद से अपने घर के पिछले हिस्से में अपने पिता द्वारा विकसित किए गए छोटे से मैदान पर अभ्यास करना जारी रखा। अलग तरह का खेल होने के कारण शुभम के परिवार के लोग उसे गोल्फ में नहीं बल्कि पहलवान बनने के पारम्परिक खेल की तरफ ले जाना चाहते थे। लेकिन शुभम के प्रयासों में गोल्फ फाउंडेशन ने मदद की। उसे दिल्ली लाया गया और खेल की बारीकियों के बारे में जानकारी दी गई। इस समय शुभम 2019 के लिए एमेच्योर गोल्फ प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं।
सत्यम कुमार (जन्म: 20 जुलाई, 1999): 12 वर्ष की आईआईटी जेईई परीक्षा पास करने वाले सत्यम पहले भारतीय विद्यार्थी हैं और उन्हें फ्रांस में अनुसंधान करने के लिए फ्रांसीसी राजदूत की ओर से छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्र आरा में जन्मे व पले सत्यम को शुरू में रूढ़िवादी शिक्षा प्रणाली व बिजली की कमी का सामना करना पड़ा था। कम उम्र को होने के कारण, पहले उसे वरिष्ठ लोगों ने उसे कोटा में आठवीं की परीक्षा के लिए बड़े विद्यार्थि यों के साथ बिठाने के लिए भी इंकार कर दिया था।
इसके बाद सत्यम ने 12 वर्ष की उम्र में 12वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद 2017 में सत्यम ने मास्टर्स डिग्री हासिल की। सत्यम इस समय मशीन लर्निंग व सिग्नल प्रोसेसिंग में पीएचडी कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि वे आईआईटी प्रोफेसर के रूप में अपने कॅरियर की शुरूआत करें ताकि अधिक से अधिक लोग आईआईटी में फंडिंग कर सकें और ज्यादा विद्यार्थियों को शिक्षा मिल सके।
पिछले 10वर्षों में यंग अचीवर्स अवॉर्ड्स के अंतर्गत पूर भारत की युवा प्रतिभाओंको सम्मानित व पुरस्कृत किया जाता रहा है। हमारे 2012 के विजेताओं में अरूणिमा सिन्हा भी शामिल हैं। उन्होंने कटे हुए पैर के बावजूद 2013 में माऊंट एवरेस्ट पर विजय हासिल की थी। इस आयोजन में तीन विजेता अपने-अपने अनुभव श्री अमित श्री अमित भाटिया श्री अमित भाटिया, सीईओ, ग्लोबल स्टीयरिंग ग्रुप भाटिया फॉर इम्पेक्ट इनवेस्टमेंट, संस्थापक व अध्यक्ष एस्पायर संस्थापक व अध्यक्ष एस्पायर संस्थापक व अध्यक्ष एस्पायर के साथ सांझा करेंगं।
द इंडस एंटरप्रेन्योर्स, टाई (TIE) प्रतिभा, विचारों व उद्यम का प्रतिनिधित्व करती है और उद्यमशीलता की उन्नति के प्रतिबद्ध वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था है। 12 देशों में 53 चैप्टर्स के साथ, टाई (TIE) का मिशन मेंटरिंग, नेटवर्किंग व शिक्षा के माध्यम से उद्यमशीलता को विश्व-भर में आगे बढ़ाना है। धन उत्पत्ति और समान को प्रतिदान देने को उत्कृष्ट चक्र के लिए समर्पित टाई (TIE) का फोकस उद्यमियों की अगली पीढ़ी का निर्मा ण व पोषण करना है। और अधिक जानकारी के लिए कृपया www.tienewdelhi.org पर जाएं।
एस्पायर ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट के विषय में एस्पायर
ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट के विषय में एस्पायरज्ड भारत का एक उद्योग प्रायोजित, पुरस्कार-विजेता सामाजिक संगठन है जो स्कूलों, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के लिए रोगारपरकता, उद्यमशीलता व नेतृत्व शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है। एस्पायर के शैक्षणिक उत्पादों में सभी सहयोगी भागीदारों के साथ ग्लोबल कंटेंट व सर्टिफिकेशन्स व फैकल्टी डिवेलपमेंट प्रोग्राम शामिल हैं।
2007 में श्री अमित भाटिया द्वारा स्थापित, एस्पायर ने अपनी स्थापना के बाद में 18 भारतीय राज्यों में 100 से ज्यादा संस्थानों में 63,000 से अधिक विद्यार्थि यों को प्रशिक्षण दिया है। 2012 में जॉन पी. मैकनल्टी पुरस्कार जीतने वाली एस्पायर शिक्षकों, नियोक्ताओं व कर्मचारियाों को और अधिक आगे बढ़ने में मदद करता है।
अमित भाटिया के विषय में
अमित भाटिया के विषय में अमित शिक्षा व प्रशिक्षण में जॉन पी. मैकनल्टी पुरस्कार विजेता सामाजिक संगठन एस्पायर www.aspireindia.org के संस्थापक हैं। अमित ने सामाजिक क्षेत्र में आने के लिए 2007 में एक सफल कार्पोरेट कॅरियर को अलविदा कह दिया था। वह NYSE में 1 बिलियन डॉलर आईपीओ के साथ सूचीबद्ध होने वाली भारत की पहली आऊटसोर्सिंग कम्पनी, ड्ब्लयूएनएस नॉलेज सर्विसे के सीईओे थे। B2B प्रॉक्योरमेंट में ऑनलाइन नीलामी कम्पनी फ्री मार्केट्स इंक. के लिए कंट्री मैनेजर-इंडिया रहे और इसके अलावा वे काऊंसलिंग फर्म मैककिंसे नॉलेज सेंटर के ग्लोबल रिसर्च सेंटर के संस्थापक भी रहे।
इस समय अमित भाटिया अप्रैल 2017 से जीएसजी (GSG) या ग्लोबल ग्रुप फॉर इम्पेक्ट इनवेस्टमेंट www.gsgii.org के सीईओ हैं। जीएसजी (GSG) एक स्वतंत्र ग्लोबल स्टीयरिंग समूह है जो लोगों व इस ग्रह को लाभ पहुंचाने के लिए इम्पेक्ट निवेश व उद्यमशीलता को आगे बढ़ाता है। जीएसजी (GSG) से पहले अमित 2014 से 2016 तक भारत की इम्पेक्ट इनवेस्टमेंट को कौंसिल www.iiic.in के संस्थापक सीईओ भी रहे हैं, उस समय भारत में इम्पेक्ट निवेश 400 मिलियन डॉलर से बिलियन डॉलर वार्षिक तक पहुंच गया था।
अमित ने श्री राम कॉलेज आफ कॉमर्स, से अपनी स्नात्तक, दिल्ली स्कूल आफ इकोनॉमिक्स से गोल्ड मेडल के साथ स्नातकोत्तर, आईसीएमएआई (ICMAI) से कास्ट अकाउंटिंग की पढ़ाई पूरी की और वे द एस्पन इंस्टीट्यूट एंड एस्पायर सर्किल के फेलो हैं।