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एशियाई खेलों के लिए कैंप में स्टार एथलीट साइकिल और ऑटो से ट्रेनिंग के लिए जाते हैं

Tue, 24 Jul 2018 08:02 PM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला Updated Tue, 24 Jul 2018 08:02 PM IST
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asian games 2018 atanu das and archers are going for training in auto and bicycle
दीपिका कुमारी

जकार्ता एशियाई खेलों के लिए तीरंदाजों की तैयारियां आर्मी स्पोट्र्स इंस्टीट्यूट पुणे में चल रही हैं, लेकिन ओलंपियन अतानु दास समेत महिला तीरंदाजों को इंस्टीट्यूट के कैंपस में रहने की अनुमति नहीं दी गई है।

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टीम में शामिल सिर्फ सेना के तीरंदाज अंदर कैंपस में रह रहे हैं, जबकि बाकी सभी बाहर होटल में ठहराए गए हैं। कैंपस से कुछ दूरी पर स्थित होटल से तीरंदाज रोजाना साइकिल या फिर ऑटो या पैदल चलकर अंदर कैंपस आते हैं और ट्रेनिंग के साथ दोनों समय का खाना खाते हैं।
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एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में दीपिका कुमारी और अतानु दास जैसे तीरंदाज शामिल हैं। दरअसल पांच वर्ष पूर्व एएसआई कैंपस में तीरंदाज प्रोमिला बोरो की आत्महत्या के बाद यहां के अधिकारियों ने फैसला लिया कि महिला खिलाडिय़ों को कैंपस में नहीं रुकवाया जाएगा। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिबंधित होने के चलते साई ने फैसला लिया कि तीरंदाजों का कैंप एएसआई पुणे में लगेगा, जब उन्हें यह पता लगा कि महिला तीरंदाजों को बाहर रुकवाना पड़ेगा तो उन्होंने कैंपस से कुछ दूरी पर स्थित होटल में व्यवस्था कर दी, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन का इंतजाम नहीं किया।
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कुछ तीरंदाजों का कहना है कि उनका आने-जाने में काफी समय बर्बाद होता है। दो बार की ट्रेनिंग के अलावा लंच और डिनर के लिए भी होटल से कैंपस आना होता है। कुछ तीरंदाजों ने साइकिल का इंतजाम कर लिया है, लेकिन कुछ पैदल और ऑटो से आना-जाना करते हैं।

हालांकि एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि यहां कुश्ती और बॉक्सिंग का कैंप लगा है और अंदर हॉस्टल में जगह नहीं है। हालांकि आत्महत्या को भी एक कारण माना गया है, लेकिन अतानु और कोचेज को नहीं ठहराने के पीछे हॉस्टल में जगह नहीं होने कारण बताया गया।


पुरुष रीकर्व टीम में तीन तीरंदाज विश्वास, सुखचैन सिंह और जगदीश चौधरी सेना के हैं। ये तीनों कैंपस में ही रुके हैं। सूत्रों का कहना है कि टीम इवेंट के लिए तीरंदाजों के बीच जुड़ाव होना जरूरी है। यह नई टीम है। ऐसे में साथ रहकर और उठने-बैठने से ही जुड़ाव पैदा होता है, जिसकी कमी महसूस की जा रही है।

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