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नाडा का दावा सैंपलों की संख्या घटी नहीं बढ़ी
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jul 2018 08:57 PM IST
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वाडा
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नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने दावा किया है कि साल 2016 के मुकाबले 2017 में सैंपलों की संख्या घटी नहीं बल्कि बढ़ी है। नाडा ने दावा किया है कि वाडा रिपोर्ट में नाडा के सैंपलों की संख्या तीन हजार एक सौ 74 बताई गई है, लेकिन इसमें अंतरराष्ट्रीय संघों की ओर से कराए गए 401 सैंपलों को नहीं जोड़ा गया है।
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इन सैंपलों को जोड़ा जाए तो यह संख्या तीन हजार पांच सौ 94 बैठती है। इस लिहाज से 2016 के 2.6 प्रतिशत केमुकाबले 2017 में डोप पॉजिटिव के सों का प्रतिशत 2.2 बनता है। नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल का कहना है कि 2016 के मुकाबले 2017 में घरेलू सैंपलिंग, ब्लड और अंतरराष्ट्रीय संघों की ओर से कराई गई सैंपलिंग में वृद्धि हुई है।
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नाडा का दावा है कि वाडा के आदेशानुसार आउट ऑफ कंपटीशन सैंपलिंग पर खास जोर दिया गया है। 2017 में इस तरह के 1511 सैंपल लिए गए जबकि 2016 में इनकी संख्या 1438 थी। ब्लड सैंपल 132 के मुकाबले 210 लिए गए हैं। यह 59 प्रतिशत की वृद्धि है। यही नहीं वाडा के निर्देशानुसार टेक्निकल डाक्यूमेंट फॉर स्पोट्र्स एनालिसिस (टीडीएसए) के सैंपलों की संख्या भी बढ़ाकर 480 की गई है।
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