... तो भारत को सौ साल में मिला एक ओलंपिक चैंपियन
- निशानेबाज बिंद्रा ने 2008 में बीजिंग में हासिल की थी यह उपलब्धि
- 1920 के एंटवर्प खेलों में भारत ने पहली बार आधिकारिक तौर पर लिया था इन
- 08 रिकॉर्ड स्वर्ण सहित 11 पदक भारत ने हॉकी में जीते हैं
- 40 साल से हॉकी में कोई पदक नहीं जीता है। अंतिम बार 1980 में मास्को में स्वर्ण जीता था
- केडी जाधव व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे
- कर्णम मल्लेश्वरी ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी
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विस्तार
आबादी के लिहाज से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश भारत ने ओलंपिक में अपना सौ साल का सफर पूरा कर लिया। सौ साल में भारत को निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के रूप में एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक चैंपियन मिला। बिंद्रा ने 2008 में बीजिंग में हुए ओलंपिक खेलों में पुरुषों की दस मीटर एयर राइफल में सोने पर निशाना साध भारत को यह ऐतिहासिक सफलता दिलाई। भारतीय खिलाड़ी अब तक नौ स्वर्ण, पांच रजत और 12 कांस्य सहित कुल 26 पदक ही जीत पाए। इनमें से आठ स्वर्ण सहित रिकॉर्ड 11 पदक अकेले हॉकी से मिले। मंगलवार को 73वां ओलंपिक दिवस मनाया गया। इसकी शुरुआत 23 जून 1948 को की गई। हालांकि फ्रांस के पियरे डि क्यूबर्टिन ने 23 जून, 1894 को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का गठन किया था। पहले आधुनिक ओलंपिक 1896 में ग्रीस के एथेंस में हुए थे। देश ने पहली बार आधिकारिक टीम 1920 के एंटवर्प में छह सदस्यीय टीम भेजी थी।
1900 में ब्रिटिश मूल के पिचार्ड ने जीता था पहला पदक
हालांकि 1900 के पेरिस ओलंपिक में ब्रिटिश शासन वाले भारत की ओर से पहली बार नार्मन पिचार्ड गेम्स में शामिल हुए थे। उन्होंने 200 मीटर दौड़ और 200 मी. बाधा दौड़ में दो रजत पदक जीते थे। कई इतिहासकार इस पदक को भारत के खाते में नहीं गिनते, क्योंकि पिचार्ड ब्रिटिश मूल के थे। जबकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) इसे भारत के खाते में गिनती है।
दो पदक जीतने वाले सुशील एकमात्र खिलाड़ी
दो लगातार ओलंपिक में और दो पदक जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार भारत के एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2008 में बीजिंग में कांसा और 2012 लंदन ओलंपिक में रजत जीता था।
- 05 महिला खिलाड़ियों में शटलर सिंधू ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला खिलाड़ी हैं
- 06 सर्वाधिक पदक लंदन ओलंपिक 2012 में भारती खिलाड़ियों ने जीते थे
- 07 खेलों में ही अभी तक भारतीय खिलाड़ी पदक जीत पाए हैं
- 15 व्यक्तिगत पदक भारत ने अब तक जीते
खिलाड़ी |
पदक |
खेल |
वर्ष |
स्थान |
| केडी जाधव | कांस्य | कुश्ती | 1952 | हेलसिंकी (फिनलैंड) |
| लिएंडर पेस | कांस्य | टेनिस | 1996 | अटलांटा (जॉर्जिया) |
| कर्णम मल्लेश्वरी | कांस्य | वेटलिफ्टिंग | 2000 | सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) |
| राज्यवर्धन सिंह राठौड़ | रजत | शूटिंग | 2004 | एथेंस (ग्रीस) |
| अभिनव बिंद्रा | स्वर्ण | शूटिंग | 2008 | बीजिंग (चीन) |
| सुशील कुमार | कांस्य | कुश्ती | 2008 | बीजिंग (चीन) |
| विजेंदर सिंह | कांस्य | बॉक्सिंग | 2008 | बीजिंग (चीन) |
| सुशील कुमार | रजत | कुश्ती | 2012 | लंदन (इंग्लैंड) |
| विजय कुमार | रजत | शूटिंग | 2012 | लंदन (इंग्लैंड) |
| एमसी मैरीकॉम | कांस्य | बॉक्सिंग | 2012 | लंदन (इंग्लैंड) |
| साइना नेहवाल | कांस्य | बैडमिंटन | 2012 | लंदन (इंग्लैंड) |
| योगेश्वर दत्त | कांस्य | कुश्ती | 2012 | लंदन (इंग्लैंड) |
| गगन नारंग | कांस्य | शूटिंग | 2012 | लंदन (इंग्लैंड) |
| पीवी सिंधू | रजत | बैडमिंटन | 2016 | रियो (ब्राजील) |
| साक्षी मलिक | कांस्य | कुश्ती | 2016 | रियो (ब्राजील) |
हॉकी के नौ पदक
पदक |
वर्ष |
स्थान |
| स्वर्ण | 1928 | एम्सटर्डम |
| स्वर्ण | 1932 | लॉस एंजिलिल्स |
| स्वर्ण | 1936 | बर्लिन |
| स्वर्ण | 1948 | लंदन |
| स्वर्ण | 1952 | हेलसिंकी |
| स्वर्ण | 1956 | मेलबर्न |
| रजत | 1960 | रोम |
| स्वर्ण | 1964 | टोक्यो |
| कांस्य | 1968 | मैक्सिको सिटी |
| कांस्य | 1972 | म्यूनिख |
| स्वर्ण | 1980 | मास्को |