18 वर्षीय युवा साइक्लिस्ट इसो अलबेन ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंडमान निकोबार के 18 वर्षीय युवा साइकिलिस्ट इसो अलबेन ने स्विट्जरलैंड के ऐगले में खेले गए यूसीआई जूनियर ट्रैक साइकिलिंग विश्व चैम्पियनशिप के व्यक्तिगत स्प्रिंट में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह भारत के लिए पदक जीतने वाले साइकिलिस्ट बन गए। इसके अलावा उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया।
इसो के पदक से भारत ने इस वैश्विक टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में छठे स्थान पर रहा। जर्मनी, न्यूजीलैंड और यूनान ने पहले तीन स्थानों पर कब्जा जमाया।
इसो, रोनाल्डो सिंह और रोजित सिंह की तिकड़ी ने इतिहास रचते हुए पुरुष स्प्रिंट वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने फाइनल स्प्रिंट में चेक गणराज्य के जाकुब स्टास्टनी पर दबाव बनाया लेकिन रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस प्रतियोगिता में कजाखस्तान के साइकिलिस्ट एंड्रे चौगे को कांस्य पदक मिला।
इसो अलबेन स्वर्ण पदक विजेता स्टास्टनी से महज 0.017 सेकंड से पीछे रहे। पहले दौर में वह 200 मीटर हीट में 10.851 सेकेंड के समय से शीर्ष पर रहे थे।
बता दें कि इसो अलबेन के नाम एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज हैं। आइए एक नजर डालते हैं उनके रिकॉर्ड्स परः-
- एशियन ट्रैक चैंपियनशिप में छह गोल्ड मेडल
- जुनियर ट्रैक वर्ल्ड चैंपियनशिप में चार मेडल
- अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय
- जूनियर मेन्स केरिन रैंकिंग में विश्व नंबर 1
- जूनियर मेन्स स्प्रिंट रैंकिंग में विश्व नंबर 1