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Neeraj Chopra: नीरज चोपड़ा ने सरकार के प्रतिभा पहचान कार्यक्रम का समर्थन किया, युवाओं के भविष्य पर कही यह बात
Sun, 10 Mar 2024 01:02 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 10 Mar 2024 01:02 PM IST
सार
ओलंपिक और विश्व चैंपियन चोपड़ा ने कहा कि यह स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मजबूत आधार होगा और इससे उनके भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।
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नीरज चोपड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत के भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने सरकार के राष्ट्रीय स्तर के खेल विकास कार्यक्रम कीर्ति का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें देश के शैक्षणिक तंत्र में बड़े बदलाव लाने की क्षमता है। खेल मंत्रालय ने स्कूली बच्चों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर के प्रतिभा पहचान कार्यक्रम 'कीर्ति' को शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रतिभा की पहचान करके उनके कौशल को निखारा जाएगा।
'भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा'
ओलंपिक और विश्व चैंपियन चोपड़ा ने कहा कि यह स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मजबूत आधार होगा और इससे उनके भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा। साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया के वीडियो में चोपड़ा ने कहा, 'हमें 13-14 आयु वर्ग के बच्चों को यह बताना होगा कि उन्हें खेल और शिक्षा दोनों पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर स्कूल भी उनका समर्थन करके चीजों को संतुलित कर सकते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इसमें (शिक्षा प्रणाली) बदलाव होना चाहिए ताकि खेल और शिक्षा दोनों के बीच संतुलन पैदा किया जा सके। यदि ऐसा होता है तो इससे हमारे देश में बड़ा बदलाव आएगा।'
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'भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा'
ओलंपिक और विश्व चैंपियन चोपड़ा ने कहा कि यह स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मजबूत आधार होगा और इससे उनके भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा। साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया के वीडियो में चोपड़ा ने कहा, 'हमें 13-14 आयु वर्ग के बच्चों को यह बताना होगा कि उन्हें खेल और शिक्षा दोनों पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर स्कूल भी उनका समर्थन करके चीजों को संतुलित कर सकते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा।'
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उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इसमें (शिक्षा प्रणाली) बदलाव होना चाहिए ताकि खेल और शिक्षा दोनों के बीच संतुलन पैदा किया जा सके। यदि ऐसा होता है तो इससे हमारे देश में बड़ा बदलाव आएगा।'
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