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Monica Seles: टेनिस की वो घटना, जिसने दुनिया को हिला दिया; मोनिका सेलेस को मैच के दौरान एक फैन ने मारा था चाकू

Tue, 26 Aug 2025 11:56 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 26 Aug 2025 11:56 AM IST
सार

मोनिका सेलेस का करियर 1993 की घटना से बुरी तरह प्रभावित हुआ। अगर वह लगातार खेल पातीं, तो उनके नाम कई ग्रैंडस्लैम खिताब होते। महज तीन साल में 8 ग्रैंडस्लैम जीतने वाली सेलेस, हमले के बाद टूट सी गईं।

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Monica Seles Stabbing Incident by Steffi Graf Fan, The Darkest Day in Tennis History; Watch Video
मोनिका सेलेस - फोटो : Twitter

विस्तार

1990 के दशक की शुरुआत में मोनिका सेलेस महिला टेनिस की दुनिया की सबसे बड़ी स्टार थीं। उनका खेल तेजी, आक्रामकता और मानसिक मजबूती का मेल था। सेलेस ने महज 16 साल की उम्र में 1990 का फ्रेंच ओपन जीतकर सबको चौंका दिया। अगले ही कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार कई ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए। 1990 से 1993 के बीच सेलेस ने आठ ग्रैंडस्लैम जीते और दुनिया की नंबर-एक महिला टेनिस खिलाड़ी बनीं। वह स्टेफी ग्राफ जैसी दिग्गज को पीछे छोड़ते हुए टेनिस पर अपना दबदबा कायम कर रही थीं।
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हमला जिसने बदल दिया करियर
30 अप्रैल 1993 को जर्मनी के हैम्बर्ग में एक मैच के दौरान टेनिस जगत हिल गया। सेलेस अपने क्वार्टर फाइनल मैच में बल्गारिया की खिलाड़ी मगदालेना मेलिवा के खिलाफ खेल रही थीं। इसी दौरान दर्शक दीर्घा में बैठा एक शख्स कोर्ट के पास आया और सेलेस की पीठ में चाकू से वार कर दिया। यह हमला ग्युन्टर पार्चे नामक व्यक्ति ने किया, जो जर्मनी की स्टार स्टेफी ग्राफ का कट्टर प्रशंसक था। उसकी दीवानगी इतनी खतरनाक थी कि उसने सिर्फ इसलिए हमला किया ताकि सेलेस लंबे समय तक खेल से दूर रहें और ग्राफ फिर से नंबर-एक बन सकें।
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कौन था हमलावर?
ग्युन्टर पार्चे बेरोजगार था और मानसिक रूप से अस्थिर माना गया था। सेलेस की पीठ पर हमले के बाद भागने की कोशिश में फैंस ने उसे पकड़ लिया था। फिर पुलिस उसे पकड़ कर ले गई। अदालत ने उसे जेल की बजाय मनोचिकित्सीय उपचार का आदेश दिया। हैरानी की बात यह रही कि उसे लंबी सजा नहीं हुई, जिससे खेल जगत में आक्रोश फैल गया। तब इसका काफी विरोध भी हुआ था।
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करियर पर असर
हमले के बाद मोनिका सेलेस ने लगभग दो साल तक टेनिस से दूरी बना ली। जब वह 1995 में कोर्ट पर लौटीं, तब भी उन्होंने 1996 का ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर अपने टैलेंट का सबूत दिया, लेकिन मानसिक और शारीरिक चोटों ने उनका पुराना आत्मविश्वास छीन लिया।
तुलना करें तो सेलेस के खेल से दूर रहने के दौरान स्टेफी ग्राफ ने कई ग्रैंडस्लैम जीतते हुए इतिहास रचा और 22 मेजर खिताबों के साथ अपने करियर का शिखर हासिल किया। वहीं सेलेस का करियर धीरे-धीरे ढलान पर चला गया और 2008 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर संन्यास का एलान किया।

मोनिका सेलेस vs स्टेफी ग्राफ (करियर तुलना)
खिलाड़ी ग्रैंडस्लैम खिताब ऑस्ट्रेलियन ओपन फ्रेंच ओपन विंबलडन यूएस ओपन करियर सिंगल्स खिताब वर्ल्ड नं. 1 पर कुल हफ्ते
मोनिका सेलेस 9 4 3 0 2 53 178
स्टेफी ग्राफ 22 4 6 7 5 107 377

टेनिस जगत के लिए काला दिन
अगर उस दिन हमला नहीं होता, तो सेलेस के आंकड़े शायद सेरेना विलियम्स और ग्राफ जैसी महान खिलाड़ियों के बराबर या उससे भी आगे होते। उनकी उम्र कम थी और उनमें टैलेंट कूट-कूटकर भरा था। महज तीन साल के अंदर आठ ग्रैंडस्लैम कोई आम बात नहीं थी। यही वजह है कि आज भी खेल प्रेमी मानते हैं कि मोनिका सेलेस का करियर टेनिस की सबसे दुखद कहानियों में से एक है।
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