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सचिन जैसा न कोई है, न होगा : अमरनाथ
सत्येन्द्र पाल सिंह
Updated Tue, 29 Oct 2013 04:12 PM IST
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1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के पूर्व उपकप्तान मोहिंदर अमरनाथ का कहना है कि अपने 200वें टेस्ट मैच के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले सचिन तेंदुलकर जैसा क्रिकेटर न कभी हुआ है और न कभी होगा। प्रस्तुत है सचिन की लंबी क्रिकेट यात्रा पर मोहिंदर अमरनाथ से हुई बातचीत।
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*भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर होने का मतलब क्या है?
भारतीय क्रिकेट ही नहीं वर्ल्ड क्रिकेट और मॉडर्न क्रिकेट में सचिन सिर्फ एक ही हैं। उनके जैसा क्रिकेटर न कोई है और न होगा। टेस्ट हो चाहे वनडे, क्रिकेट के हर फॉरमेट में बेहतरीन और विरले ही हैं तेंदुलकर। हालांकि विराट कोहली में उनकी हल्की झलक नजर आती है।
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*सचिन का नाम आते ही आपके जेहन में उनकी क्या तस्वीर सबसे पहले आती है?
मेरे लिए सचिन की सबसे अहम बात है उनकी क्रिकेट के प्रति निष्ठा। वह सिर्फ क्रिकेट के लिए पैदा हुए हैं। क्रिकेट के लिए उनकी भूख और जुनून ऐसा है कि किसी को भी रश्क हो सकता है। उन्हें हर समय बस क्रिकेट और क्रिकेट नजर आता है।
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*सचिन के बाद कैसा होगा भारतीय क्रिकेट का चेहरा?
क्रिकेटर जिस दिन बल्ला थामता है वह इस हकीकत से वाकिफ होता है कि जिंदगी में एक दिन वह भी आएगा जब उसे बल्ला टांगना होगा। भारतीय क्रिकेट में ही नहीं आने वाले समय में उन जैसा खिलाड़ी बहुत मुश्किल है।
किसी के लिए सचिन सरीखा बनना लगभग नामुमकिन है। उनके ‘शूज’ को पहनने के लिए कोई नजर नहीं आता है। मुंबई टेस्ट के बाद जब वह अपना अपना बल्ला टांग देंगे तो दर्शकों को मैदान पर लंबे समय तक एक खालीपन अखरेगा।
*दुनिया का हर लीजेंड आखिरी लम्हों पर चूकता है। क्या सचिन को ऐसी कोई आशंका है?
सचिन सबसे अनूठे और सबसे अलग हैं। मुझे पूरा भरोसा है बतौर क्रिकेटर सचिन का आगाज जैसा शानदार रहा है उनके करियर का समापन भी वैसा ही शानदार होगा। हमारी सबकी दुआ है कि उनकी आखिरी पारी शानदार और यादगार रहे।
*उनके रिटायर होने के बाद उनकी क्या भूमिका देखना चाहेंगे?
सचिन ने बहुत सोच समझ कर संन्यास का फैसला लिया होगा। उन्हें इसके बाद क्या करना है उससे खुद सचिन वाकिफ होंगे। मैं तो बस यही दुआ करता हूं कि रिटायर होने के बाद क्रिकेट से किसी न किसी रूप में जुड़े रह कर इसे आगे ले जाने में योगदान करेंगे।
*भारत के किस क्रिकेटर में सचिन के करीब पहुंचने का माद्दा है?
मैं मानता हूं कि दूसरा सचिन नहीं हो सकता। लेकिन विराट कोहली से मुझे बहुत उम्मीदें हैं। वह सचिन भले न बन पाए, लेकिन जिस शानदार ढंग से विराट कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं उससे वह उनके कुछ करीब जरूर पहुंच सकते हैं।
*सचिन को उनके समकालीनों के मुकाबले किस पांत में खड़ा पाते हैं?
सचिन तेंदुलकर तो बस एक ही हो सकते हैं। वह अकेले सबसे ऊपर शिखर पर है। उनके बराबर कोई नहीं।