Manipur: मणिपुर के MMA फाइटर ने प्रधानमंत्री मोदी से की खास अपील, भावुक कर देने वाला वीडियो हुआ वायरल, देखें
भाजपा ने अभी तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है। मणिपुर में जातीय हिंसा में पिछले साल मई से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 50 हजार लोग विस्थापित हुए हैं।
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कोरेन ने कहा, 'यह मेरा विनम्र अनुरोध है। मणिपुर में हिंसा हो रही है। लगभग एक साल हो गया है। लोग मर रहे हैं और कई लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इन राहत शिविरों में भोजन और पानी की कमी है। बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। भविष्य स्पष्ट नहीं है। मोदी जी, कृपया एक बार मणिपुर का दौरा करें और राज्य में शांति बहाल करें।' अमर उजाला इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।
ये Chungreng Koren हैं। चैंपियन खिलाड़ी हैं।
— Govind Pratap Singh | GPS (@govindprataps12) March 11, 2024
जीत मिली तो PM मोदी से गुहार लगाई कि मणिपुर में हिंसा को करीब 1 साल हो गया है। आप मणिपुर जाइए। लोगों का भविष्य ख़तरे में है। कुछ करिए..
वैसे मुझे तो नहीं लगता कि चुनाव से पहले वो ऐसा कुछ करेंगे।#MatrixFightNight14 pic.twitter.com/gNOvsFmuLp
सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो क्लिप साझा करते हुए युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास ने हिंदी में लिखा, 'यह मणिपुर से चुंगरेंग कोरेन हैं। काश प्रधानमंत्री के लिए मणिपुर उनके परिवार का हिस्सा होता तो आज शायद मणिपुर का हर नागरिक रोने को मजबूर नही होता।'
भाजपा ने अभी तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है। मणिपुर में जातीय हिंसा में पिछले साल मई से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 50 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जातीय हिंसा अराजकता में बदल गई है।
ये है Manipur के Chungreng Koren..
— Srinivas BV (@srinivasiyc) March 11, 2024
काश प्रधानमंत्री के लिए Manipur उनके परिवार का हिस्सा होता तो आज शायद Manipur का हर नागरिक रोने को मजबूर नही होता। pic.twitter.com/OWhYTdShDG
अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद क्षेत्र में हिंसा बढ़ गई है। मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा बनाने वाले और मुख्य रूप से इम्फाल घाटी में रहने वाले मैतेई, नागा और कुकी सहित आदिवासियों के विपरीत हैं, जो 40 प्रतिशत हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं।
पिछले हफ्ते भारतीय सेना के एक सेवारत जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) को हिंसाग्रस्त मणिपुर के थौबल जिले से हथियारबंद लोगों के एक समूह ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था और लगभग नौ घंटे बाद उन्हें मुक्त करा लिया गया था। सेना ने बाद में एक बयान में कहा था, 'सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप जेसीओ को शाम में सुरक्षित बचा लिया गया। जेसीओ फिलहाल थौबल जिले में वाइखोंग पुलिस थाने (काकचिंग के निकट) में हैं। मणिपुर पुलिस घटना की जांच कर रही है।