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Hindi News ›   Sports ›   Mirabai Chanu Eyes Long-Awaited Asian Games Medal, Set to Compete in 49kg Weightlifting

एशियन गेम्स: 2023 की हार भुलाकर क्या इस बार पदक जीत पाएंगी मीराबाई चानू? 49 किग्रा वर्ग में होगी परीक्षा

Tue, 22 Sep 2026 10:50 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया Published by: मयंक त्रिपाठी Updated Tue, 22 Sep 2026 10:50 PM IST
सार

मीराबाई चानू एशियन गेम्स में 49 किग्रा वर्ग में अपने पहले पदक के लिए उतरेंगी। चीन की गैरमौजूदगी के बावजूद मौजूदा चैंपियन री सोंग गम उनके सामने बड़ी चुनौती होंगी।

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Mirabai Chanu Eyes Long-Awaited Asian Games Medal, Set to Compete in 49kg Weightlifting
मीराबाई चानू - फोटो : PTI

विस्तार

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू बुधवार को एशियाई खेलों में अपने लंबे समय से चले आ रहे पदक के इंतजार को खत्म करने के इरादे से महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में उतरेंगी। ओलंपिक रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप का खिताब और राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण अपने नाम कर चुकीं चानू के पदकों के संग्रह में अब सिर्फ एशियाई खेलों का पदक शामिल होना बाकी है।
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49 किग्रा वर्ग में चीन की चुनौती नहीं
  • मीराबाई के लिए इस बार पदक जीतने का मौका इसलिए भी अहम है क्योंकि 49 किलोग्राम वर्ग में चीन की भारोत्तोलक हिस्सा नहीं ले रही हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के पास पोडियम पर पहुंचने का मजबूत अवसर है।
  • हालांकि, स्वर्ण पदक की राह आसान नहीं होगी। उत्तर कोरिया की मौजूदा विश्व और एशियाई खेलों की चैंपियन री सोंग गम मीराबाई के सामने सबसे बड़ी चुनौती पेश करेंगी। री सोंग गम इस वर्ग में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी हैं।
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एशियाई खेलों में अब तक नहीं जीत पाईं पदक
मीराबाई चानू ने इससे पहले एशियाई खेलों में दो बार हिस्सा लिया है, लेकिन दोनों मौकों पर वह पदक से दूर रहीं।
  • 2014 एशियाई खेल: नौवां स्थान
  • 2018 एशियाई खेल: पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं लिया
  • 2023 एशियाई खेल: चौथा स्थान
2023 में पदक से मामूली अंतर से चूकने के बाद अब चानू की नजर इस बार पोडियम पर जगह बनाने पर है।
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एशियाई खेलों के लिए खास तैयारी
32 वर्षीय मीराबाई ने इस प्रतियोगिता की तैयारी मुख्य कोच विजय शर्मा के साथ विशेष रूप से की है। ग्लास्गो में हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी उन्होंने अगले ही दिन से प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। मीराबाई ने कहा, 'मेरा पूरा ध्यान एशियाई खेलों में पदक जीतने पर केंद्रित है। यही एकमात्र पदक है जो मेरे पास नहीं है।'

स्नैच में 90 किग्रा उठाने पर नजर
मीराबाई की तैयारी सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। वह प्रतियोगिता में अपनी सीमा को आगे बढ़ाते हुए स्नैच में 90 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश करेंगी। पिछले छह वर्षों से वह इस आंकड़े को हासिल करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा था, 'आप वास्तव में यह अनुमान नहीं लगा सकते कि शरीर किसी खास दिन कैसा साथ देगा, लेकिन मैं एशियाई खेलों में 90 किलोग्राम भार उठाने की पूरी कोशिश करूंगी।'

री सोंग गम के अलावा इन खिलाड़ियों से चुनौती
मीराबाई को री सोंग गम के अलावा दक्षिण कोरिया की जैग्योंग शिन, चीनी ताइपे की फांग वान-लिंग और थाईलैंड की सुथासिनी काओसिंगखोन से भी चुनौती मिल सकती है। मीराबाई के लिए यह मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 32 साल की उम्र में यह उनके आखिरी एशियाई खेल भी हो सकते हैं। ऐसे में वह अपने करियर के उन चुनिंदा पदकों में एक और उपलब्धि जोड़ना चाहेंगी, जो अब तक उनके नाम नहीं है।
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