हिमाचल की टीम से नेशनल खो-खो खेलेगी नेपाली मजदूर की बेटी
प्रतिभा अमीरी या संपन्नता के आश्रय की मोहताज नहीं होती। एक नेपाली मजदूर की बेटी सरिता ने इसका उदाहरण पेश किया है। वह खो-खो के लिए राज्य की टीम में नेशनल खेलने के लिए चयनित हुई हैं और उसका नाम टॉप थ्री में शामिल है। यह टीम राष्ट्रीय स्तर पर होने जा रही अंतरराज्यीय प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही है, जो पहले जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित थी, अब वहां हालात सामान्य न होने के कारण आगे टाल दी गई है।
सरिता अंडर-19 वर्ग में खेलेंगी। उसने प्रदेश का नाम रोशन करने की ठान ली है। जिला शिमला की तहसील ठियोग की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगैन में दसवीं कक्षा की छात्रा सरिता के पिता प्रदीप कुमार और माता खीमां देवी दोनों ही नेपाल के तुलसीपुर के मूल निवासी हैं। वे पिछले डेढ़ दशक से बगैन स्कूल के निकटवर्ती क्षेत्र में ही मजदूरी करके गुजारा कर रहे हैं। सरिता का जन्म भी यहीं हुआ।
वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र जंजैहली में हुई राज्यस्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में शिमला जिले की टीम से खेली थीं। यह प्रतियोगिता सितंबर में हुई। छात्रा ने अपनी टीम की तरफ से नौ मिनट की रनिंग का रिकॉर्ड बनाया, जबकि खो-खो का एकतरफ के कुल मैच का समय ही नौ मिनट का होता है।
इसने सबको चौंका दिया। हालांकि शिमला की टीम बिलासपुर की टीम से सेमीफाइनल में हार गई थी, मगर सरिता की दौड़ने की अद्भुत क्षमता से उनका राष्ट्रीय खेल के लिए चयन कर लिया गया। स्कूल प्रधानाचार्य रत्न सिंह वर्मा और राजनीतिक शास्त्र के प्रवक्ता ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि सरिता के चयन की सूचना मिलने पर उनके स्कूल में खुशी की लहर है।
14 नवंबर को स्कूल में हुए वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में भी इस छात्रा को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयन के लिए एसडीएम ठियोग कृष्ण कुमार शर्मा ने सम्मानित किया।