Judo: लिन्थोई चनंबम ने विश्व चैंपियनशिप में रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक
15 वर्षीय जुडोका लिन्थोई ने फाइनल में ब्राजील की बियांका रीस को मात दी। लिन्थोई विश्व चैंपियनशिप के किसी भी आयु वर्ग वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय जुडोका बनीं।
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मणिपुर की लिन्थोई ने फाइनल मुकाबले में वाजारी से शुरुआती बढ़त बना ली। वह अंतिम सेकंड में 1-0 से मैच जीतने में सफल रहीं। लिन्थोई जूडो में भारत की पहली अंडर-18 विश्व चैंपियन बनी हैं। 15 वर्षीय यह खिलाड़ी पिछले कुछ सालों में भारत की बेहतरीन जुडोकाओं में रही हैं। वह भारत सरकार के टॉप्स कार्यक्रम का भी हिस्सा हैं। लिन्थोई 2017 में सब-जूनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सुर्खियों में आईं।
First ever world championship medal for India! 🇮🇳🥇 Gold for Linthoi!
— Judo (@Judo) August 26, 2022
“I cannot explain now how I feel but I know I’m very happy with this victory” - Linthoi Chanambam#JudoCadets #Judo #Sport #sarajevo #cadets #JudoKids pic.twitter.com/2YOFW7Pf3z
लिन्थोई ने स्वर्ण जीतने के बाद कहा, "मैं यह नहीं बता सकती कि मैं कैसा महसूस कर रही हूं, लेकिन मुझे पता है कि मैं इस जीत से बहुत खुश हूं।" इस ऐतिहासिक जीत से पहले लिन्थोई 2021 में राष्ट्रीय कैडेट जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीती थीं। इसके बाद लेबनान के बेरूत में एशिया-ओशिनिया कैडेट जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया था। वह एशियाई कैडेट और जूनियर जूडो चैंपियनशिप 2022 में भी स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही थीं।