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Khelo India Youth Games: झारखंड के ट्रैक्टर ड्राइवर की बेटी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में सबसे युवा खिलाड़ी, इस उम्र में किया डेब्यू
Mon, 06 Jun 2022 11:07 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 06 Jun 2022 11:07 PM IST
सार
इतु कहती हैं कि जब महाराष्ट्र के खिलाफ मैच में उतरी तो मेरे माता-पिता चिंतित थे, लेकिन मैं नहीं डरी। झारखंड के दुमका जिले की रहने वालीं इतु ने कहा कि वह परिवार में सबसे बड़ी हैं।
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कबड्डी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
झारखंड की इतु मंडल ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में सबसे कम उम्र में खिलाड़ी के तौर पर शामिल होकर इतिहास रच दिया। 13 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी ने अपना पहला रेड करने से पहले ही रिकॉर्ड बुक में प्रवेश कर लिया। ट्रैक्टर चालक की बेटी इतु जब 8 साल की थीं, तभी उन्हें कबड्डी से प्यार हो गया था। अपने आस-पास की महिलाओं से प्रभावित होकर वह अंडर-18 यूथ टीम का हिस्सा बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ीं।
इतु कहती हैं कि जब महाराष्ट्र के खिलाफ मैच में उतरी तो मेरे माता-पिता चिंतित थे, लेकिन मैं नहीं डरी। झारखंड के दुमका जिले की रहने वालीं इतु ने कहा कि वह परिवार में सबसे बड़ी हैं। उनके माता-पिता ने खेलने के लिए पूरी छूट दी है। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए कोई दबाव नहीं डाला।
कोच बनने की चाहत है
इतु को अभी खेल में लंबा सफर तय करना है, लेकिन वह जानती हैं कि जब जूते लटका देंगी तो उसके बाद क्या करना है। वह कहती हैं कि उन्हें कोच बनने की चाहत है। जैसे ही खेल के बारे में पर्याप्त चीजें सीख लेंगी, वैसी ही कोचिंग शुरू कर दूंगी। वह कहती हैं कि वह युवाओं के साथ काम करना चाहती हैं और उन्हें कबड्डी से प्यार करने में मदद करना चाहती हूं।
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इतु कहती हैं कि जब महाराष्ट्र के खिलाफ मैच में उतरी तो मेरे माता-पिता चिंतित थे, लेकिन मैं नहीं डरी। झारखंड के दुमका जिले की रहने वालीं इतु ने कहा कि वह परिवार में सबसे बड़ी हैं। उनके माता-पिता ने खेलने के लिए पूरी छूट दी है। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए कोई दबाव नहीं डाला।
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कोच बनने की चाहत है
इतु को अभी खेल में लंबा सफर तय करना है, लेकिन वह जानती हैं कि जब जूते लटका देंगी तो उसके बाद क्या करना है। वह कहती हैं कि उन्हें कोच बनने की चाहत है। जैसे ही खेल के बारे में पर्याप्त चीजें सीख लेंगी, वैसी ही कोचिंग शुरू कर दूंगी। वह कहती हैं कि वह युवाओं के साथ काम करना चाहती हैं और उन्हें कबड्डी से प्यार करने में मदद करना चाहती हूं।
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