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Hindi News ›   Sports ›   Jim Thorpe Medal: IOC reinstates Jim Thorpe as sole winner of two golds from 1912 Olympics

Jim Thorpe: ओलंपिक स्वर्ण जीतने के 110 साल बाद थोर्पे चैंपियन घोषित, इस वजह से छिन गए थे पदक

Sat, 16 Jul 2022 12:47 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लुसाने (स्विट्जरलैंड)
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लुसाने (स्विट्जरलैंड) Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 16 Jul 2022 12:47 AM IST
सार

थोर्पे ने न्यूयॉर्क जाइंटस, सिनसिनाटी रेड्स और बोस्टन ब्रेव्स के लिए पेशेवर बेसबॉल खेली। वह 1931 में एनएफएल के ऑल डिकेट टीम के सदस्य थे। उन्होंने 1928 में 41 साल की उम्र में पेशेवर फुटबॉल से संन्यास ले लिया। वह प्रो फुटबॉल हाल ऑफ फेम के भी सदस्य रहे।

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Jim Thorpe Medal: IOC reinstates Jim Thorpe as sole winner of two golds from 1912 Olympics
जिम थॉर्पे - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अमेरिका के जिम थोर्पे को 1912 स्टाकहोम ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड की पेटांथलान एवं डेकाथलान स्पर्धा का एकमात्र विजेता घोषित कर दिया गया है। 110 साल पहले उनसे ये स्वर्ण खेलों की गैर-पेशेवर प्रकृ ति के कड़े नियमों के कारण छीन लिए गए थे।  
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पदक की सालगिरह का तोहफा
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने उनके पदक जीतने की 110 वीं सालगिरह पर शुक्रवार को यह घोषणा करने का निर्णय लिया। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने कहा- हम इस फैसले का स्वागत करते हैं, अंतत: एक हल निकल पाया। यह एक असाधारण और अनूठी स्थिति थी।  

Jim Thorpe | Biography, Achievements, & Facts | Britannica
जिम थॉर्पे
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खेलों का था पहला बड़ा स्कैंडल
स्टाकहोम में स्वर्ण जीतने के बाद जिम ने न्यूयॉर्क में परेड में भी हिस्सा जिसमें उनका जोरदार स्वागत हुआ था। स्वीडन के किंग गुस्ताव पंचम ने उन्हें समापन समारोह में महानतम एथलीट भी करार दिया था। कुछ महीनों बाद पाया गया कि उन्होंने दो सीजन में बेसबॉल लीग में खेलने का पैसा मिला था। ऐसे में वह एक पेशेवर खिलाड़ी हो गए थे।
 
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ओलंपिक में एमेच्योर (गैर-पेशेवर) खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। खेल के बदले पैसा मिलना एमेच्योर प्रवृति के विपरीत माना गया। उनके पदक छीन लिए गए और तब इसे अंतरराष्ट्रीय खेलों का पहला बड़ा स्कैंडल माना गया था। थोर्प की गिनती हमेशा सर्वकालिक महान एथलीटों में होती रही है। उन्हें 1950 में एसोसिएट प्रेस ने अर्द्धशताब्दी का श्रेष्ठ एथलीट चुना था। थोर्पे के दबदबे का यह आलम था कि पेंटाथलान (पांच खेलों की स्पर्धा) में उनके अंक लगभग तीन गुणा और डेकाथलान में दूसरे स्थान पर रहे खिलाड़ी से 688 ज्यादा रहे।  

Jim Thorpe | Biography, Achievements, & Facts | Britannica

मौत के 29 साल बाद डुप्लिकेट मेडल
जिम का निधन 1953 में हो गया था और उनकी मृत्यु के 29 साल के बाद उनके परिवार को डुप्लिकेट स्वर्ण पदक दिए गए लेकिन उनके रिकॉर्ड को शामिल नहीं किया गया था और न ही दो स्पर्धाओं (पेंटाथलान और डेकाथलान) में उनका विजेता होने का दर्जा घोषित किया गया था।

दो साल पहले ब्राइट पाथ स्ट्रांग समूह ने एक याचिका डाली थी जिसमें उन्हें 1912 में दोनों स्पर्धाओं का विजेता घोषित करने की पैरवी की गई थी। अब आईओसी ने उन्हें अधिकृत रिकॉर्ड बुक में शामिल कर लिया है। आईओसी का कहना है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स भी अपने रिकॉर्ड में संशोधन को तैयार हो गया है। 
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