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Indian Grand Prix 5: पीटी उषा का रिकॉर्ड टूटने से बचा, तमिलनाडु की विद्या सेकंड के सौवें हिस्से से चूकीं
Mon, 11 Sep 2023 11:51 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 11 Sep 2023 11:51 PM IST
सार
विद्या ने कहा कि मैडम उषा बेहद प्रतिभाशाली थीं इसलिए उनका रिकॉर्ड इतने लंबे समय से कायम है। मैं यह कीर्तिमान तोड़ना चाहती थी।
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R vithya ramraj
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एशियाई खेलों में भाग लेने वालीं 24 साल की आर विद्या रामराज सोमवार को यहां ‘इंडियन ग्रां प्री पांच’ के दौरान महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.43 सेकंड का समय लेकर महान पीटी उषा के 39 साल पहले के रिकॉर्ड को तोड़ने से बेहद मामूली अंतर से चूक गईं। तमिलनाडु की 24 वर्षीय विद्या सेकंड के सौवें हिस्से से उषा का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गईं। उषा ने 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 55.42 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।
यह दूसरा सबसे लंबे समय तक कायम रहने वाला राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। विद्या ने कहा कि मैडम उषा बेहद प्रतिभाशाली थीं इसलिए उनका रिकॉर्ड इतने लंबे समय से कायम है। मैं यह कीर्तिमान तोड़ना चाहती थी। ये मेरे दिमाग में था, मैं नई उषा मैडम बनना चाहती थी। मैं पहले 200 मीटर में कुछ धीमी रहीं उसके बाद गति पकड़ी। अगर मैंने शुरुआत में ही रफ्तार पकड़ ली होती तो मैंने यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया होता। अभी एशियाई खेल होने हैं, मैं वहां राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास करूंगी।
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यह दूसरा सबसे लंबे समय तक कायम रहने वाला राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। विद्या ने कहा कि मैडम उषा बेहद प्रतिभाशाली थीं इसलिए उनका रिकॉर्ड इतने लंबे समय से कायम है। मैं यह कीर्तिमान तोड़ना चाहती थी। ये मेरे दिमाग में था, मैं नई उषा मैडम बनना चाहती थी। मैं पहले 200 मीटर में कुछ धीमी रहीं उसके बाद गति पकड़ी। अगर मैंने शुरुआत में ही रफ्तार पकड़ ली होती तो मैंने यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया होता। अभी एशियाई खेल होने हैं, मैं वहां राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास करूंगी।
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