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पैरा एशियन गेम्स: पुरुष ऊंची कूद में भारत का क्लीन स्वीप, टी63 स्पर्धा में जीते तीनों पदक; शैलेष को स्वर्ण
Thu, 22 Oct 2026 04:29 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 22 Oct 2026 04:29 PM IST
सार
- पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने पुरुष ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया।
- भारत ने शैलेष कुमार की अगुआई में इस स्पर्धा में तीनों पदक अपने नाम किए।
- दिलीप गावित ने पुरुषों के 400 मीटर टी47 फाइनल में स्वर्ण पदक जीता।
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पैरा एशियन गेम्स
- फोटो : X
विस्तार
एशियाई पैरा खेलों में एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शैलेष कुमार की अगुआई में भारत ने पुरूषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में तीनों पदक जीते। पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में शैलेष ने खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ 1. 89 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता। पूर्व पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता वरूण भाटी ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 1.84 मीटर के साथ रजत, जबकि राहुल ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके 1.81 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
टी63 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका घुटना या घुटने के ऊपर का हिस्सा कटा हुआ है या जिनके पैर में कोई कमी है। ये एथलीट दौड़ने और कूदने के लिए घुटने के जोड़ वाले कृत्रिम पैर (प्रोस्थेसिस) का उपयोग करके प्रतिस्पर्धा करते हैं। भारत ने हांगझोउ में हुए पिछले खेलों में भी इस स्पर्धा के तीनों पदक जीते थे।
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टी63 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका घुटना या घुटने के ऊपर का हिस्सा कटा हुआ है या जिनके पैर में कोई कमी है। ये एथलीट दौड़ने और कूदने के लिए घुटने के जोड़ वाले कृत्रिम पैर (प्रोस्थेसिस) का उपयोग करके प्रतिस्पर्धा करते हैं। भारत ने हांगझोउ में हुए पिछले खेलों में भी इस स्पर्धा के तीनों पदक जीते थे।
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गावित ने जीता स्वर्ण पदक
वहीं, पुरुषों के 400 मीटर टी47 फाइनल में गावित ने 48.27 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि भाविककुमार भारवाड ने 49.31 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया था। हालांकि, भाविककुमार बाद में अयोग्य करार दिए गए जिस कारण उनका रजत छिन गया। जापान के काकेरू इशिदा को कांस्य पदक मिला। गावित ने इससे पहले बुधवार को पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने हांगझोउ खेलों में 49.48 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था। टी47 श्रेणी में वे एथलीट आते हैं जिनकी कोहनी के नीचे से बाजू या कलाई कटी हुई है या ऊपरी अंग में कोई ऐसी ही कमी या खराबी है जिससे एक बाजू प्रभावित होती है।
वहीं, पुरुषों के 400 मीटर टी47 फाइनल में गावित ने 48.27 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि भाविककुमार भारवाड ने 49.31 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया था। हालांकि, भाविककुमार बाद में अयोग्य करार दिए गए जिस कारण उनका रजत छिन गया। जापान के काकेरू इशिदा को कांस्य पदक मिला। गावित ने इससे पहले बुधवार को पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने हांगझोउ खेलों में 49.48 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था। टी47 श्रेणी में वे एथलीट आते हैं जिनकी कोहनी के नीचे से बाजू या कलाई कटी हुई है या ऊपरी अंग में कोई ऐसी ही कमी या खराबी है जिससे एक बाजू प्रभावित होती है।
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महिला 400 मीटर में भी मिली सफलता
भारत की अंजनाबेन बुंबाडिया ने पैरा एशियन गेम्स में महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में गुरुवार को स्वर्ण पदक जीता, जबकि जयंती बेहेडा को रजत पदक मिला। बुंबाडिया ने 59. 97 सेकेंड का समय निकाला और चार खिलाड़ियों में एक मिनट से कम का समय निकालने वाली अकेली प्रतियोगी रही। बेहेडा ने एक मिनट 00.65 सेकेंड का समय लिया। थाईलैंड की सासिरावान इंताचोत ने एक मिनट 02.58 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता।
भारत की अंजनाबेन बुंबाडिया ने पैरा एशियन गेम्स में महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में गुरुवार को स्वर्ण पदक जीता, जबकि जयंती बेहेडा को रजत पदक मिला। बुंबाडिया ने 59. 97 सेकेंड का समय निकाला और चार खिलाड़ियों में एक मिनट से कम का समय निकालने वाली अकेली प्रतियोगी रही। बेहेडा ने एक मिनट 00.65 सेकेंड का समय लिया। थाईलैंड की सासिरावान इंताचोत ने एक मिनट 02.58 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता।