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चला मैरीकॉम का मुक्का, भारत को सातवां स्वर्ण
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 01 Oct 2014 07:53 PM IST
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ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी रखते हुए एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिला दिया है।
मुक्केबाज एल सरिता देवी को विवादित तरीके से सेमीफाइनल मुकाबले से बाहर किए जाने के बाद सभी की उम्मीदें मैरीकॉम पर टिकी थीं जिसमें आज वह कामयाब रहीं। मैरीकॉम ने महिलाओं की फ्लाईवेट वर्ग (48-51 किग्रा) के फाइनल में कजाख्स्तान की मुक्केबाज जाहिना शेर्केबेकोवा को आसानी से हराया।
2010 में ग्वांझू एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली मैरीकॉम का एशियाड में यह पहला स्वर्ण पदक है। इसके साथ ही भारत की झोली में 7 गोल्ड आ चुके हैं। 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम ने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।
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मुक्केबाज एल सरिता देवी को विवादित तरीके से सेमीफाइनल मुकाबले से बाहर किए जाने के बाद सभी की उम्मीदें मैरीकॉम पर टिकी थीं जिसमें आज वह कामयाब रहीं। मैरीकॉम ने महिलाओं की फ्लाईवेट वर्ग (48-51 किग्रा) के फाइनल में कजाख्स्तान की मुक्केबाज जाहिना शेर्केबेकोवा को आसानी से हराया।
2010 में ग्वांझू एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली मैरीकॉम का एशियाड में यह पहला स्वर्ण पदक है। इसके साथ ही भारत की झोली में 7 गोल्ड आ चुके हैं। 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम ने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।
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महिला हॉकी में भारत ने जीता कांस्य
भारत को एशियाई खेलों में 8 साल के लंबे इंतजार के बाद महिला हॉकी में कांस्य पदक मिल ही गया। इंचियोन में खेले गए मुकाबले में भारत ने जापानी टीम को 2-1 से हराकर पदक पर कब्जा जमाया। आज का मैच बेहद शानदार रहा और दोनों टीमों ने बेहतर खेल दिखाया लेकिन बाजी भारतीय टीम के हाथ लगी।
जसप्रीत कौर ने मैच के दूसरे क्वार्टर में पेनाल्टी कॉर्नर से बढ़त का गोल दागा। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में जापान ने बराबरी का गोल दाग दिया। लेकिन भारत की ओर से वंदना कटारिया ने जल्द ही एक और गोल कर अपनी टीम की बढ़त को कायम रखा।
8 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिलाओं ने एशियन गेम्स में कोई पदक जीता है जबकि इन खेलों के इतिहास में उसका यह कुल तीसरा कांस्य पदक है। विश्व में 13वें नंबर पर स्थित भारतीय टीम ने अपने से ऊंची 10वीं रैंकिंग वाली जापान से 2010 एशियन गेम्स में मिली हार का बदला भी चुकता किया। गुआंग्झू में जापान ने कांस्य पदक के मुकाबले में भारतीय टीम को 1-0 से हराया था।
इससे पहले भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में मेजबान कोरिया के हाथों हार गई थी। दूसरी ओर, पुरुष हॉकी में भारत 12 साल बाद फाइनल में पहुंचने में कामयाब हुआ है जहां उसका मुकाबला गुरुवार को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगी। भारत ने सेमीफाइनल में कोरिया को जबकि पाक ने मलेशिया को हराया था।
जसप्रीत कौर ने मैच के दूसरे क्वार्टर में पेनाल्टी कॉर्नर से बढ़त का गोल दागा। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में जापान ने बराबरी का गोल दाग दिया। लेकिन भारत की ओर से वंदना कटारिया ने जल्द ही एक और गोल कर अपनी टीम की बढ़त को कायम रखा।
8 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिलाओं ने एशियन गेम्स में कोई पदक जीता है जबकि इन खेलों के इतिहास में उसका यह कुल तीसरा कांस्य पदक है। विश्व में 13वें नंबर पर स्थित भारतीय टीम ने अपने से ऊंची 10वीं रैंकिंग वाली जापान से 2010 एशियन गेम्स में मिली हार का बदला भी चुकता किया। गुआंग्झू में जापान ने कांस्य पदक के मुकाबले में भारतीय टीम को 1-0 से हराया था।
इससे पहले भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में मेजबान कोरिया के हाथों हार गई थी। दूसरी ओर, पुरुष हॉकी में भारत 12 साल बाद फाइनल में पहुंचने में कामयाब हुआ है जहां उसका मुकाबला गुरुवार को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगी। भारत ने सेमीफाइनल में कोरिया को जबकि पाक ने मलेशिया को हराया था।
टिंटू ने दिखाया दम,सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर जीता रजत
आलोचनाओं का शिकार हो रहीं पीटी ऊषा की शिष्या टिंटू लूका ने उनकी ओर अंगुली उठाने वालों को कुछ हद तक इंचियोन में बुधवार को जवाब दे दिया। उन्होंने 800 मीटर में सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए न सिर्फ रजत जीता बल्कि यह भी दिखा दिया कि उनमें काफी दम है।
टिंटू के साथ दौड़ रहीं सुषमा देवी चौथे स्थान पर रहीं। हालांकि उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ समय 2.01.91 सेकेंड निकाला। टिंटू का सर्वश्रेष्ठ समय 1.59.17 सेकेंड है और यह भी उन्होंने तीन साल पहले निकाला था। इतनी बेहतरीन शुरूआत के बावजूद वह दो मिनट का बैरियर तोड़ नहीं पा रही थीं। इस साल एक बार भी ऐसा नहीं हुआ जब उन्होंने दो मिनट का बैरियर तोड़ा हो, लेकिन आज उन्होंने ऐसा किया और रजत पदक उनकी झोली में था। वह अपने सर्वश्रेष्ठ से महज 0.02 सेकेंड पीछे रहीं। उन्होंने 1.59.19 सेकेंड का समय लिया।
शुरुआत में तेजी दिखाने वाली उनकी और ऊषा की रणनीति की भले ही आलोचनाएं होती रहीं, लेकिन टिंटू ने आज भी उसी पर काम किया। वह शुरू से बढ़त लिए रही हैं। अंत में जब लग रहा था कि वह कुछ कमाल करने जा रही हैं तभी कजाखस्तान की एथलीट ने मार्गरीटा मुकाशेवा ने जोरदार फर्राटा भरते न सिर्फ खेलों का नया कीर्तिमान बनाया बल्कि गोल्ड भी ले उड़ीं।
टिंटू के साथ दौड़ रहीं सुषमा देवी चौथे स्थान पर रहीं। हालांकि उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ समय 2.01.91 सेकेंड निकाला। टिंटू का सर्वश्रेष्ठ समय 1.59.17 सेकेंड है और यह भी उन्होंने तीन साल पहले निकाला था। इतनी बेहतरीन शुरूआत के बावजूद वह दो मिनट का बैरियर तोड़ नहीं पा रही थीं। इस साल एक बार भी ऐसा नहीं हुआ जब उन्होंने दो मिनट का बैरियर तोड़ा हो, लेकिन आज उन्होंने ऐसा किया और रजत पदक उनकी झोली में था। वह अपने सर्वश्रेष्ठ से महज 0.02 सेकेंड पीछे रहीं। उन्होंने 1.59.19 सेकेंड का समय लिया।
शुरुआत में तेजी दिखाने वाली उनकी और ऊषा की रणनीति की भले ही आलोचनाएं होती रहीं, लेकिन टिंटू ने आज भी उसी पर काम किया। वह शुरू से बढ़त लिए रही हैं। अंत में जब लग रहा था कि वह कुछ कमाल करने जा रही हैं तभी कजाखस्तान की एथलीट ने मार्गरीटा मुकाशेवा ने जोरदार फर्राटा भरते न सिर्फ खेलों का नया कीर्तिमान बनाया बल्कि गोल्ड भी ले उड़ीं।
जेवेलिन थ्रो में भारत को मिला कांस्य पदक
एथलेटिक्स में अनु रानी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए जेवेलिन थ्रो में कांस्य पदक जीत लिया। अनुरानी का इंचियोन में आने से पहले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 58.83 मीटर था, लेकिन आज उन्होंने अपनी पहली ही थ्रो 59.53 मीटर फेंक दी। वह तीन थ्रो तक पहले स्थान पर रहीं। बाद में दो चीनी थ्रोअरों ने 60 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका और स्वर्ण व रजत अपने नाम कर लिया।
हालांकि गुआंग झू एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अश्वनी अकुंजी ने निराश किया वह 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रहीं।
50 किलोमीटर पदचालन में संदीप कुमार और बसंत बहादुर राणा चौथे व पांचवें स्थान पर रहे। 800 मीटर साजी जोस को चौथा स्थान मिला। हालांकि वह सातवें स्थान पर थे लेकिन स्वर्ण, रजत और कांस्य जीतने वाले सऊदी अरब, कतर और बहरीन के तीनों एथलीटों को डिसक्वालीफाई कर दिया गया।
ट्रिपल जंप में मयूखा जानी 13.50 मीटर के साथ नौवें स्थान पर रहीं। 400 मीटर बाधा दौड़ में जितिन पॉल फॉल्स स्टार्ट करने के चलते डिसक्वालीफाई कर दिए गए।
हालांकि गुआंग झू एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अश्वनी अकुंजी ने निराश किया वह 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रहीं।
50 किलोमीटर पदचालन में संदीप कुमार और बसंत बहादुर राणा चौथे व पांचवें स्थान पर रहे। 800 मीटर साजी जोस को चौथा स्थान मिला। हालांकि वह सातवें स्थान पर थे लेकिन स्वर्ण, रजत और कांस्य जीतने वाले सऊदी अरब, कतर और बहरीन के तीनों एथलीटों को डिसक्वालीफाई कर दिया गया।
ट्रिपल जंप में मयूखा जानी 13.50 मीटर के साथ नौवें स्थान पर रहीं। 400 मीटर बाधा दौड़ में जितिन पॉल फॉल्स स्टार्ट करने के चलते डिसक्वालीफाई कर दिए गए।
टेबल टेनिसः घोष प्री-क्वार्टर फाइनल में, शरत बाहर
सौम्यजीत घोष एकमात्र भारतीय हैं, जिन्होंने पुरुष टेबल टेनिस स्पर्धा के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है जबकि देश के वरीय खिलाड़ी शरत कमल को हार का मुंह देखना पड़ा।
घोष ने लाओस के फाथफोन थविसक पवर 11-5, 11-7, 11-5, 11-4 से जीत दर्ज की। वहीं शरत को 271वें वरीय थाइलैंड के पदासक टानविरियावेचकुल ने 11-6, 10-12, 11-5, 9-11, 11-6, 10-12, 9-11 से चौंकाया।
घोष ने लाओस के फाथफोन थविसक पवर 11-5, 11-7, 11-5, 11-4 से जीत दर्ज की। वहीं शरत को 271वें वरीय थाइलैंड के पदासक टानविरियावेचकुल ने 11-6, 10-12, 11-5, 9-11, 11-6, 10-12, 9-11 से चौंकाया।
सेलिंग में भारतीय जोड़ी ने कांस्य जीत रचा इतिहास
भारत की वर्षा गौतम और ऐश्वर्या नेदुनचेजियेन ने एशियन गेम्स में महिलाओं की नौकायन डबल डिंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 16 वर्षीय वर्षा और 18 वर्षीय ऐश्वर्या की जोड़ी ने 11वीं और पेनलटीमेट रेस जीती और उसके बाद फाइनल रेस में 25.0 अंक लेकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का महिला सेलिंग में यह अभी तक का पहला पदक है।
हालांकि भारतीय जोड़ी के पास रजत पदक जीतने का भी मौका था लेकिन वर्षा और ऐश्वर्या दूसरे नंबर पर रहीं सिंगापुर की जोड़ी रुई शी प्रिसिला लॉ और रुई क्यू केसिला लॉ से सिर्फ चार अंक पीछे रह गई। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक थाइलैंड की जोड़ी एन पूनापत और एन वेईवेई ने जीता। वहीं महिलाओं की सिंगल डिंगी स्पर्धा में नेथरा कुमानन आठ प्रतियोगियों में सातवें स्थान पर रहीं।
वर्षा और ऐश्वर्या की इस शानदार जीत के बाद टीम मैनेजर केडी सिंह ने खुशी जताते हुए कहा, "शुरुआत में हवा अच्छी नहीं चल रही थी और रेस स्थगित हो गई लेकिन इसके बाद परिस्थितियां अच्छी हो गई। मैं वर्षा और ऐश्वर्या के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं।"
हालांकि भारतीय जोड़ी के पास रजत पदक जीतने का भी मौका था लेकिन वर्षा और ऐश्वर्या दूसरे नंबर पर रहीं सिंगापुर की जोड़ी रुई शी प्रिसिला लॉ और रुई क्यू केसिला लॉ से सिर्फ चार अंक पीछे रह गई। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक थाइलैंड की जोड़ी एन पूनापत और एन वेईवेई ने जीता। वहीं महिलाओं की सिंगल डिंगी स्पर्धा में नेथरा कुमानन आठ प्रतियोगियों में सातवें स्थान पर रहीं।
वर्षा और ऐश्वर्या की इस शानदार जीत के बाद टीम मैनेजर केडी सिंह ने खुशी जताते हुए कहा, "शुरुआत में हवा अच्छी नहीं चल रही थी और रेस स्थगित हो गई लेकिन इसके बाद परिस्थितियां अच्छी हो गई। मैं वर्षा और ऐश्वर्या के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं।"