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सरदार, सुनील और श्रीजेश को विश्व कप तक टीम में रखा जाना चाहिए: सुबैया
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Feb 2018 09:39 PM IST
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सरदार सिंह और श्रीजेश
- फोटो : File
भारत के पूर्व कप्तान सरदार सिंह को हॉकी इंडिया ने एक बार फिर सीनयर राष्ट्रीय हॉकी शिविर के लिए चुने गए 33 खिलाड़ियों में जगह दी है। लाख टके का सवाल है कि तीन मार्च से मलेशिया में महीने अजलान शाह कप तथा 5 अप्रैल से होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए उन्हें भारत की सीनियर टीम में जगह मिल पाएगी या फिर भुवनेश्वर में दिसंबर में हुए हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल्स और हाल ही में न्यूजीलैंड में दो चरणों के हॉकी टूर्नामेंट की तरह फिर टीम से बाहर रखा जाएगा।
इस बाबत भारत के पूर्व ओलंपिक गोलरक्षक एबी सुबैया ने ‘अमर उजाला’ से कहा, ‘सरदार सिंह यदि पूरी तरह फिट हैं और टॉप फॉर्म में हैं तो उन्हें इन दोनों टूर्नामेंटों में आजमाने के साथ इस साल के आखिर में भुवनेश्वर में होने वाले विश्व कप तक शिविर में रखने के साथ टीम में भी रखना चाहिए। सरदार सरीखे खिलाड़ी का अनुभव अभी विश्व कप में भारतीय टीम के लिए खासा अहम है।
दरअसल विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में एक भी मैच में बड़ी गलती आपसी हॉकी टीम का पूरा गणित बिगाड़ सकती है। सरदार की तरह स्ट्राइकर एसवी सुनील और चोट के बाद वापसी करने वाले गोलरक्षक पीआर श्रीजेश को कम से कम इस साल भारत में होने वाले विश्व कप तक के लिए टीम में रखना चाहिए। इसके लिए यह भी जरूरी है कि ये तीनों खुद को पूरी तरह फिट रखें और खेलने का जोश बनाए रखें।
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वहीं, सुनील की रफ्तार बतौर स्ट्राइकर अभी भी बरकरार है। गोलरक्षक पीआर श्रीजेश अब पूरी फिटनेस पाने की ओर अग्रसर है। श्रीजेश जब अपनी पूरी रंगत पा लेंगे तो वह निश्चित रूप से इस सभी विश्व कप जैसे सभी टूर्नामेंट में भारत के लिए बहुत अहम साबित होंगे। सरदार अपने अनुभव के बूते अभी विश्व कप में खेलने की कूवत रखते हैं।
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इस बाबत भारत के पूर्व ओलंपिक गोलरक्षक एबी सुबैया ने ‘अमर उजाला’ से कहा, ‘सरदार सिंह यदि पूरी तरह फिट हैं और टॉप फॉर्म में हैं तो उन्हें इन दोनों टूर्नामेंटों में आजमाने के साथ इस साल के आखिर में भुवनेश्वर में होने वाले विश्व कप तक शिविर में रखने के साथ टीम में भी रखना चाहिए। सरदार सरीखे खिलाड़ी का अनुभव अभी विश्व कप में भारतीय टीम के लिए खासा अहम है।
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दरअसल विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में एक भी मैच में बड़ी गलती आपसी हॉकी टीम का पूरा गणित बिगाड़ सकती है। सरदार की तरह स्ट्राइकर एसवी सुनील और चोट के बाद वापसी करने वाले गोलरक्षक पीआर श्रीजेश को कम से कम इस साल भारत में होने वाले विश्व कप तक के लिए टीम में रखना चाहिए। इसके लिए यह भी जरूरी है कि ये तीनों खुद को पूरी तरह फिट रखें और खेलने का जोश बनाए रखें।
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वहीं, सुनील की रफ्तार बतौर स्ट्राइकर अभी भी बरकरार है। गोलरक्षक पीआर श्रीजेश अब पूरी फिटनेस पाने की ओर अग्रसर है। श्रीजेश जब अपनी पूरी रंगत पा लेंगे तो वह निश्चित रूप से इस सभी विश्व कप जैसे सभी टूर्नामेंट में भारत के लिए बहुत अहम साबित होंगे। सरदार अपने अनुभव के बूते अभी विश्व कप में खेलने की कूवत रखते हैं।
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भारत को रोकने का दम किसी में नहीं
हॉकी इंडिया
ओलंपिक में हालांकि सही मायनों में तीन बरस हैं और यह बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा कि उनकी फिटनेस कैसी है। ऐसे में सरदार टीम में रहते हैं तो फिर भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह पर बोझ खासा कम हो जाएगा और बेहतर खेल सकते हैं। मैं सरदार की बाबत विश्व कप की बात इसलिए कर रहा हूं क्योंकि पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया फिलहाल जिस हाल में उससे एशियन गेम्स में भारत सरीखी टीम को रोकने की स्थिति में बाकी टीमें नहीं दिखाई देती।
कोच के पास विकल्प नहीं है तो सरदार को विश्व कप तक रख सकते हैं टीम में
सरदार सिंह
- फोटो : File
वहीं, भारत के पूर्व ओलंपिक स्ट्राइकर सुखबीर सिंह ग्रेवाल कहते हैं, ‘सरदार धीमे पड़ गए हैं और यदि भारत के कोच पर सोएर्ड मराइन के पास उनका विकल्प इस समय नहीं है तो वह उन्हें इस साल के आखिर में भारत में होने वाले हॉकी विश्व कप के लिए टीम में जगह दे सकते हैं।
एक बात साफ है कि मुझे सरदार के 2020 के टोक्यो ओलंपिक तक तो उनके टीम में होने की गुंजाइश नहीं है क्योंकि तब उम्र के उस पड़ाव पर होंगे जो कि इतने बड़े मुकाबले के लिए उनका साथ देगी।’
एक बात साफ है कि मुझे सरदार के 2020 के टोक्यो ओलंपिक तक तो उनके टीम में होने की गुंजाइश नहीं है क्योंकि तब उम्र के उस पड़ाव पर होंगे जो कि इतने बड़े मुकाबले के लिए उनका साथ देगी।’