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'इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा आगाज किया तो बढ़ जाएगा हौसला'
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 19 Jul 2018 10:38 PM IST
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भारतीय हॉकी टीम
अपने जमाने के राइट आउट सीआर कुमार अब चीफ कोच सोएर्ड मराइन के साथ लंदन में महिला हॉकी विश्व कप में एरिक वूनिंक के साथ सहायक कोच की भूमिका निभाएंगे। आधिकारिक रूप से कुमार महिला हॉकी टीम के मैनेजर के रूप में साथ गए जिससे वह मैदान पर चीफ कोच मराइन को जरूरी सलाह देने के लिए मौजूद रहेंगे।
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कभी बतौर राइट आउट राम प्रकाश सिंह, मुकेश कुमार और धनराज पिल्लै के भारतीय हॉकी टीम में जगह के लिए संघर्ष करने के बार कुछ समय उन्हीं के साथ खेलने वाले सीआर कुमार ने 'अमर उजाला' से कहा, 'महिला हॉकी विश्व कप दुनिया का सबसे बड़ा और 'टफ' टूर्नामेंट है और इसमें जरा सी भी ढील की गुंजाइश नहीं है।
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हमारी भारतीय महिला हॉकी टीम की ताकत टीम उसका अनुभव और बढिय़ा तालमेल है। कप्तान स्ट्राइकर रानी रामपाल और वंदना कटारिया तथा अब रक्षापंक्ति में खेल रही दीपिका ठाकुर भारत के लिए दो-दो सौ से ज्यादा मैच साथ साथ खेल चुकी हैं। मिडफील्डर नमिता टोपो भी करीब डेढ़ सौ मैच खेल चुकी हैं। हमारी टीम में करीब दर्जन भर लड़कियां भारत के लिए 2010 से साथ-साथ खेल रही हैं। ऐसे में इन सभी के बीच तालमेल बेहतरीन इस विश्व कप में भारत के बहुत काम आएगा।
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इग्लैंड के खिलाफ राष्ट्रमंडल खेलों में हमने पहले मैच में उसे हराया लेकिन फिर 50 मिनट तक उसके खिलाफ अच्छा खेलने के बावजूद हम उससे जल्दी जल्दी गोल खाकर मैच हार गए। महिला विश्व कप में हमारे लिए मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा आगाज किया हमारा हौसला बढ़ जाएगा। हमारी लड़कियां कौशल में कहीं किसी से कम नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ टीम के पहले मैच की बाबत यही कहूंगा कि जो टीम दिन विशेष अच्छा खेलेगी वही जीतेगी। लंदन महिला विश्व कप में हमारी प्राथमिकता है क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचना और इसके बाद ही सोचेंगे कि आगे हमारा प्रतिद्वंद्वी कौन होगा।'
वह कहते हैं, 'हर टीम हर समय अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती है। हमें लंदन विश्व कप में एशिया की जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसी टीम के खेल को देखकर अगले महीने जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों के लिए बेहतर रणनीति बनाने का मौका मिलेगा। हम लंदन में महिला विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो हमें जकार्ता एशियाई खेलों में बढिय़ा प्रदर्शन का विश्वास मिलेगा। एशियाई खेलों की बढिय़ा तैयारी के लिए जापान ने अपनी एक टीम न्यूजीलैंड में उसके खिलाफ सीरीज खेलने भेजी थी। भारत की टीम आठ बरस के बाद पहली बार महिला विश्व कप में शिरकत करेगी और इसमें टीम अपनी अलग छाप छोडने को तैयार हैं।'