कोविड-19: अंग्रेजी क्लास, फिल्में और किताबों से मन बहला रहें हैं भारतीय हॉकी खिलाड़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले इन खिलाड़ियों को ब्रेक मिलना था, लेकिन फिर बंगलूरू स्थित साई सेंटर ही रहने को कहा गया। खिलाड़ी परिसर से बाहर नहीं जा सकते और ना ही कोई अनधिकृत व्यक्ति परिसर के भीतर आ सकता है। ऐसे में कड़े अभ्यास के बीच मनोरंजन के सभी के अपने तरीके हैं।
पुरुष टीम के सीनियर सदस्य गोलकीपर पीआर श्रीजेश किताबें पढ़कर समय काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो हमारा अभ्यास का रूटीन काफी व्यस्त है, लेकिन रविवार और बुधवार की शाम अवकाश रहता है। ऐसे में हम फिटनेस और रिकवरी पर ज्यादा ध्यान देते हैं। मैंने दा विंची कोड, हेलर केलर की आत्मकथा पढ़ डाली है और कुछ अच्छी किताबें और पढ़ना चाहता हूं।
केरल के रहने वाले श्रीजेश ने कहा कि ऐसे माहौल में खिलाड़ियों को घर की चिंता होना लाजमी है लिहाजा घरों पर वीडियो कॉल की संख्या भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मेरे पापा 60 से अधिक उम्र के हैं और बच्चे सात साल से छोटे हैं। मैने उन्हें घर से बिल्कुल बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है।
वहीं जालंधर के रहने वाले भारत के स्टार फॉरवर्ड मनदीप सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपनी अंग्रेजी सुधारने पर जोर दे रहे हैं, जिसके लिए होमवर्क भी मिलता है। उन्होंने कहा, 'क्रिस सिरिएलो (भारतीय टीम के विश्लेषण कोच) की पत्नी सप्ताह में एक बार खिलाड़ियों की अंग्रेजी की क्लास लेती हैं। हमें किताबें पढ़कर असाइमनमेंट करने होते हैं और इसमें मजा आ रहा है। मैं ओलंपिक पर आधारित किताब पढ़ रहा हूं।
सफाई और दूरी बनाए रखने के निर्देशों का पालन कर रहे हैं खिलाड़ी
भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता की मां उन्हें हरियाणा के सिरसा से वीडियो कॉल पर रोज कोरोना संक्रमण से बचने के लिए घरेलू नुस्खा देती हैं। सविता का कहना है कि साइ सेंटर के सुरक्षित माहौल में होने से घरवाले भी निश्चिंत हैं।
उन्होंने कहा कि हम अभ्यास के साथ टीम बॉन्डिंग पर काम कर रहे हैं। वहीं सारे चेहरे रोज होते हैं तो हम रूममेट बदलकर आपसी तालमेल और बेहतर कर रहे हैं। इसके अलावा तैराकी करते हैं। मनोरंजक खेलों की जिम्मेदारी भी कुछ खिलाड़ियों को दी गई है, जो कुछ ना कुछ नए खेल खिलाते हैं।
भारतीय महिला टीम ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन शाम पांच बजे परिसर के भीतर ही तालियां बजाकर कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष में जुटे लोगों को धन्यवाद दिया था। सविता ने कहा कि हम बाहर नहीं जा रहे और जाना भी नहीं चाहते, लेकिन हमें पता है कि हालात कितने कठिन है। हमें भी लगा कि पूरे देश के साथ इस मुहिम में जुड़ना चाहिए।
टीम की युवा खिलाड़ी नवनीत कौर ने बताया कि खिलाड़ी भी सफाई और दूरी बनाए रखने के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां हर जगह हैंडवॉश और सेनिटाइजर रखे हैं। हम जिम भी सेनिटाइज होने के बाद इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा दूरी भी बनाकर रख रहे हैं।
नवनीत ने बताया कि खाली समय में खिलाड़ियों ने मीटिंग रूम में कई मनपसंद फिल्में देख डालीं। उन्होंने कहा कि आम तौर पर हम बाहर शॉपिंग या मूवी के लिए ही जाते थे। हमने पिछले सप्ताह मिले समय में कई फिल्में देखीं, जिनमें पानीपत, प्यार का पंचनामा, वॉर आदि शामिल थी।