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44 साल में पहली बार: भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक साथ एशियाड में जीता सोना, ओलंपिक कोटा भी मिला
Sat, 03 Oct 2026 05:33 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 03 Oct 2026 05:33 PM IST
सार
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 1982 में महिला हॉकी के एशियाड में आने के बाद यह पहली बार है जब दोनों भारतीय टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में गोल्ड जीता और इसी के साथ लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का टिकट भी हासिल किया।
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महिला और पुरुष हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण
- फोटो : Twitter
विस्तार
भारतीय हॉकी के लिए एशियन गेम्स 2026 ऐतिहासिक बन गया है। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही एशियाड में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इसके साथ ही दोनों टीमों ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया। 1982 से महिला हॉकी एशियन गेम्स का हिस्सा है, जबकि पुरुष हॉकी 1958 से एशियन गेम्स का हिस्सा है। 1982 से अब तक 44 साल में यह पहली बार है जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता और साथ-साथ ओलंपिक का टिकट कटाया।
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महिला टीम ने 44 साल बाद जीता गोल्ड
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की ओर से लालरेमसियामी ने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच में 10वें मिनट में मैदानी गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने चीन के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया।
गोलकीपर सविता पुनिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चीन का पेनल्टी स्ट्रोक रोककर भारत की बढ़त बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने महिला हॉकी में इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अब 44 साल बाद भारत ने फिर महिला हॉकी में एशियाड गोल्ड जीता है।
महिला हॉकी में एशियाड में कब किसको कौन से पदक मिले?
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की ओर से लालरेमसियामी ने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच में 10वें मिनट में मैदानी गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने चीन के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया।
गोलकीपर सविता पुनिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चीन का पेनल्टी स्ट्रोक रोककर भारत की बढ़त बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने महिला हॉकी में इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अब 44 साल बाद भारत ने फिर महिला हॉकी में एशियाड गोल्ड जीता है।
महिला हॉकी में एशियाड में कब किसको कौन से पदक मिले?
| साल | मेजबान | स्वर्ण | रजत | कांस्य |
|---|---|---|---|---|
| 1982 | नई दिल्ली, भारत | भारत | दक्षिण कोरिया | मलयेशिया |
| 1986 | सियोल, दक्षिण कोरिया | दक्षिण कोरिया | जापान | भारत |
| 1990 | बीजिंग, चीन | दक्षिण कोरिया | चीन | जापान |
| 1994 | हिरोशिमा, जापान | दक्षिण कोरिया | जापान | चीन |
| 1998 | बैंकॉक, थाईलैंड | दक्षिण कोरिया | भारत | चीन |
| 2002 | बुसान, दक्षिण कोरिया | चीन | दक्षिण कोरिया | जापान |
| 2006 | दोहा, कतर | चीन | जापान | भारत |
| 2010 | ग्वांगझू, चीन | चीन | दक्षिण कोरिया | जापान |
| 2014 | इंचियोन, दक्षिण कोरिया | दक्षिण कोरिया | चीन | भारत |
| 2018 | जकार्ता, इंडोनेशिया | जापान | भारत | चीन |
| 2022 | हांगझोऊ, चीन | चीन | दक्षिण कोरिया | भारत |
| 2026 | नागोया, जापान | भारत | चीन | जापान |
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पुरुष टीम ने भी रचा इतिहास
महिला टीम के गोल्ड के बाद पुरुष टीम ने भी भारत को स्वर्ण दिलाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराया। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और मलयेशिया को कोई मौका नहीं दिया। पुरुष हॉकी एशियन गेम्स में 1958 से खेली जा रही है। भारत ने अब तक इस प्रतियोगिता में कई स्वर्ण पदक जीते हैं, लेकिन 2022 हांगझोउ के बाद 2026 में फिर गोल्ड जीतकर टीम ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में स्वर्ण अपने नाम किया है।
पुरुष हॉकी में एशियाड में कब किसको कौन से पदक मिले?
महिला टीम के गोल्ड के बाद पुरुष टीम ने भी भारत को स्वर्ण दिलाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराया। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और मलयेशिया को कोई मौका नहीं दिया। पुरुष हॉकी एशियन गेम्स में 1958 से खेली जा रही है। भारत ने अब तक इस प्रतियोगिता में कई स्वर्ण पदक जीते हैं, लेकिन 2022 हांगझोउ के बाद 2026 में फिर गोल्ड जीतकर टीम ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में स्वर्ण अपने नाम किया है।
पुरुष हॉकी में एशियाड में कब किसको कौन से पदक मिले?
| मेजबान | साल | स्वर्ण | रजत | कांस्य |
|---|---|---|---|---|
| टोक्यो, जापान | 1958 | पाकिस्तान | भारत | दक्षिण कोरिया |
| जकार्ता, इंडोनेशिया | 1962 | पाकिस्तान | भारत | मलाया |
| बैंकॉक, थाईलैंड | 1966 | भारत | पाकिस्तान | जापान |
| बैंकॉक, थाईलैंड | 1970 | पाकिस्तान | भारत | जापान |
| तेहरान, ईरान | 1974 | पाकिस्तान | भारत | मलयेशिया |
| बैंकॉक, थाईलैंड | 1978 | पाकिस्तान | भारत | मलयेशिया |
| नई दिल्ली, भारत | 1982 | पाकिस्तान | भारत | मलयेशिया |
| सियोल, दक्षिण कोरिया | 1986 | दक्षिण कोरिया | पाकिस्तान | भारत |
| बीजिंग, चीन | 1990 | पाकिस्तान | भारत | मलयेशिया |
| हिरोशिमा, जापान | 1994 | दक्षिण कोरिया | भारत | पाकिस्तान |
| बैंकॉक, थाईलैंड | 1998 | भारत | दक्षिण कोरिया | पाकिस्तान |
| बुसान, दक्षिण कोरिया | 2002 | दक्षिण कोरिया | भारत | मलयेशिया |
| दोहा, कतर | 2006 | दक्षिण कोरिया | चीन | पाकिस्तान |
| ग्वांगझू, चीन | 2010 | पाकिस्तान | मलयेशिया | भारत |
| इंचियोन, दक्षिण कोरिया | 2014 | भारत | पाकिस्तान | दक्षिण कोरिया |
| जकार्ता, इंडोनेशिया | 2018 | जापान | मलयेशिया | भारत |
| हांगझोऊ, चीन | 2022 | भारत | जापान | दक्षिण कोरिया |
| नागोया, जापान | 2026 | भारत | मलयेशिया | पाकिस्तान |
महिला हॉकी टीम।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
1982 के बाद पहली बार दोनों टीमों का डबल गोल्ड
महिला हॉकी ने 1982 में एशियन गेम्स में शुरुआत की थी। उस समय भारत ने ही स्वर्ण पदक जीता था। अब 2026 में, यानी 44 साल बाद, भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने एक ही एशियाड में स्वर्ण पदक जीता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि दोनों टीमों ने इसी प्रदर्शन के दम पर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल किया है। यानी 2026 का एशियाड भारतीय हॉकी के लिए सिर्फ दो स्वर्ण पदकों की कहानी नहीं है, बल्कि 44 साल में पहली बार पुरुष और महिला टीमों के एक साथ गोल्ड जीतने और एक साथ ओलंपिक कोटा हासिल करने का ऐतिहासिक मौका भी है।
महिला हॉकी ने 1982 में एशियन गेम्स में शुरुआत की थी। उस समय भारत ने ही स्वर्ण पदक जीता था। अब 2026 में, यानी 44 साल बाद, भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने एक ही एशियाड में स्वर्ण पदक जीता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि दोनों टीमों ने इसी प्रदर्शन के दम पर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल किया है। यानी 2026 का एशियाड भारतीय हॉकी के लिए सिर्फ दो स्वर्ण पदकों की कहानी नहीं है, बल्कि 44 साल में पहली बार पुरुष और महिला टीमों के एक साथ गोल्ड जीतने और एक साथ ओलंपिक कोटा हासिल करने का ऐतिहासिक मौका भी है।