सरकार ने टॉप्स में किया बदलाव, मनमाने ढंग से नहीं लुटाया जाएगा पैसा
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ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) स्कीम से बाहर होने के बाद अब अन्य दिग्गजों के इस स्कीम में शामिल होने की राह मुश्किल हो गई है। अभिनव बिंद्रा की अगुवाई वाली टॉप्स कमेटी ने टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए इस स्कीम के तहत खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया में बड़ा फेरबदल कर दिया है। कमेटी ने टॉप्स के तहत मदद पाने वाले खिलाड़ियों के लिए मानदंड निर्धारित कर दिए हैं। नए दिशा निर्देशों से लिएंडर पेस, मैरी कॉम, विजय कुमार, जैसे ओलंपिक मेडलिस्ट वेटरन खिलाड़ियों को खेल मंत्रालय से आर्थिक मदद हासिल करने के लिए अपने पुराने प्रदर्शन को एक बार फिर दोहराना होगा।
कमेटी की ओर से तय नए दिशा निर्देशों से एक बात साफ हो गई है कि रियो ओलंपिक से पहले मनमाने ढंग से खिलाड़ियों को बांटा गया पैसा इस बार नहीं दिया जाएगा। कमेटी ने तय किया है कि टॉप्स के तहत उन्हीं खिलाड़ियों की मदद की जाएगी जो उसकी ओर से निर्धारित मानदंडों पर खरे उतरेंगे। नए मानदंडों के तहत टॉप्स में उन्हीं को शामिल किया जाएगा जो रियो ओलंपिक के सेमीफाइनल तक पहुंचे हैं या फिर 12वें स्थान तक रहे हैं। साल 2017 में जिन खिलाड़ियों की वर्ल्ड रैंकिंग 40 स्थानों तक रही है। आर्चरी और शूटिंग में इस साल कम से कम एक वर्ल्ड कप में पदक जीतने वाले खिलाड़ी। बैडमिंटन के दो सुपर सीरीज टूर्नामेंटों के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले, इस साल ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड जीतने वाले शटलर, 2016-17 में दो ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले टेनिस खिलाड़ी टॉप्स में शामिल किए जाएंगे।
अगले वर्ष होने वाले एशियाई व कॉमनवेल्थ खेलों के पदक विजेता भी स्कीम में शामिल होंगे। एथलेटिक्स में एथलीटों के चयन को हर इवेंट में बेंच मार्क निर्धारित कर उनके प्रदर्शन का तुलनात्मक अध्ययन होगा। साथ ही उम्र, फिटनेस स्तर और पुरानी चोटों का इतिहास भी देखा जाएगा। अन्य खेलों में विशेष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी कमेटी टॉप्स में शामिल करेगी। कमेटी ने फैसला लिया है कि मंत्रालय की ओर से उच्च प्राथमिकता की श्रेणी में आने वाले खेलों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही खेल संघों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर देश और दुनिया के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। टोक्यो के लिए टायर-1 और 2024 ओलंपिक के लिए टायर-2 के तहत खिलाड़ियों की मदद की जाएगी। साथ ही कमेटी की ओर से खिलाड़ियों के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा की जाएगी।