{"_id":"a92e0a6c-e1f1-11e1-975e-d4ae52ba91ad","slug":"formula-one-challenge-cricket","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रिकेट को आते ही चुनौती दी फार्मूला वन ने","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
क्रिकेट को आते ही चुनौती दी फार्मूला वन ने
Updated Tue, 14 Aug 2012 10:07 AM IST
विज्ञापन
ऐसे में जब इंग्लैंड के साथ पांच वन-डे मैचों की सीरीज में स्टेडियम खाली पड़े थे, पहली इंडियन ग्रां प्री में 95 हजार रेस प्रेमियों की मौजूदगी से साफ हो गया कि भारत ने किसी गैर परंपरागत खेल की ओर अपना पहला कदम बेहद कामयाबी से बढ़ाया है। दोपहर बारह बजे के बाद भारी संख्या में रेस प्रेमियों का रुख बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट की तरफ हो गया था। रविवार को खाली रहने वाला नोएडा एक्सप्रेस-वे कारों और बसों से काफिले से भरा हुआ था। कुछ देर बाद जाम भी लगा। इसमें फंसने वाले बड़े नामों में स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह भी थे।
इंडियन ग्रां प्री पर पैसा लगाना बेहतर
उन्होंने अपने कजन की कार से ही ट्वीट किया कि वे बुरी तरह से जाम में फंसे हुए हैं। वह उम्मीद कर रहे हैं कि रेस से पहले पहुंच जाएंगे। ग्रैंड स्टैंड की ओर जा रहे रेस प्रेमी विजय मलिक बताते हैं कि वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली में होने वाला हर मैच देखते थे। लेकिन इस बार वह न इंग्लैंड के खिलाफ वन-डे देखने गए और न ही उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच का टिकट लिया है। इसकी बजाय उन्होंने पहली इंडियन ग्रां प्री पर पैसा लगाना बेहतर समझा। इंग्लैंड में शर्मनाक हार के बाद अब उन्हें क्रिकेट पहले ही तरह नहीं लुभाता।
फुटबाल के बाद फार्मूला वन सबसे बड़ा खेल
यकीनी तौर पर क्रिकेट के इस देश में पहली एफ-वन में मौजूद भीड़ साबित करती है कि इसकी शुरुआत अच्छी हुई है। हालांकि यह देखना बाकी है कि अगले साल इसका आयोजन और कैसे बेहतर हो सकता है। क्योंकि इस बार कुत्तों की मौजूदगी से लेकर बार-बार बत्ती जाने जैसी छोटी-छोटी बातों ने इतनी बड़ी कोशिश को छोटा कर दिया। फुटबाल के बाद फार्मूला वन सबसे बड़ा खेल है। पिछले साल करीब 527 मिलियन लोगों ने टीवी पर इसे देखा था। भारत शायद कभी वर्ल्ड कप फुटबाल का आयोजन नहीं करा पाएंगा और ओलंपिक की मेजबानी भी उसके लिए दूर की कौड़ी है। इस लिहाज से यह भारत की एकमात्र वर्ल्ड चैंपियनशिप ही कही जाएगी।
विज्ञापन
क्रिकेट की तरह पॉपुलर होगा एफ-वन
एफ-वन भारत में उतना ही लोकप्रिय है जितना फ्रांस में क्रिकेट लेकिन आने वाले सालों में चीजें बहुत तेजी से बदलेंगी। मीडिया का कवरेज जबरदस्त रहा और यहां के लोग स्पोर्ट्स के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते हैं।
बर्नी एक्लेस्टोन, फार्मूला-वन बॉस
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
इंडियन ग्रां प्री पर पैसा लगाना बेहतर
उन्होंने अपने कजन की कार से ही ट्वीट किया कि वे बुरी तरह से जाम में फंसे हुए हैं। वह उम्मीद कर रहे हैं कि रेस से पहले पहुंच जाएंगे। ग्रैंड स्टैंड की ओर जा रहे रेस प्रेमी विजय मलिक बताते हैं कि वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली में होने वाला हर मैच देखते थे। लेकिन इस बार वह न इंग्लैंड के खिलाफ वन-डे देखने गए और न ही उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच का टिकट लिया है। इसकी बजाय उन्होंने पहली इंडियन ग्रां प्री पर पैसा लगाना बेहतर समझा। इंग्लैंड में शर्मनाक हार के बाद अब उन्हें क्रिकेट पहले ही तरह नहीं लुभाता।
विज्ञापन
फुटबाल के बाद फार्मूला वन सबसे बड़ा खेल
यकीनी तौर पर क्रिकेट के इस देश में पहली एफ-वन में मौजूद भीड़ साबित करती है कि इसकी शुरुआत अच्छी हुई है। हालांकि यह देखना बाकी है कि अगले साल इसका आयोजन और कैसे बेहतर हो सकता है। क्योंकि इस बार कुत्तों की मौजूदगी से लेकर बार-बार बत्ती जाने जैसी छोटी-छोटी बातों ने इतनी बड़ी कोशिश को छोटा कर दिया। फुटबाल के बाद फार्मूला वन सबसे बड़ा खेल है। पिछले साल करीब 527 मिलियन लोगों ने टीवी पर इसे देखा था। भारत शायद कभी वर्ल्ड कप फुटबाल का आयोजन नहीं करा पाएंगा और ओलंपिक की मेजबानी भी उसके लिए दूर की कौड़ी है। इस लिहाज से यह भारत की एकमात्र वर्ल्ड चैंपियनशिप ही कही जाएगी।
विज्ञापन
क्रिकेट की तरह पॉपुलर होगा एफ-वन
एफ-वन भारत में उतना ही लोकप्रिय है जितना फ्रांस में क्रिकेट लेकिन आने वाले सालों में चीजें बहुत तेजी से बदलेंगी। मीडिया का कवरेज जबरदस्त रहा और यहां के लोग स्पोर्ट्स के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते हैं।
बर्नी एक्लेस्टोन, फार्मूला-वन बॉस
अमर उजाला ब्यूरो