फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Former Davis Cup captain and Leander Paes Mentor Naresh Kumar passes away at age of 93

दुखद: डेविस कप के पूर्व कप्तान नरेश कुमार का निधन, लिएंडर पेस के मेंटर भी रह चुके

Wed, 14 Sep 2022 09:14 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 14 Sep 2022 09:14 PM IST
सार

नरेश कुमार ने करियर के पांच एकल खिताब जीते। इनमें आइरिश चैंपियनशिप (1952 और 1953), वेल्श चैंपियनशिप (1952), एसेक्श चैंपियनशिप (1957) और अगले वर्ष वेंजेन टूर्नामेंट स्विट्जरलैंड में जीता।

विज्ञापन
Former Davis Cup captain and Leander Paes Mentor Naresh Kumar passes away at age of 93
लिएंडर पेस और नरेश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

डेविस कप के कप्तान और लिएंडर पेस के मेंटर रहे पूर्व टेनिस खिलाड़ी नरेश कुमार का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी सुनीता, पुत्र अर्जुन और दो बेटियां गीता और प्रीआह हैं। वे पिछले हफ्ते से उम्र से संबंधित परेशानियों से जूझ रहे थे। नरेश कुमार की कप्तानी में डेविस कप में पदार्पण करने वाले जयदीप मुखर्जी ने कहा- आज हमने महान संरक्षक को खो दिया है।
विज्ञापन


नरेश कुमार का जन्म अविभाजित भारत के लाहौर में 22 दिसंबर 1928 में हुआ था। उन्होंने 1949 में एशियन टेनिस चैंपियनशिप से अंतरराष्ट्रीय टेनिस की शुरुआत की थी। 1950 के दशक में रामनाथन कृष्णन के साथ एक दशक तक भारतीय टेनिस पर उन्होंने राज किया। 1952 में उन्होंने कप्तान के रूप में डेविस कप में पदार्पण किया। वह 1955 में विंबलडन के चौथे दौर तक पहुंचे, जहां नंबर एक खिलाड़ी अमेरिका के टोनी ट्रैबर्ट से हार गए थे। बतौर अमेच्योर खिलाड़ी नरेश कुमार ने विंबलडन के रिकॉर्ड 101 मैच खेले।
विज्ञापन


पांच एकल खिताब भी जीते
नरेश कुमार ने करियर के पांच एकल खिताब जीते। इनमें आइरिश चैंपियनशिप (1952 और 1953), वेल्श चैंपियनशिप (1952), एसेक्श चैंपियनशिप (1957) और अगले वर्ष वेंजेन टूर्नामेंट स्विट्जरलैंड में जीता। वह 1969 में एशियन चैंपियनशिप को फाइनल खेले। 1990 में उन्हें गैर खिलाड़ी के रूप में डेविस कप की कप्तानी की। उसमें 16 वर्षीय लिएंडर पेस टीम का हिस्सा थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फ्रांस के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में पांचवां मैच जीतने के बाद जब लिएंडर पेस ने उन्हें गले लगाया तो वह काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने अर्जुन पुरस्कार जीता। इसके अलावा वह पहले टेनिस कोच बने जिन्हें आजीवन उपलब्धि के लिए 2000 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिला। लिएंडर पेस ने अपने चाचा नरेश कुमार को द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिलने पर कहा था- श्रेष्ठ शिक्षक किताब से नहीं, दिल से पढ़ाते हैं।

  
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- नरेश कुमार के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उन्हें प्यार से एक महान टेनिस खिलाड़ी के रूप में याद किया जाएगा। मेरा दिल उनके परिवार और प्रियजनों के साथ है। उन्हें इस कठिन समय में ताकत मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed