Asian Games: भारतीय फुटबॉल कोच स्टीमैक ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, एशियन गेम्स में टीम भेजने की अनुमति मांगी
इगर स्टिमैक ने अपने खत में कहा है कि उनकी टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और सभी खिलाड़ी देश के लिए खेलना चाहते हैं। भारतीय फुटबॉल टीम ने हाल ही सैफ चैंपियनशिप जीती है।
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स्टिमैक ने अपने ट्वीट में लिखा "माननीय प्रधान मंत्री जी से एक विनम्र अपील और ईमानदार अनुरोध। नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर जी। कृपया हमारी फुटबॉल टीम को एशियाई खेलों में भाग लेने की अनुमति दें।
हम अपने राष्ट्र के गौरव और तिरंगे के लिए लड़ेंगे! जय हिन्द!" इस ट्वीट के साथ ही उन्होंने उस खत की तस्वीरें शेयर की हैं, जो उन्होंने दोनों नेताओं को लिखा है।
A humble appeal and sincere request to Honourable Prime Minister Sri @narendramodi ji and Hon. Sports Minister @ianuragthakur, to kindly allow our football team to participate in the Asian games 🙏🏽
We will fight for our nation’s pride and the flag! 🇮🇳
Jai Hind!#IndianFootball pic.twitter.com/wxGMY4o5TN — Igor Štimac (@stimac_igor) July 17, 2023
स्टिमैक ने अपने पत्र में लिखा "माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मुझे नहीं पता कि किसी ने आपको एशियाई खेलों में शामिल हो रही राष्ट्रीय टीमों के बारे में बताया है या नहीं। इस प्रतियोगिता में सबसे जरूरी और बड़े वैश्विक खेल फुटबॉल की टीम को भाग लेने और भारतीय झंडे का प्रतिनिधित्व करने से रोक दिया गया है। भारत ने 2017 में अंडर-17 फीफा विश्व कप की मेजबानी की थी और देश में अच्छे युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में बड़ा निवेश किया था। आपने हमेशा ही भारत के फीफा विश्व कप खेलने के सपने का समर्थन किया है। मुझे यकीन है कि अब तक जैसे आपका समर्थन मिला है, वैसे ही आगे भी मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं, जब भारतीय टीम वैश्विक स्तर पर फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल होगी। एक राष्ट्रीय टीम के रूप में हमने पिछले चार साल में जमकर मेहनत की है और कुछ यादगार उपलब्धियां भी हासिल की हैं। हमने यह साबित किया कि सभी का समर्थन मिलने पर हम और बेहतर कर सकते हैं। भारतीय फुटबॉल के बारे में सोचने वाले सभी फैंस को फ्रांस में एम्बाप्पे को लेकर आपके भाषण ने खासा प्रेरित किया।"
"मैं आपका ध्यान इस विषय पर लाना चाहता हूं कि 2017 में अंडर-17 विश्व कप खेलने वाली हमारी टीम, जिसने अंडर-23 विश्व कप क्वालिफायर में भी कमाल का प्रदर्शन किया। यह टीम बेहद प्रतिभाशाली है और अब इसे एशियाई खेलों में भाग लेने से वंचित कर दिया गया है। इस टीम को भाग लेने की जरूरत है और यह इनका हक भी है। भारतीय टीम को बाहर करने की जो वजह बताई गई है, वह गलत (अन्यायपूर्ण) है। भारत की राष्ट्रीय टीम का कोच होने के नाते मुझे लगता है कि इस विषय को तुरंत आपके और माननीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के संज्ञान में लाने की जरूरत है। ताकि आप हस्तक्षेप कर सकें और भारतीय टीम को एशियन गेम्स में भाग लेने में मदद कर सकें। इस खेल के लिए एक अरब लोगों की उम्मीदें और प्रार्थनाएं हैं और हमें ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने की जरूरत है। रैंकिंग के आधार पर हमारा खुद का मंत्रालय हमें भाग लेने से रोक रहा है। जबकि तथ्य यह है कि हमारी फुटबॉल टीम कई अन्य खेलों की टीम से बेहतर है, जो इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। इसके अलावा इतिहास और आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि फुटबॉल ऐसा खेल है, जहां कम रैंक वाली टीम के पास शीर्ष टीमों को हराने का मौका होता है।"
"ऐसे में पूरे फुटबॉल जगत की तरफ से मेरी मांग है कि हमारी फुटबॉल टीम को एशियाई खेलों में भाग लेने की अनुमति दी जाए। हम अपने देश के गर्व और तिरंगे के लिए लड़ेंगे। जय हिंद!"