रद्द हो सकती है रूस और कतर की फीफा वर्ल्ड कप मेजबानी
अगर विश्व कप मेजबानी प्रक्रिया में रिश्वत दिए जाने के आरोप साबित हो जाते हैं तो रूस और कतर की फीफा विश्व कप मेजबानी खतरे में पड़ सकती है।
फीफा की लेखा परीक्षण एवं अनुपालन समिति चेयरमैन डोमेनिको स्केला ने स्विस मीडिया से कहा है कि यदि इस बात के पक्के सबूत मिल गए कि रूस और कतर को खरीदे गए वोटों से मेजबानी के अधिकार हासिल हुए हैं तो दोनों देशों की मेजबानी छिन भी सकती है।
हालांकि अभी तक इस तरह के कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। फीफा में भ्रष्टाचार की जांच एफबीआई कर रही है। 2018 में रूस और 2022 में कतर को मेजबानी दिए जाने के पीछे भ्रष्टाचार होने के आरोप लग रहे हैं। रूस और कतर दोनों इस बात से इनकार कर रहे हैं कि मेजबानी हासिल करने के लिए कुछ गलत हुआ।
संदिग्ध ई-मेल से फीफा की मुश्किलें बढ़ी
फीफा की एक कथित पुरानी ई-मेल ने विश्व फुटबॉल संस्था के लिए नई मुश्किलें खड़ीं कर दी हैं। दक्षिण अफ्रीकी मीडिया की रिपोर्ट में दिसंबर 2007 की ई-मेल का हवाला देते हुए कई बातों का दावा किया गया है।
इसमें पता चला है कि फीफा महासचिव जेरोम वेलके की ओर से द. अफ्रीकी सरकार को भेजी गई ई-मेल में पूछा गया था कि फीफा, द.अफ्रीकी सरकार, ब्लाटर और म्बेकी के बीच हुए विचार-विमर्श पर आधारित दस मिलियन डॉलर कब ट्रांसफर किए जाएंगे।
अमेरिकी जांचकर्ताओं का आरोप है कि 2010 विश्व कप की मेजबानी को लेकर भ्रष्टाचार हुआ था। हालांकि फीफा और दक्षिण अफ्रीकी सरकार का कहना है कि ये पैसा वैध रूप से कैरेबियाई रीजन में फुटबॉल विकास के लिए दिया गया था।