खेल के पहले अंतरराष्ट्रीय आईकॉन जिनका खेल देखने को रूक गई लड़ाई
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जब तक फुटबॉल दुनिया में जीवित है पेले का नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। वो शुक्रवार को 75 साल के हो गए।
विश्व कप जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी पेले ने, 1958 में स्वीडन विश्व कप के समय लाजवाब खेल दिखाया था। जब ब्राजील ने कप जीता था तो उनकी उम्र महज 17 साल थी फाइनल में स्वीडन के खिलाफउन्होंने दो शानदार गोल दागे थे।
पेले गजब के एथलीट थे तेजी से गति बदलते थे स्पॉट जंप करते थे दाएं और बाएं दोनों पैरों से शॉट ले सकते थे। वे वॉली भी ले सकते थे वे एक पूर्ण फुटबॉलर थे। वे गेंद को डिस्ट्रीब्यूट भी कर सकते थे और गोल भी कर सकते थे जब वे 1970 का विश्व कप खेले तो एक डिस्ट्रीब्यूटर ज्यादा थे।
शुरू में वो गोल स्कोरर ज्यादा थे और अपने बाद के खेल में वो डिस्ट्रीब्यूटर बन गए। एक ऐसे संपूर्ण खिलाड़ी थे जिनके जैसा दूसरा नहीं हुआ। मैराडोना भी एक बेहतरीन खिलाड़ी थे अपने हेडर से उन्होंने खास पहचान बनाई लेकिन पेले का मुकाबला नहीं था।
वे उस जमाने में खेले जब रेफरी से इतनी सुरक्षा नहीं मिलती थी। तब पीला और लाल कार्ड था नहीं और काफी सख्त टैकलिंग मैदान में होती थी। पेले ने सिर्फ ब्राजील को पहली बार विश्व कप जितवाया बल्कि ब्राजील की नई शैली की फुटबॉल के लिए दुनिया भर में तारीफ भी बटोरी।
पेले का खेल देखने के लिए रुक गया था गृह युद्ध भी
पेले और उनके साथी गारिंचा ने ब्राजील की फुटबॉल को आकर्षक शैली दी। पेले ने एक युवा खिलाड़ी होते हुए एक जादूगर की तरह गोल दागे। उनका क्लब सेंटोस पूरा दुनिया में टूर करता था वे जहाँ जाते, उन्हें देखने के लिए स्टेडियम भर जाते।
कहते हैं नाइजीरिया में पेले का खेल देखने के लिए गृह युद्ध भी रुक गया था लड़ रहे दोनों ही समूह पेले का खेल देखना चाहते थे। पेले सिर्फ फुटबॉल ही नहीं बल्कि किसी भी खेल के पहले अंतरराष्ट्रीय आईकॉन थे उनके बाद मुक्केबाज मोहम्मद अली ने ये मुकाम हासिल किया।
फुटबॉल में पेले के रिकॉर्ड तोड़ना भी नामुमकिन होगा उन्होंने अपने देश को तीन विश्व कप जिताए। 1958, 1962 और 1970 का विश्व कप उन्होंने ब्राजील को जिताया। वे कुल चार विश्व कप खेले लेकिन 1966 में चोट के कारण अपना फॉर्म नहीं दिखा पाए और ब्राजील जल्दी ही खेल से बाहर हो गया। उनकी वजह से अफ्रीका और एशिया में फुटबॉल को जबरदस्त प्रचार मिला।