फीफा विश्वकप में कल क्या हुआ और आज क्या?: माइटी स्पेन 16 साल बाद फाइनल में; अब इंग्लैंड की टक्कर अर्जेंटीना से
स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर 16 साल बाद फाइनल में जगह बना ली। मिकेल ओयारजाबाल और पेड्रो पोरो ने गोल दागे, जबकि स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति ने किलियन एमबाप्पे की अगुआई वाले फ्रांस को बेअसर रखा। अब फाइनल में स्पेन का सामना इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
विस्तार
फीफा विश्व कप 2026 को अपना पहला फाइनलिस्ट मिल गया है। स्पेन ने डलास स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली। 2010 में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार विश्व चैंपियन बनने वाली स्पेनिश टीम अब दूसरी बार खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। अब पूरी दुनिया की नजर दूसरे सेमीफाइनल पर है, जहां मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले का विजेता 20 जुलाई को स्पेन से विश्व कप ट्रॉफी के लिए भिड़ेगा।
स्पेन ने फ्रांस को नहीं दिया संभलने का मौका
- मैच की शुरुआत में फ्रांस को हल्का-सा फेवरेट माना जा रहा था, लेकिन मैदान पर स्पेन पूरी तरह हावी दिखाई दिया। स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और फ्रांस के आक्रमण को लगातार विफल किया।
- 22वें मिनट में लामिन यामाल बॉक्स के अंदर फाउल हुए और स्पेन को पेनल्टी मिली। मिकेल ओयारजाबाल ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
- दूसरे हाफ के 58वें मिनट में स्पेन ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। डानी ओल्मो के साथ शानदार वन-टू खेलने के बाद पेड्रो पोरो ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को निचले कोने में पहुंचा दिया।
- इसके बाद फ्रांस ने वापसी की कोशिश की, लेकिन स्पेन की रक्षापंक्ति और गोलकीपर उनाई सिमोन ने कोई मौका नहीं दिया।
- फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे ने कई बार तेज काउंटर अटैक के जरिए खतरा पैदा करने की कोशिश की, लेकिन स्पेन के डिफेंडरों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
- गोलकीपर उनाई सिमोन ने स्वीपर-कीपर की भूमिका शानदार ढंग से निभाई, जबकि मार्क कुकुरेला ने एमबाप्पे के खिलाफ अहम टैकल कर फ्रांस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
- मैच खत्म होते ही स्पेनिश खिलाड़ियों और समर्थकों के बीच जश्न शुरू हो गया, जबकि फ्रांस के लिए लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने का सपना टूट गया। अब फ्रांस तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा।
- स्पेन ने पिछली बार 2010 में विश्व कप का फाइनल खेला था, जहां उसने नीदरलैंड को हराकर पहली बार ट्रॉफी जीती थी।
- इसके बाद टीम कई बड़े टूर्नामेंट में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी, लेकिन इस बार उसने शानदार प्रदर्शन करते हुए फिर से फाइनल में जगह बना ली है।
- पूरे टूर्नामेंट में स्पेन की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत रक्षा पंक्ति रही है। सात मैचों में उसने छह बार क्लीन शीट रखी है और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ दो गोल खाए हैं।
- दूसरा सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार 16 जुलाई को रात 12:30 बजे अटलांटा स्टेडियम में खेला जाएगा। एक तरफ होगा मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना, जिसकी अगुआई महान खिलाड़ी लियोनल मेसी कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इंग्लैंड अपनी दूसरी विश्व कप फाइनल की तलाश में उतरेगा।
- इंग्लैंड ने इस विश्व कप में लगातार संघर्ष करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया है। टीम ने नॉकआउट चरण में कांगो डीआर, मेक्सिको और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमों को हराया। कप्तान हैरी केन और जूड बेलिंघम शानदार लय में हैं।
- वहीं अर्जेंटीना के लिए मेसी अब तक रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कई अहम गोल किए हैं और टीम को लगातार दूसरी बार फाइनल तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में अतिरिक्त समय में जीत दर्ज कर अर्जेंटीना ने अपना जुझारू अंदाज भी दिखाया।
एक ओर तकनीकी रूप से मजबूत और संतुलित इंग्लैंड है, तो दूसरी ओर बड़े मैचों का अनुभव रखने वाली अर्जेंटीना। दोनों टीमों के बीच मुकाबला विश्व कप के सबसे बड़े मैचों में से एक माना जा रहा है। इस मैच का विजेता रविवार को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी में स्पेन के खिलाफ विश्व चैंपियन बनने के लिए उतरेगा।