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FIFA WC 2022: कतर में कैमल फ्लू का खतरा, रुक सकता है फीफा विश्व कप, दर्शक में बीमारी की चपेट में आने का डर
Sun, 27 Nov 2022 01:37 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दोहा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दोहा
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 27 Nov 2022 01:37 PM IST
सार
फीफा विश्व कप के बीच कतर में कैमल फ्लू का खतरा बढ़ गया है। दर्शकों के बीच यह बीमारी फैलने का खतरा है। इसका असर फीफा विश्व कप में पड़ सकता है। ऐसा हुआ तो कतर को बड़ा नुकसान होगा।
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मैच से पहले अर्जेंटीना के फैंस
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि फीफा विश्व कप के दौरान कतर में कैमल फ्लू भी फैल सकता है। यह बीमारी कोरोनवायरस और मंकीपॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों की तरह खतरनाक है। फीफा विश्व कप की वजह से दुनियाभर के फुटबॉल फैन इस देश में पहुंचे हैं और इन दर्शकों के बीच कैमल फ्लू फैलने का खतरा है।
न्यू माइक्रोब्स एंड न्यू इंफेक्शन नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पाया कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक कतर में 2022 फीफा विश्व कप देखने के लिए उमड़ रहे हैं, लेकिन इससे संक्रामक रोग का खतरा बढ़ गया है। फैंस स्थानीय लोगों के साथ-साथ खिलाड़ी भी कैमल फ्लू की चपेट में आ सकते हैं।
कैमल फ्लू के अलावा भी कई बीमारियां फैंस के बीच फैल सकती हैं। अध्ययन के अनुसार, वेक्टर-जनित रोग जैसे कि त्वचीय लीशमैनियासिस, मलेरिया, डेंगू, रेबीज, खसरा, हेपेटाइटिस ए और बी के फैलने का खतरा कतर में बना हुआ है। हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक ऐसे वायरस की पहचान की है, जो आने वाले समय में महामारी पैदा कर सकता है।
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दुनिया भर से लगभग 1.2 मिलियन लोग विश्व कप देखने के लिए कतर पहुंचेंगे करेंगे। फीफा विश्व कप कोरोना महामारी का असर कम होने के बाद सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में से एक है। इससे खाड़ी देश की 2.8 मिलियन की आबादी में 1.2 मिलियन और लोग जुड़ रहे हैं।
अध्ययन में कहा गया है कि जहां कतर ने अपने स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की घटना के लिए तैयार किया था, वहीं निरंतर निगरानी और संक्रमण के फैलने पर अध्ययन महत्वपूर्ण था। "उपर्युक्त जोखिमों को कम करने के लिए, टूर्नामेंट के आगंतुकों के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। साथ ही भोजन और पेय के सुरक्षित उपयोग के नियमों का पालन करना चाहिए।"
कतर की यात्रा करने वाले विश्व कप के प्रशंसकों को भी ऊंटों को छूने से बचने की सलाह दी गई है, जिन्हें घातक संक्रमण फैलने का खतरा है। यूके स्थित वेबसाइट आईएफएल साइंस के एक लेख के अनुसार, एमईआरएस को पहली बार 2012 में सऊदी अरब में पाया गया था, जो कतर की सीमा में है, और तब से 27 अलग-अलग देशों में 935 लोगों की मौत इसकी वजह से हुई है। इसके कुल 2,600 मामले सामने आए हैं।
अधिकांश एमईआरएस संक्रमण के मामलों में संक्रमित के अंदर बुखार, सांस की तकलीफ और खांसी जैसे हल्के लक्षण होते हैं। कॉमरेडिटी वाले लोगों को गंभीर संक्रमण हो सकता है।
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न्यू माइक्रोब्स एंड न्यू इंफेक्शन नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पाया कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक कतर में 2022 फीफा विश्व कप देखने के लिए उमड़ रहे हैं, लेकिन इससे संक्रामक रोग का खतरा बढ़ गया है। फैंस स्थानीय लोगों के साथ-साथ खिलाड़ी भी कैमल फ्लू की चपेट में आ सकते हैं।
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कैमल फ्लू के अलावा भी कई बीमारियां फैंस के बीच फैल सकती हैं। अध्ययन के अनुसार, वेक्टर-जनित रोग जैसे कि त्वचीय लीशमैनियासिस, मलेरिया, डेंगू, रेबीज, खसरा, हेपेटाइटिस ए और बी के फैलने का खतरा कतर में बना हुआ है। हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक ऐसे वायरस की पहचान की है, जो आने वाले समय में महामारी पैदा कर सकता है।
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दुनिया भर से लगभग 1.2 मिलियन लोग विश्व कप देखने के लिए कतर पहुंचेंगे करेंगे। फीफा विश्व कप कोरोना महामारी का असर कम होने के बाद सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में से एक है। इससे खाड़ी देश की 2.8 मिलियन की आबादी में 1.2 मिलियन और लोग जुड़ रहे हैं।
अध्ययन में कहा गया है कि जहां कतर ने अपने स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की घटना के लिए तैयार किया था, वहीं निरंतर निगरानी और संक्रमण के फैलने पर अध्ययन महत्वपूर्ण था। "उपर्युक्त जोखिमों को कम करने के लिए, टूर्नामेंट के आगंतुकों के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। साथ ही भोजन और पेय के सुरक्षित उपयोग के नियमों का पालन करना चाहिए।"
कतर की यात्रा करने वाले विश्व कप के प्रशंसकों को भी ऊंटों को छूने से बचने की सलाह दी गई है, जिन्हें घातक संक्रमण फैलने का खतरा है। यूके स्थित वेबसाइट आईएफएल साइंस के एक लेख के अनुसार, एमईआरएस को पहली बार 2012 में सऊदी अरब में पाया गया था, जो कतर की सीमा में है, और तब से 27 अलग-अलग देशों में 935 लोगों की मौत इसकी वजह से हुई है। इसके कुल 2,600 मामले सामने आए हैं।
अधिकांश एमईआरएस संक्रमण के मामलों में संक्रमित के अंदर बुखार, सांस की तकलीफ और खांसी जैसे हल्के लक्षण होते हैं। कॉमरेडिटी वाले लोगों को गंभीर संक्रमण हो सकता है।